इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने पुणे में जैबिल के नये उन्नत विनिर्माण संयंत्र और उच्च रोजगार क्षमता वाले निर्यात केंद्रित डेटा सेंटर इकोसिस्टम का उद्घाटन किया


प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया योजना के तहत एआई डेटा सेंटर एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

प्रविष्टि तिथि: 18 JUN 2026 2:08PM by PIB Delhi

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बुधवार, 17 जून, 2026 को पुणे के रंजंगांव में जैबिल इंक की उच्च तकनीक वाले उन्नत विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें वरिष्ठ नेता श्री दिलीप वलसे पाटिल, युवा नेता श्री ज्ञानेश्वर कटके, श्री एंडी प्रीस्टली (जैबिल सर्किट्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष और सीओओ), महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जावान अधिकारियों के साथ-साथ पूरी जैबिल टीम शामिल थी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक प्रगति का एक शक्तिशाली माध्यम बन गई है। उन्होंने देश के भीतर इसके बुनियादी ढांचे को स्थापित करने की रणनीतिक आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज विश्व भर में एआई डेटा सेंटर एक बहुत बड़ा विकास इंजन बन गए हैं, इसलिए प्रधानमंत्री की 'मेक इन इंडिया' योजना के तहत यह सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है कि इन डेटा सेंटरों को शक्ति प्रदान करने वाले प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक घटकों का निर्माण देश में ही हो। जैबिल पुणे में अपनी आधुनिक, उन्नत और उच्च तकनीक वाले संयंत्र के माध्यम से इन महत्वपूर्ण डेटा सेंटर के घटकों का निर्माण करेगी। असाधारण परिचालन क्षमता से युक्त यह संयंत्र भारत की घरेलू तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ विश्व भर के बाजारों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन की सराहना की। इन लक्षित पहलों के बदौलत, भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण ने तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी के रूप में तेजी से प्रगति की है। इलेक्ट्रॉनिक घटकों, तैयार इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को समाहित करने वाला यह नया एकीकृत तंत्र महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभों को उजागर करने के लिए तैयार है।

जैबिल की अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमताएं:
जैबिल संयंत्र अत्याधुनिक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेटअप है जो अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अवसंरचना में विशेषज्ञता रखती है। इसकी परिचालन क्षमताओं में एआई सिस्टम (एआई-सक्षम डेटा सेंटर उपकरण), 5जी प्रौद्योगिकी, उच्च स्तरीय नेटवर्किंग उपकरण, औद्योगिक विद्युत प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का जटिल विनिर्माण शामिल है।

नवनिर्मित उच्च-तकनीकी संयंत्र में व्यापक विनिर्माण क्षमता है, जो घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक निर्यात बाजारों की जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम है। सक्रिय नीतिगत सहयोग से समर्थित यह परियोजना स्थानीय रोजगार को 11,000 कर्मियों तक बढ़ाएगी और घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं और लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम में सीधे एकीकृत करने वाले एक गहन स्थानीयकरण कार्यक्रम को गति प्रदान करेगी।

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम की मुख्य विशेषताएं

बीते समय की उपलब्धियों पर विचार करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां कुछ साल पहले तक भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात को अकल्पनीय माना जाता था, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की स्पष्ट दृष्टि ने भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक विनिर्माण भागीदार में बदल दिया है।

  • क्षेत्र का मूल्य: भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग का मूल्य अभूतपूर्व रूप से बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये हो गया है ।
  • निर्यात का विकास: शुरुआत में शीर्ष दस निर्यात श्रेणियों में स्थान बनाने का लक्ष्य रखने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स ने लगातार 9वें स्थान से 7वें, 5वें और 4वें स्थान तक तरक्की की।
  • शीर्ष निर्यात श्रेणी का दर्जा: पिछले वर्ष (2025) में, इलेक्ट्रॉनिक्स आधिकारिक तौर पर देश में तीसरी सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन गई।
  • अगला लक्ष्य: केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उद्योग जगत के हितधारकों, निवेशकों और युवाओं को अब मिलकर एक ऐसी रणनीति पर काम करना होगा जो प्रक्रिया की गुणवत्ता पर केंद्रित हो, ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स को देश की दूसरी सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी के रूप में स्थापित किया जा सके।

श्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिभा विकास, प्रशिक्षण, कौशल सृजन और उच्च परिशुद्धता वाले यांत्रिक पुर्जों के निर्माण के लिए विशिष्ट इकोसिस्टम विकसित करने हेतु पूर्ण सरकारी निवेश का आश्वासन दिया। उन्होंने स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को व्यापक रूप से स्थानीय बनाने के लिए लाइटेन जैसे उच्च सटीकता वाले यांत्रिक उपकरण नवप्रवर्तकों के साथ साझेदारी की संभावनाओं का पता लगाने की भी सलाह दी।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसवी


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