गृह मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा-एक सुरक्षित भारत का निर्माण हम सभी की जिम्मेदारी है
हथियारबंद नक्सलियों को तो हरा दिया गया है, लेकिन नक्सली सोच अभी भी बनी हुई है
हमें इस नक्सली सोच की पहचान करनी होगी, ऐसे तत्वों को अलग-थलग करना होगा और देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना होगा
प्रविष्टि तिथि:
15 AUG 2026 9:58PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि एक सुरक्षित भारत का निर्माण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों को तो हरा दिया गया है, लेकिन नक्सली सोच अभी भी बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इस नक्सली सोच की पहचान करनी होगी, ऐसे तत्वों को अलग-थलग करना होगा और देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। चार दशकों तक नक्सलवाद ने देश के बड़े हिस्सों और आबादी के एक बड़े हिस्से को अपनी पकड़ में रखा और उन्हें बंदूक के साये में रखा। इसने संविधान को तार-तार कर दिया और देश के आम नागरिकों की रक्षा करने की कोशिश में हमारे 3,500 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
प्रधानमंत्री ने आज कहा, उन्हें खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा अब शायद अपनी आखिरी सांसें भी नहीं ले पा रही है। जिन जगहों पर कभी नक्सली बंदूकें चलाते थे और जहां की मिट्टी कभी खून से सनी होती थी, आज उन्हीं नक्सल-प्रभावित इलाकों में विकास, भरोसे और कोशिशों का तिरंगा शान से लहरा रहा है क्योंकि ये इलाके नक्सल-मुक्त हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों को तो हरा दिया गया है, लेकिन नक्सली सोच अभी भी बनी हुई है। ये ताकतें मौके की तलाश में हैं। वे हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रही हैं और समाज को गलत रास्ते पर ले जाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इस नक्सली सोच की पहचान करनी होगी। हमें ऐसे तत्वों को अलग-थलग करना होगा और देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सुरक्षित भारत का निर्माण हम सबकी जिम्मेदारी है। चाहे चुनौती हमारी सीमाओं के भीतर से आए या सीमा के पार से, भारत हर स्थिति के लिए तैयार है। आज युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि युद्ध केवल युद्ध के मैदान में या सीमा पर ही लड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैं लाल किले से यह घोषणा कर रहा हूं कि आने वाले समय में हम एक मजबूत नागरिक सुरक्षा नेटवर्क बनाएंगे। हम अपने नागरिकों और नागरिक सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक सिस्टम और तकनीकों से लैस करेंगे और उन्हें तैयारी के समकालीन तरीकों से परिचित कराएंगे।
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पीके/केसी/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2300109)
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