वित्त मंत्रालय
अजरबैजान के बाकू में आयोजित एगमोंट ग्रुप प्लेनरी में बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी से संबंधित एफआईयू-आईएनडी केस को बेस्ट एगमोंट केस पुरस्कार (बीईसीए) 2026 में उपविजेता के रूप में मान्यता दी गई
मिले लगभग ₹868 करोड़ की धनराशि, 5,000 से अधिक फर्जी बैंक खातों और कई क्षेत्राधिकारों में फैले जटिल क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन से संबंधित पैसे की धोखाधड़ी करने वाले एक जटिल नेटवर्क का पर्दाफाश किया था
प्रविष्टि तिथि:
10 JUL 2026 6:46PM by PIB Delhi
वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (एफआईयू-आईएनडी) ने बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले के लिए एक और महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की, और अजरबैजान के बाकू में आयोजित एगमोंट समूह के पूर्ण सत्र के दौरान प्रदान किए गए प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ एगमोंट केस पुरस्कार (बीईसीए) 2026 में उपविजेता का स्थान हासिल किया है, जो एफआईयू-आईएनडी निदेशक श्री अमित मोहन गोविल के ओजस्वी नेतृत्व में आयोजित किया गया था।

सर्वश्रेष्ठ एगमोंट केस पुरस्कार, एगमोंट समूह के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जो वित्तीय खुफिया जानकारी, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और पैसों की धोखाधड़ी और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटान में उत्कृष्टता दिखाने वाले उत्कृष्ट कार्यान्वयन मामलों को मान्यता देता है। एफआईयू-आईएनडी का केस एगमोंट समूह के 182 सदस्य अधिकारक्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों में से अंतिम दो निर्णायक मामलों में से एक के तौर पर चुना गया था, और पूर्ण सत्र में इसे उपविजेता घोषित किया गया।
यह मामला भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की ओर से साझा की गई एक बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी से संबंधित खुफिया जानकारी से पैदा हुआ। एफआईयू-आईएनडी की ओर से किए गए वित्तीय खुफिया विश्लेषण से पैसों की धोखाधड़ी करने वाले एक जटिल नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें लगभग ₹868 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी से मिली धनराशि, 5,000 से अधिक फर्जी बैंक खाते और कई क्षेत्राधिकारों में फैला जटिल क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन शामिल था।
इस जांच से एगमोंट सिक्योर वेब (ईएसडब्ल्यू) के जरिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका का पता चला। एफआईयू-आईएनडी ने सीमा पार क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन का पता लगाने और विश्व भर में पैसों की धोखाधड़ी के सुराग खोजने के लिए कई समकक्ष वित्तीय खुफिया इकाइयों के साथ वित्तीय खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान किया। समय पर खुफिया जानकारी साझा करने से जांच को काफी मजबूती मिली और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय अपराध से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
एफआईयू-आईएनडी की परिचालन विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की, जिसमें 13 जगहों पर तलाशी ली गई, ₹47 लाख नकद और लगभग ₹13.6 करोड़ की कीमत की क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) जब्त की गई, ₹8.67 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत दो अभियोग शिकायतें दर्ज की गईं।
यह मान्यता वित्तीय खुफिया क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाती है और एडवांस परिचालन विश्लेषण, मजबूत घरेलू समन्वय और प्रभावी अंतर्राष्ट्रीय खुफिया जानकारी साझा करने के माध्यम से देश के धन शोधन विरोधी और आतंकवाद वित्तपोषण विरोधी (एएमएल/ सीएफटी) फ्रेमवर्क को मजबूत करने के लिए एफआईयू-आईएनडी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।
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पीके/केसी/एमएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2283614)
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