रक्षा मंत्रालय
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रक्षा मंत्री और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री ने भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की दूसरी संवाद बैठक की सह-अध्यक्षता की


बैठक में रक्षा उद्योग में सहयोग और भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने स्वतंत्र, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए मजबूत क्षेत्रीय सहयोग की पुष्टि की

प्रविष्टि तिथि: 01 JUN 2026 3:13PM by PIB Delhi

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री श्री रिचर्ड मार्ल्स ने 1 जून, 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की दूसरी संवाद बैठक की सह-अध्यक्षता की। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया और 9 अक्टूबर, 2025 को हुई पहली संवाद बैठक के बाद से बढ़े परामर्श और सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

मंत्रियों ने अपने प्रधानमंत्रियों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया। इसमें सामूहिक शक्ति बढ़ाने, दोनों देशों की सुरक्षा में योगदान देने और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए सहयोग शामिल है। उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा को नवीनीकृत और सुदृढ़ करने के लिए अपने प्रधानमंत्रियों की प्रतिबद्धता को साकार करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया।

 

 

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग में हुई प्रगति और संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने समुद्री गश्ती विमानों द्वारा सहयोगात्मक समुद्री क्षेत्र जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाने और पनडुब्बी क्षेत्र में अवसरों का पता लगाने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमान के बीच और अधिक सहयोग को प्रोत्साहित किया।

मंत्रियों ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया और क्षेत्र में निर्बाध व्यापार तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप समुद्र के अन्य वैध उपयोगों के लिए अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।

 

 

भारत और ऑस्ट्रेलिया, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए, हिंद महासागर रिम एसोसिएशन के समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा कार्य समूह के सह-प्रमुख के रूप में, जून 2026 में चेन्नई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र में संयुक्त रूप से एक खोज एवं बचाव अभ्यास की मेजबानी करने के लिए तत्पर हैं। दोनों पक्षों ने वर्ष 2020 के पारस्परिक लॉजिस्टिक समझौते के आधार पर, अभ्यासों और अभियानों के लिए प्रक्रियात्मक अंतर-संचालनीयता बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने परिचालन संबंधी जानकारी बढ़ाने के लिए एक-दूसरे के क्षेत्रों से विमानों की तैनाती जारी रखने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों देशों के मंत्रियों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को और गहरा करने के अगले कदम के रूप में भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा सामग्री और रक्षा सेवाओं के प्रावधान से संबंधित एक समझौता ज्ञापन की तैयारी की घोषणा की। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग और जुड़ाव के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया और द्विपक्षीय रक्षा उद्योग संबंधों में मजबूती के प्रतीक के रूप में अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के पहले रक्षा व्यापार मिशन और ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा उद्योग गोलमेज सम्मेलन का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग, अनुसंधान और रक्षा सामग्री पर संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से आगे के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की।

 

 

दोनों मंत्रियों ने सेंसर प्रौद्योगिकी जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में भविष्य में रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान सहयोग की संभावनाओं को तलाशने की इच्छा व्यक्त की। ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री ने भारत को 2026 के रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

मंत्रियों ने अपने रक्षा बलों के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और एक्सरसाइज टैलिस्मान सेबर 2027 में भारत की भागीदारी की उम्मीद जताई। उन्होंने फरवरी 2026 में भारत के एक्सरसाइज मिलान में ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी और मार्च 2026 में ऑस्ट्रेलिया के एक्सरसाइज काकाडू में भारत की भागीदारी का स्वागत किया। उन्होंने 2026 में एक-दूसरे के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में अपने देशों की भागीदारी की उम्मीद जताई, जिसमें एक्सरसाइज पिच ब्लैक में एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग पर द्विपक्षीय कार्यान्वयन व्यवस्था को लागू करना भी शामिल है।

 

 

दोनों पक्षों ने नए क्षेत्रों में सैन्य सहयोग के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने इस वर्ष के सेना अभ्यास ऑस्ट्राहिंद के विकास का स्वागत किया। इसमें अब उभयचर युद्ध और तटीय युद्धाभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ऑस्ट्रेलिया ने ऑपरेशन रेंडर सेफ 2026 में भारत की पहली बार भागीदारी का स्वागत किया। भारत ने पनडुब्बी बचाव अभ्यास ब्लैक कैरिलॉन में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया के निमंत्रण का स्वागत किया।

मंत्रियों ने परिचालन मुख्यालयों के बीच सूचना साझाकरण का स्वागत किया। उन्होंने इस वर्ष के अंत में होने वाली पहली संयुक्त स्टाफ वार्ता के प्रति आशा व्यक्त की। उन्होंने रणनीतिक, परिचालन और सामरिक स्तरों पर सुरक्षित द्विपक्षीय संचार के महत्व को स्वीकार किया और विषय-वस्तु के आदान-प्रदान के माध्यम से इन प्रयासों को आगे बढ़ाने का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने प्रशिक्षण सहयोग के विषय पर, अपने अधिकारियों को वर्ष 2028-2029 में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा महाविद्यालय में एक भारतीय अतिथि प्रशिक्षक की तैनाती की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि पेशेवर सैन्य सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और रणनीतिक समन्वय को मजबूत किया जा सके। मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक समन्वय का स्वागत किया।

 

 

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साझेदारों के बीच अंतरसंचालनीयता बढ़ाने के लिए समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने पर सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मंत्रियों ने क्वाड इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोलैबोरेशन पहल के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया, जिसे शुरुआत में हिंद महासागर क्षेत्र में, साथ ही विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और टेबलटॉप अभ्यासों के माध्यम से लागू किया जाएगा।

दोनों पक्षों ने गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र के माध्यम से समुद्री क्षेत्र में जागरूकता के लिए क्वाड इंडो-पैसिफिक साझेदारी के हिंद महासागर क्षेत्र कार्यक्रम के भारत द्वारा संचालन का स्वागत किया। उन्होंने समुद्री क्षेत्र जागरूकता के लिए मौजूदा इंडो-पैसिफिक साझेदारी के प्रयासों का लाभ उठाते हुए पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक साझा परिचालन परिदृश्य विकसित करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।

 

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पीके/केसी/जेके/एनजे


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