सूचना और प्रसारण मंत्रालय
‘इनोवेट2एजुकेट’ चैलेंज ने वेव्स 2025 में किफायती और सुलभ एडटेक समाधानों को बढ़ावा दिया
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 4:41PM by PIB Delhi
क्रिएट इन इंडिया चैलेंज (सीआईसी) के पहले सत्र के तहत ‘इनोवेट2एजुकेट’ चैलेंज का उद्देश्य शिक्षा और प्रौद्योगिकी को रचनात्मक रूप से जोड़कर नवाचार को प्रोत्साहित करना था। यह चैलेंज छात्रों, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स की ओर से हैंडहेल्ड लर्निंग डिवाइस के डिजाइन और विकास पर केंद्रित था।
चैलेंज के ढांचे ने प्रतिभागियों को ऐसे समाधान डिजाइन करने के लिए प्रोत्साहित किया जो नवीन और सुलभ हों, जिनमें दृष्टिबाधित और न्यूरोडाइवर्जेंट शिक्षार्थियों जैसी विविध शिक्षण आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए भी समाधान शामिल हों। इस पहल में देश भर से भागीदारी प्राप्त हुई, जिसमें विभिन्न पृष्ठभूमियों के छात्र और इनोवेटर्स शामिल थे। मंत्रालय के सहयोग से एक उद्योग संघ ने इस चैलेंज का संचालन किया और स्कूलों, विश्वविद्यालयों आदि में जागरूकता गतिविधियां चलाईं। इसका उद्देश्य सभी हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना था।
प्रतियोगिता के दिशानिर्देशों में ₹1,000 की अधिकतम सीमा के भीतर हार्डवेयर घटकों का उपयोग करके हैंडहेल्ड डिवाइस डिज़ाइन और विकसित करने के लिए एक लागत मानदंड निर्धारित किया गया था। इसका उद्देश्य शैक्षिक प्रौद्योगिकी समाधानों में सामर्थ्य, सुलभता और मितव्ययी नवाचार को बढ़ावा देना था। प्रारंभिक रूप से चयनित प्रतिभागियों के साथ मेंटरिंग और कार्यशाला सत्रों के बाद, समाधानों को और परिष्कृत और बेहतर बनाया गया।
1,800 से अधिक पंजीकरणों में से कुल 10 फाइनलिस्ट चुने गए। चयनित टीमों को क्रिएटोस्फीयर, वेव्स 2025 में अपने प्रोटोटाइप प्रदर्शित करने और उद्योग के हितधारकों के साथ जुड़ने के अवसर प्रदान किए गए।
इसके अतिरिक्त, शीर्ष तीन विजेता टीमों को उनके नवाचार और प्रयासों की मान्यता में ₹50,000 तक की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। प्रदर्शित डिज़ाइन और प्रोटोटाइप सुलभता, इंटरैक्टिव लर्निंग और प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा के विविध दृष्टिकोणों को दर्शाते हैं।
शिखर सम्मेलन के बाद, 10 फाइनलिस्ट टीमों में से 4 टीमें स्टार्टअप में विकसित हो चुकी हैं, और इनमें से 2 स्टार्टअप वेव्स स्टार्टअप एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के माध्यम से इनक्यूबेशन की संभावनाओं का पता लगा रहे हैं। वेव्स बाज़ार के प्रचार कार्यक्रमों के माध्यम से विजेताओं को संभावित निवेशकों के साथ बातचीत करने और अपने समाधानों को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान किए गए हैं।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में श्री बसवराज बोम्मई द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एनएम
(रिलीज़ आईडी: 2248111)
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