पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
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खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की बदलती स्थिति के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क


प्रत्येक भारतीय नाविक की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध: सर्बानंद सोनोवाल

प्रविष्टि तिथि: 11 JUN 2026 9:27PM by PIB Delhi

भारत सरकार, खाड़ी क्षेत्र और इसके आस-पास के समुद्री इलाकों में तेज़ी से बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए लगातार उस पर नज़र रख रही है और आवश्‍यक कदम उठाने के लिए समन्‍वय कर रही है। पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, नौवहन महानिदेशालय (डीजीएस) के ज़रिए, होर्मुज़ जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और उससे सटे समुद्री इलाकों में हो रही गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहा है।

सरकार, भारतीय नाविकों को समय पर मदद और सहायता सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों, मित्र देशों के समुद्री प्रशासनों, शिपिंग कंपनियों, नाविक कल्याण संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है।

इस क्षेत्र में चलने वाले व्यापारिक जहाजों से जुड़ी हाल की सुरक्षा घटनाओं से कमर्शियल शिपिंग के सामने बढ़ते खतरों का पता चलता है। सरकार ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इन अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के रणनीतिक महत्व को समझते हुए, सभी संबंधित एजेंसियों को अत्‍यधिक सतर्क रहने और भारतीय नाविकों या भारतीय समुद्री हितों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

नौवहन महानिदेशालय ने संघर्ष-प्रभावित समुद्री इलाकों से गुज़रने वाले भारतीय और विदेशी जहाजों पर काम कर रहे सभी भारतीय नाविकों को अत्‍यधिक सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जहाज ऑपरेटरों, जहाज प्रबंधकों और शिपिंग कंपनियों को भी सलाह दी गई है कि वे मौजूदा समुद्री सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, स्थिति पर कड़ी नज़र रखें और भारत सरकार तथा सक्षम अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों द्वारा जारी सलाहों पर लगातार ध्यान दें।

इस क्षेत्र से जुडे लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे भारतीय नाविकों से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत 'नौवहन महानिदेशालय' को दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की और उसके लिए समन्‍वय किया जा सके। भारतीय नाविकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए समर्पित संचार (कम्युनिकेशन) चैनल और आपातकालीन कार्रवाई प्रणाली चौबीसों घंटे उपलब्‍ध रहती हैं।

केंद्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री, सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "सरकार खाड़ी क्षेत्र में बदलती स्थिति पर गंभीरता से नज़र रख रही है और प्रत्‍येक भारतीय नाविक की सुरक्षा और कल्‍याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी संबंधित मंत्रालय, एजेंसियां ​​और विदेशों में मौजूद मिशन मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर समय पर मदद और सहायता मिल सके।"

एमटी सेटेबेलो पर हमला और भारतीय नाविकों को सहायता

इस क्षेत्र में हाल ही में हुई घटनाओं में, पलाऊ के एक मीडियम रेंज टैंकर - एमटी सेटेबेलो (आईएमओ 9162916) पर 10 जून 2026 को मिसाइल से हमला हुआ, जिसमें 24 भारतीय नाविकों सहित चालक दल के 28 सदस्‍य सवार थे। यह घटना ओमान के सोहर से लगभग 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई।

ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र से मिली जानकारी और जहाज के प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हो गई। यह जानकारी मिलने के बाद, भारत सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों, जहाज मालिकों और आरपीएसएल के साथ मिलकर ज़रूरी मदद पहुंचाने के लिए तेज़ी से काम किया। मारे गए तीन भारतीय नाविकों के शवों को जल्दी ही ढूंढ लिया गया और उनकी पहचान कर ली गई और चालक दल के बाकी सभी सदस्‍यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अब बचाए गए नाविकों को वापस लाने और मारे गए नाविकों के शवों को जल्द से जल्द उनके परिजनों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने की कोशिशें तेज़ कर दी गई हैं।

भारत सरकार शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है। समुद्र में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भारतीय नाविकों की मृत्यु राष्ट्र के लिए अत्‍यंत दुख की बात है।

इस दुखद घटना पर संवेदना प्रकट करते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "पलाऊ के जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुई दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है, क्योंकि उनके शव मिल गए हैं और उनकी पहचान कर ली गई है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, भारत के समुद्री हितों की रक्षा और वैध कार्गो की निर्बाध आवाजाही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। भारत सरकार घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रख रही है और भारतीय नाविकों की जान बचाने और देश के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाएगी।"

सरकार ने फिर कहा है कि भारतीय नाविकों की भलाई और सुरक्षा अति आवश्‍यक है। नौवहन  महानिदेशालय के तहत काम करने वाली 'सीफ़ेयरर्स वेलफ़ेयर फ़ंड सोसाइटी' (एसडब्‍ल्‍यूएफएस) आवश्‍यकता पड़ने पर प्रभावित नाविकों और उनके परिजनों को कल्याणकारी लाभ, आर्थिक मदद और अन्‍य प्रकार की सहायता देने के लिए तैयार है। प्रोटोकॉल के अनुसार, एसडब्‍ल्‍यूएफएस मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये दे रही है।

सोनेवाल ने कहा, "यह हमारे समुद्री समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति है। मोदी सरकार इस मुश्किल घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके परिजनों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे चालक दल के बचाए गए सदस्यों की तुरंत वापसी और अंतिम संस्कार के लिए मृतकों के शवों को जल्द से जल्द वापस लाने की व्यवस्था करें।"

नौवहन महानिदेशालय, संबंधित रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (आरपीएसएल) एजेंसियों के साथ मिलकर, प्रभावित नाविकों के परिजनों के लगातार संपर्क में है। सरकार चालक दल के बचाए गए सदस्यों की वापसी, शवों को वापस लाने और संबंधित परिवारों को आवश्‍यक मदद और सहयोग देने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्‍वय कर रही है।

इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सरकार द्वारा जारी परामर्श पर लगातार नज़र रखें। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन मदद के लिए नागरिक, एमएमडीएसी (महानिदेशक सामान्‍य केंद्र) से dgcommcentre-dgs[at]nic[dot]in पर ईमेल करके या +91 8657549760 पर WhatsApp/कॉल करके संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के लिए अन्य नंबर हैं: +91 2222613606, +91 8657549752 या 24×7 शिकायत निवारण चैनल, जिनमें टोल-फ्री नंबर (घरेलू): 1800-889-7768, अंर्तराष्‍ट्रीय टोल-फ्री नम्‍बर: +1-888-988-0256, WhatsApp: +91 8655856830 और ईमेल: enavik.24x7[at]gov[dot]in हैं।

भारत सरकार फिर से दोहराती है कि वह भारतीय नाविकों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के इस दौर में उनके कल्‍याण, सुरक्षा और सलामती सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाती रहेगी।

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पीके/केसी/एमके


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