वित्त मंत्रालय
एनपीसीआई इंटरनेशनल और उज्बेकिस्तान के एनआईपीसी ने ‘यूजेडक्यूआर’ के माध्यम से पूरे उज्बेकिस्तान में यूपीआई भुगतान सक्षम करने के लिए साझेदारी की
भारतीय पर्यटक, व्यावसायिक यात्री और विद्यार्थी उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रीय अंतर-संचालनीय क्यूआर कोड ‘यूजेडक्यूआर’ को स्कैन करके तुरंत व्यापारियों को भुगतान कर सकते हैं
एनआईपीएल और उज़्बेकिस्तान की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली के बीच यह साझेदारी यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुंच की विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाती है
प्रविष्टि तिथि:
31 AUG 2026 4:14PM by PIB Delhi
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने 30 अगस्त 2026 को उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली एचयूएमओ के संचालक ‘नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर जेएससी’ (एनआईपीसी) के साथ एक वाणिज्यिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भारतीय यात्रियों को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय अंतर-संचालनीय क्यूआर कोड ‘यूजेडक्यूआर’ को अपने परिचित यूपीआई-सक्षम ऐप का उपयोग करके स्कैन करने और देशभर में व्यापारियों को त्वरित भुगतान करने की सुविधा देती है।
यह घोषणा भारत के प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान की गई। यह समझौता भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और उज्बेकिस्तान के केंद्रीय बैंक (सीबीयू) सहित संबंधित वित्तीय नियामकों से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त होने के बाद किया गया है। इन नियामकों ने एचयूएमओ को सीमा-पार मर्चेंट भुगतान स्वीकार करने के लिए एनआईपीएल PL के अधिकृत साझेदार के रूप में नामित किया है।
समझौते की प्रमुख बातें
- व्यापारियों द्वारा सार्वभौमिक भुगतान स्वीकृति:
सीबीयू द्वारा अनिवार्य एकीकृत राष्ट्रीय क्यूआर अवसंरचना (यूजेडक्यूआर) के साथ एकीकरण से यूपीआई उपयोगकर्ताओं को उज्बेकिस्तान में खुदरा, आतिथ्य और सेवा क्षेत्र के व्यापारियों के यहां लगभग सर्वभौगिक भुगतान स्वीकृति की सुविधा मिलेगी।
- सुगम यात्रा अनुभव :
भारतीय पर्यटक, कारोबारी यात्री और विद्यार्थी अपने भारतीय बैंक खातों से सीधे व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) भुगतान कर सकेंगे। इससे विदेशी मुद्रा पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की समस्या कम होगी तथा अंतरराष्ट्रीय कार्ड या नकदी पर निर्भरता भी घटेगी।
- द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती:
यह पहल डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआईI) के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को आगे बढ़ाती है और दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक एवं आर्थिक उद्देश्यों के अनुरूप है।
यूपीआई दस देशों में स्वीकार किया जाता है :
यूपीआई को वर्तमान में सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस में स्वीकार किया जाता है।
इससे भारतीय यात्रियों को विदेशों में यूपीआई के माध्यम से निर्बाध भुगतान करने की सुविधा मिलती है।
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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2305058)
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