प्रविष्टि तिथि:
18 MAY 2026 5:53PM by PIB Delhi
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ रहे प्रभाव के बीच, महाराष्ट्र सरकार तथा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (बीपीसीएल, आईओसीएल और एचपीसीएल) ने महाराष्ट्र के राज्य स्तरीय समन्वयक (ऑयल इंडस्ट्री) श्री मिहिर गणेश जोशी के माध्यम से उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि महाराष्ट्र राज्य भर में एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। आपूर्ति संचालन की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा उन्हें बिना किसी व्यवधान के बनाए रखा गया है।
महाराष्ट्र में पेट्रोलियम उत्पादों की भंडार एवं आपूर्ति स्थिति
पेट्रोल एवं डीज़ल
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि महाराष्ट्र भर में पेट्रोल पंपों तथा तेल कंपनियों के भंडारण स्थलों पर पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार और तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध भंडारों की नियमित निगरानी तथा पुनःपूर्ति की जा रही है।
सभी तीनों सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने हाल ही में राज्य भर के खुदरा बिक्री केंद्रों पर डीज़ल और पेट्रोल की मांग में तेज़ वृद्धि देखी है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा बढ़ी हुई मांग की पूरी तरह पूर्ति की गई है। मई 2026 के पहले पखवाड़े के दौरान डीज़ल की मांग में 19.66 प्रतिशत तथा पेट्रोल की मांग में 20.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मई 2026 के पहले पखवाड़े में महाराष्ट्र में कुल 267 टीकेएल पेट्रोल तथा 502 टीकेएल डीज़ल की आपूर्ति की गई। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी न करें, क्योंकि राज्य भर में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
एलपीजी
महाराष्ट्र में वर्तमान में सभी तीनों सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास लगभग 32,995 एमटी एलपीजी का भंडार उपलब्ध है, जबकि सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वितरकों के भंडार की नियमित रूप से पुनःपूर्ति की जा रही है।
घरेलू एलपीजी
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा ग्राहकों की बुकिंग के अनुसार आपूर्ति जारी है। समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए बुकिंग अंतराल संबंधी प्रतिबंध लागू हैं, जिसके अंतर्गत शहरी ग्राहकों के लिए 25 दिन तथा ग्रामीण ग्राहकों के लिए 45 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया है। तेल कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि एलपीजी रीफिल की आपूर्ति ग्राहकों के घरों तक सीधे जारी रहेगी।
सुरक्षित एवं सत्यापित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डिलीवरी के समय डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) का सत्यापन अनिवार्य बना हुआ है, जबकि वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक रीफिल की आपूर्ति डीएसी/ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से की जा रही है। उपभोक्ताओं को रीफिल बुकिंग के लिए डिजिटल मंचों का उपयोग करने तथा अनावश्यक रूप से एलपीजी शोरूमों पर जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।
गैर-घरेलू/वाणिज्यिक एलपीजी
वर्तमान में, युद्ध-पूर्व स्थिति की तुलना में, लगभग 60 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, श्मशानों तथा सामाजिक देखभाल संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
इसके अतिरिक्त, सरकारी निर्देशों के अनुसार प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) रीफिल वितरित किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत पिछले सप्ताह के दौरान प्रतिदिन औसतन लगभग 23,000 सिलेंडरों की आपूर्ति की गई।
पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी)
वर्तमान आपूर्ति आपात-स्थिति तथा पाइप्ड प्राकृतिक गैस अवसंरचना के त्वरित विस्तार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने 27 मार्च 2026 को नगर निगमों, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों द्वारा सीजीडी पाइपलाइन बिछाने से संबंधित लंबित आवेदनों के लिए डीम्ड (स्वत: अनुमोदित) अनुमति जारी की।
महाराष्ट्र में वर्तमान में लगभग 44 लाख पीएनजी कनेक्शन हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। राज्य भर में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने हेतु महाराष्ट्र सरकार ने वैश्विक ऊर्जा व्यवधानों के बीच पीएनजी अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत सरकार की 24 मार्च 2026 की अधिसूचना के अनुरूप त्वरित विस्तार अभियान शुरू किया।
जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा करने तथा नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने हेतु, अप्रैल 2026 से महाराष्ट्र सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा महाराष्ट्र के राज्य स्तरीय समन्वयक (ऑयल इंडस्ट्री) के साथ साप्ताहिक राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें जिला प्रशासन तथा सीजीडी कंपनियां भी शामिल होती हैं।
पंजीकृत तथा अपंजीकृत अथवा प्रस्तावित हाउसिंग सोसाइटियों से पीएनजी कनेक्शन हेतु आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आवास योजनाओं के अंतर्गत निर्मित भवनों के निवासी भी आवश्यकता अनुसार सामूहिक अथवा व्यक्तिगत आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य भर में नए पीएनजी कनेक्शनों को प्रोत्साहित करने के लिए सीजीडी कंपनियों तथा उनके अधिकृत वितरकों द्वारा समानांतर रूप से व्यापक प्रचार अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
1 अप्रैल 2026 से अब तक महाराष्ट्र में कुल 94,220 नए पीएनजी गैस कनेक्शनों को सक्रिय किया गया है, जो देश में सर्वाधिक में से एक है।
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र भर में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा कालाबाज़ारी और जमाखोरी की गतिविधियों को रोकने के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टरों को निरीक्षण एवं छापेमारी के लिए जिला स्तर पर सतर्कता तथा मोबाइल दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू गैस के अवैध उपयोग, जमाखोरी तथा कालाबाज़ारी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
17 मई 2026 तक राज्य भर में कुल 9,494 छापेमारी कार्रवाइयाँ की गई हैं, जिनके परिणामस्वरूप 4,449 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में 70 एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा 52 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
राज्य भर में पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी तथा पीएनजी की सुचारु एवं नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसीएल), गैस वितरकों तथा सीजीडी कंपनियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र में भारत सरकार द्वारा आवंटित केरोसिन का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। गडचिरौली, गोंदिया, नासिक, नागपुर, पालघर, ठाणे, धाराशिव, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, बीड तथा रायगढ़ जिलों में कुल 268 किलोलीटर केरोसिन का वितरण किया गया है।
उपरोक्त के मद्देनज़र महाराष्ट्र भर के नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पेट्रोलियम उत्पादों की घबराहट में खरीदारी अथवा जमाखोरी न करें। भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार तथा तेल कंपनियाँ राज्य के लोगों को पेट्रोलियम उत्पादों की उचित एवं सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।
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