शिक्षा मंत्रालय
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नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का समापन: ग्लोबल डीप-टेक और इनोवेशन हब के तौर पर भारत की स्थिति मजबूत हुई


केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने समापन सत्र को संबोधित किया; उन्होंने कहा कि ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ भविष्य में सहयोग का एक परिवर्तनकारी मंच बन सकता है

इस सम्मेलन में रणनीतिक साझेदारियों, निवेश के अवसरों और भारत-फ्रांस के बीच नवाचार  के नए रास्ते खुले

इस सम्मेलन में दुनिया भर के 29 देशों से 2,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए; 1,350 से अधिक बी2बी बैठकें हुईं और 50 से अधिक सहयोग संबंधी समझौते हुए

प्रविष्टि तिथि: 17 JUN 2026 5:30PM by PIB Delhi

नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का समापन हुआ। इस सम्मेलन में भारत, फ्रांस और दुनिया भर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और तीन दिनों तक टेक्नोलॉजी शोकेस, बिजनेस मीटिंग, इन्वेस्टर पिचिंग और संस्थागत बातचीत जैसे कार्यक्रम हुए।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए, केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ‘भारत इनोवेट्स’ के पहले संस्करण को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और शोध पर आधारित नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने में भारत के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम की भूमिका पर प्रकाश डाला।

‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ का उल्लेख करते हुए, केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की साझा सोच को दर्शाती है और भविष्य के सहयोग का एक परिवर्तनकारी मंच बन सकती है।

स्टार्टअप, अन्वेषकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए, श्री गोयल ने कहा, “दुनिया आपका मंच है।“ उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ ने नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत की है और ग्लोबल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब के तौर पर भारत की बढ़ती भूमिका की फिर से पुष्टि की है।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने इस सम्मेलन के मुख्य नतीजों को पेश किया। उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ ने यह दिखाया है कि जब सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग जगत, निवेशक और अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक साझा उद्देश्य  के साथ मिलकर काम करते हैं, तो किस प्रकार की संभावनाएं बनती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भले ही यह सम्मेलन संपन्न हो गया है, लेकिन भारतीय नवाचार को गति देने की प्रक्रिया तो अभी शुरू ही हुई है।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा लागू की गई भारत सरकार की एक पहल, ‘भारत इनोवेट्स’ का आयोजन भारत के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और स्टार्टअप इकोसिस्टम से निकलने वाले नवीन खोजों को वैश्विक स्तर के निवेशकों, कंपनियों, ग्राहकों, रिसर्च संस्थानों और बाजारों से जोड़ने हेतु किया गया था।

इस सम्मेलन में 120 चुने हुए भारतीय डीप-टेक अन्वेषकों और भारत के 15 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों के लगभग 45 तकनीकी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इसमें भाग  लेने वाले लगभग 60 प्रतिशत स्टार्टअप को आईआईटी, आईआईएससी तथा अन्य प्रमुख भारतीय संस्थानों में इनक्यूबेट किया गया था या वे उनसे गहराई से जुड़े हुए थे।

इस सम्मेलन में 2,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें 29 देशों के प्रतिभागियों सहित 500 से अधिक फ्रांसीसी निवेशक, बड़ी कंपनियों के प्रमुख, सीएक्सओ, शोधार्थी, अन्वेषक और संस्थागत प्रतिनिधि शामिल थे।

इस तीन-दिवसीय सम्मेलन ने निम्नलिखित गतिविधियों में मदद की:

  • स्टार्टअप, निवेशकों, कॉरपोरेट और संस्थागत भागीदारों के बीच 1,350 अधिक बी2बी  बैठकें;
  • उद्योग जगत, शिक्षा जगत, अनुसंधान और इनक्यूबेशन के क्षेत्रों में 50 से अधिक सहयोग समझौते;
  • 10 से अधिक देशों के 50 से अधिक वैश्विक निवेशकों के सामने 80 से अधिक  स्टार्टअप की पिच;
  • 40 से अधिक स्टार्टअप के लिए निवेशकों की ओर से फॉलो-अप की पक्की प्रतिबद्धताएं; और
  • लगभग 254.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग संबंधी प्रतिबद्धताएं और अग्रिम-चरण के निवेश, जिसमें ‘भारत इनोवेट्स’ के अन्वेषक शामिल हैं और इसमें संयुक्त राज्य  अमेरिका तथा जापान के निवेशकों का निवेश भी शामिल है।

 

 

हिस्सा लेने वाले कई स्टार्टअप को फ्रांसीसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से कन्फर्म ऑर्डर और रुचि के अभिव्यक्ति वाले संदेश भी मिले, जिससे ग्राहक बनाने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने और व्यावसायिक साझेदारी के नए अवसर खुले।

सम्मेलन के अंतिम दिन टेक्नोलॉजी पार्क्स एवं एक्सेलेरेटर्स, इंडस्ट्री में कार्बन उत्सर्जन कम करने और ग्लोबल स्तर पर विस्तार जैसे विषयों पर खास चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में ‘नथिंग’ के सह-संस्थापक अकिस इवांजेलिडिस का टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंटरनेशनल ग्रोथ पर संबोधन भी शामिल था।

तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, जैवप्रौद्योगिकी, मेडटेक, अंतरिक्ष, रक्षा और दोहरे उपयोग वाली तकनीक, एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग, ऊर्जा, जलवायु प्रौद्योगिकी और ग्लोबल डीप-टेक इन्वेस्टमेंट जैसे विषयों से संबंधित चर्चा और गतिविधियां हुईं।

 

साथ ही, इन्वेस्टर पिच रूम, स्टार्टअप मास्टरक्लास, टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और विशेष रूप से आयोजित बैठकों के कारण वेंचर फंड, कॉरपोरेट वेंचर कैपिटल फर्म, ग्लोबल कॉरपोरेशन, विश्वविद्यालय, शोध संस्थानों और इनक्यूबेटर के साथ सीधी बातचीत संभव हो पायी।

इस सम्मेलन ने भारत और फ्रांस के बीच संस्थागत साझेदारियों को भी मजबूत किया। इससे संयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप को बढ़ावा देने, प्रतिभाओं के आदान-प्रदान, तकनीक के व्यावसायीकरण और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच के नए रास्ते खुले।

अपने उद्घाटन भाषण में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया था कि नवाचार मानव सभ्यता का अगला अध्याय है। इस दिशा में, ‘भारत इनोवेट्स 2026’ ने 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर' के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया है और ग्लोबल इनोवेशन नेटवर्क के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत किया है। साथ ही, अत्याधुनिक तकनीकों के मामले में निरंतर सहयोग की नींव भी रखी है।

‘भारत इनोवेट्स 2026’ और इसमें भाग लेने वाले अन्वेषकों के बारे में अधिक जानकारी के लिए www.bharatinnovates.in  पर जाएं।

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पीके/केसी/आर


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