इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाषिणी राष्ट्रीय अवसंरचना पर वॉइसईआरए लॉन्च किया गया
प्रविष्टि तिथि:
18 FEB 2026 6:02PM by PIB Delhi
डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉइसईआरए लॉन्च किया। यह ओपन सोर्स, एंड टू एंड वॉयस एआई स्टैक के लॉन्च के साथ भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) सफर में बड़ा मील का पत्थर है। डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ नाग ने एकस्टेप फाउंडेशन के साथ सीओएसएस, आईआईआईटी बेंगलुरु और AI4Bharat के सहयोग से इस लॉन्च का नेतृत्व किया।
भाषिणी राष्ट्रीय भाषा अवसंरचना पर तैनात, वॉइसईआरए बहुभाषी वॉयस और लैंग्वेज एआई के लिए नेशनल एग्जीक्यूशन लेयर स्थापित करता है। इसे ओपन, प्लगेबल, इंटरऑपरेबल, क्लाउड डिप्लॉयेबल और ऑन-प्रिमाइसेस रेडी होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्लेटफॉर्म सरकार, शोध संस्थानों और नवाचार पारिस्थितिकी में वॉयस सिस्टम की सुरक्षित और मापन योग्य तैनाती को सक्षम बनाता है। वॉयस स्टैक को मॉड्यूलर बनाकर, यह प्रयास के दोहराव को कम करता है और वेंडर लॉक-इन को समाप्त करता है।
वॉइसईआरए का एकीकरण भारत के राष्ट्रीय भाषा अवसंरचना के रूप में भाषिणी की भूमिका को मजबूत करता है जो अनुवाद और भाषा प्रौद्योगिकियों से लेकर वास्तविक समय भाषण प्रणाली, संवादी एआई और जनसंख्या पैमाने पर बहुभाषी टेलीफोनी तक इसकी क्षमताओं का विस्तार करता है। विभाग कृषि सलाह, शिक्षा सहायता, आजीविका सेवाएं, शिकायत निवारण, नागरिक प्रतिक्रिया और योजना खोज सहित विभिन्न क्षेत्रों में वॉयस सक्षम नागरिक सेवाओं को तेजी से अपना सकते हैं।
लॉन्च के अवसर पर डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री अमिताभ नाग ने कहा, “राष्ट्रीय भाषा अवसंरचना के रूप में भाषिणी और खुले निष्पादन स्टैक के रूप में वॉइसईआरए के साथ, भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां भारत के लिए वॉयस सबसे स्वाभाविक इंटरफ़ेस बन गई है। यह ढांचा सुरक्षित, मापन योग्य बहुभाषी प्रणालियों को सक्षम बनाता है जबकि नवप्रवर्तकों को साझा राष्ट्रीय नींव पर निर्माण करने के लिए सशक्त बनाता है। यह सम्मान, पहुंच और यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि प्रत्येक नागरिक राज्य से बात कर सके और उसे समझा जा सके। यह नए वॉइस युग की शुरुआत है और इस युग में, भारत अपनी आवाज का मालिक है।”
इस पहल से जुड़े वॉयस एआई रणनीतिज्ञ और सलाहकार श्री संतोष केवलानी ने कहा, “वॉइसईआरए को वॉयस के लिए डिजिटल सार्वजनिक वस्तु के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यह संपूर्ण प्रौद्योगिकी स्टैक के पुनर्निर्माण के बिना इंटरऑपरेबल, निष्पादन के लिए तैयार तैनाती को सक्षम बनाता है।”
एकस्टेप फाउंडेशन के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शंकर मारुवाड़ा ने कहा, “पिछले तीन वर्ष में, भाषिणी ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में भाषा की शक्ति का प्रदर्शन किया है। वॉइसईआरए के साथ, वह दृष्टि अब वॉयस तक विस्तारित हो गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकों के लिए समान पहुंच को मजबूत करती है।”
आईआईटी मद्रास के श्री मितेश कापरा ने कहा, “वॉइसईआरए के साथ एकीकृत भाषिणी का निरंतर विस्तार, संप्रभु भाषा और वॉयस क्षमताओं को तेज करेगा और समावेशी एआई नवाचार को गहरा करेगा।”
वॉइसईआरए, भाषिणी पैवेलियन और एकस्टेप पैवेलियन, हॉल नंबर 3, फर्स्ट फ्लोर, भारत मंडपम में लाइव प्रदर्शन के लिए उपलब्ध है।
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2229798)
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