महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया: राष्ट्रव्यापी अभियान में आहार विविधता,  खाने में पर्याप्त प्रोटीन और ताजे पके भोजन पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा आंगनवाड़ी केंद्र जीवंत सामुदायिक संस्थान बने

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास ने कहा 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों और 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं

श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने लोगों से 2047 तक सुपोषित भारत और विकसित भारत की दिशा में पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया

प्रविष्टि तिथि: 09 SEP 2026 4:44PM by PIB Delhi

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आज 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में शुभारंभ किया। हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी विषय के तहत इस एक महीने के पोषण माह का उद्घाटन राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के रूप में किया गया।

9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य के साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, विकास भागीदार, अग्रिम पंक्ति के सेवा प्रदाता कर्मी और लाभार्थियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विशेष संबोधन में पोषण अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर पोषण सेवा मजबूत बनाने में आंगनवाड़ी केंद्रों की परिवर्तनकारी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और अग्रिम पंक्ति के समर्पित सेवा प्रदाताओं की  भूमिका बेहद अहम है। श्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले कुछ वर्षों में हुए महत्वपूर्ण सुधारों की चर्चा करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को उन्नत और नवीनीकृत किया गया है और उन्हें बेहतर बुनियादी ढांचे और शिक्षण वातावरण के साथ जीवंत सामुदायिक संस्थानों में बदला गया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अब वास्तविक समय में डेटा प्रविष्टि और डिजिटल निगरानी द्वारा बेहतर सेवा वितरण संभव हो गया है। श्री योगी आदित्यनाथ ने पूरक पोषण सेवा सुदृढ़ीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र अब पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से गर्म पका भोजन और घर ले जाने हेतु राशन प्रदान कर रहे हैं, जिससे पूरे राज्य में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर पोषण मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि पोषण कभी व्यर्थ नहीं जाता, क्योंकि इससे स्वस्थ बच्चों, सशक्त परिवारों और मजबूत राष्ट्र के रूप में जीवनपर्यन्त लाभ मिलता है।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने अपने मुख्य संबोधन में, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण द्वितीय चरण  द्वारा पोषण परिणामों में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अभी 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और लगभग 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और आरंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने जीवन के पहले 1000 दिनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकार दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के रुप में उन्नत बना रही है, जिनमें उत्तर प्रदेश में लगभग 24 हजार केंद्रों को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कार्यान्वयन के दस वर्ष पूरे हो गए हैं और इसके तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण द्वारा अब तक देश भर में 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आहार विविधता, भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा, ताजा पका भोजन, स्वच्छता और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास में सुधार के लिए सामुदायिक भागीदारी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने 2047 तक सुपोषित और विकसित भारत की भविष्य योजना साकार करने के लिए लोगों से पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया, जिनके केंद्रों को फिल्मों में दर्शाया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेष खंड में ताजा पका भोजन, घर ले जाने वाले राशन, गृह भ्रमण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल तथा शिक्षा से संबंधित लाभार्थियों के अनुभव संबंधी वीडियो फिल्म दिखाई गई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने अपने संबोधन में समुदायों, पंचायती राज संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और परिवारों से पोषण आंदोलन में सक्रियता से भाग लेने और पोषण और बाल देखभाल सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने का आह्वान किया।

महिला एवं बाल विकास सचिव श्री अनिल मलिक ने अपने स्वागत संबोधन में  उल्लेख किया कि पोषण अभियान एक सरकारी कार्यक्रम से व्यापक होकर अब राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बन गया है।  उन्होंने कहा कि इसके अगले चरण में सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही और मजबूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में संस्थागत और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को बेहतर सेवा गुणवत्ता में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ से पहले, गणमान्य व्यक्तियों ने वहां आयोजित पोषण मेला देखा जिसमें पोषण-केंद्रित नवाचार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ और आंगनवाड़ी केंद्रों की सर्वोत्तम प्रथाएं प्रदर्शित की गई हैं।

इस अवसर पर पोषण माह 2026 पर एक विशेष दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसके  उपरांत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने औपचारिक रूप से इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें देश भर में मातृ स्वास्थ्य और पोषण परिणामों में सुधार लाने में योजना के लाभ दर्शाए गए।

2018 में पोषण अभियान आरंभ होने के बाद से ही पोषण माह, पोषण पखवाड़ा और अन्य सामुदायिक सहभागिता पहल द्वारा 150 करोड़ से अधिक जन आंदोलन गतिविधियां आयोजित की गई हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2026 देश भर में 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा:

  • आहार में विविधता और भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा
  • आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा गरम भोजन उपलब्ध कराना
  • आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और पूरक पोषण कार्यक्रम मेनू बोर्डों के माध्यम से सामुदायिक स्वामित्व
  • बाल विकास से संबंधित पोषण और प्रारंभिक प्रोत्साहन
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम

एक महीने के राष्ट्रीय पोषण माह अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ सामुदायिक जुड़ाव मजबूत बनाना और बेहतर पोषण, मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के लिए सामूहिक कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है, जिससे सुपोषित भारत के विचार को बल मिले।

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पीके/केसी/एकेवी/केएस


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