पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
इंडिया एनर्जी वीक 2026 गोवा में वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व को एक साझा मंच पर एकत्र करेगा: श्री हरदीप सिंह पुरी
प्रविष्टि तिथि:
23 JAN 2026 6:05PM by PIB Delhi
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि 27 से 30 जनवरी, 2026 तक गोवा स्थित ओएनजीसी एटीआई में आयोजित होने वाला इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के एक निर्णायक दौर में है। यह विश्वभर के ऊर्जा मंत्रियों, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों, शिक्षाविदों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक साझा मंच पर एकत्र करेगा। वे आज आईईडब्ल्यू 2026 के प्रारंभिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने आईईडब्ल्यू को साल का पहला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आयोजन बताते हुए कहा कि यह मंच ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने, निवेश को प्रोत्साहित करने और व्यावहारिक तथा संतुलित डीकार्बोनाइजेशन मार्गों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।

श्री पुरी ने इस आयोजन की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि इंडिया एनर्जी वीक की शुरुआत से ही इसका दायरा और प्रभाव लगातार बढ़ता रहा है। उन्होंने बताया कि 2023 में पहले संस्करण में लगभग 30,000 प्रतिनिधियों और 316 प्रदर्शकों ने भाग लिया था, जो 2024 में बढ़कर 45,000 से अधिक तथा वर्ष 2025 में 68,000 हो गया। आईईडब्ल्यू 2026 के अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बनने की संभावना है, जिसमें 75,000 से अधिक प्रतिनिधि, 600 से अधिक प्रदर्शक (जिनमें 180 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल हैं) और 500 से अधिक वैश्विक वक्ता शामिल होंगे। इस दौरान 120 से अधिक सम्मेलन सत्र आयोजित किये जायेंगे। केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इस संख्या और विविधता से स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक ऊर्जा संवाद में अपनी बढ़ती नेतृत्व भूमिका निभा रहा है।
श्री पुरी ने जानकारी दी है कि संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नीदरलैंड्स, ओमान, ब्रुनेई, म्यांमार, तंजानिया सहित कुल 17 देशों के मंत्री और उप-मंत्री इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर चुके हैं। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा मंच, बिम्सटेक और यूरेशियन आर्थिक संघ जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों द्वारा संचालित 11 विषयगत क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी, जिनमें डिजिटलीकरण और एआई, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, बायोफ्यूल्स, एलएनजी इकोसिस्टम, सिटी गैस वितरण, मेक इन इंडिया तथा नेट-जीरो समाधान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही, परमाणु ऊर्जा और सतत विमानन ईंधन जैसे नए क्षेत्रों को भी इस साल प्रदर्शनी में शामिल किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने रणनीतिक सम्मेलन के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि आईईडब्ल्यू 2026 को 10 रणनीतिक विषयों के इर्द-गिर्द संरचित किया गया है, जो वैश्विक प्राथमिकताओं और भारत की विकसित होती नेतृत्व भूमिका को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में चार मंत्रिस्तरीय सत्र होंगे, जिनमें उद्घाटन कार्यक्रम विशेष रूप से ऊर्जा मंत्रियों और वरिष्ठ नीति निर्माताओं को एक साथ लाएगा। इसके अलावा, वैश्विक उद्योग जगत के कारोबारियों और विशेषज्ञों के साथ 47 नेतृत्व सम्मेलन तथा विशेष पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही, प्रौद्योगिकी, बाजार और स्थिरता पर केंद्रित पांच ऊर्जा वार्ताओं में वैश्विक ऊर्जा जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने संवाद का अवसर भी मिलेगा।
श्री पुरी ने सरकार के स्वदेशीकरण और मेक इन इंडिया पहल पर जोर देते हुए कहा कि इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के नेतृत्व में एक विशेष मेक इन इंडिया तथा स्वदेशीकरण पवेलियन स्थापित किया जाएगा। यह मंडप एमएसएमई, विक्रेताओं और स्टार्ट-अप्स के साथ सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे महत्वपूर्ण उपकरणों के स्थानीयकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पवेलियन में प्रौद्योगिकी-आधारित परिवर्तन और स्थिरता पर केंद्रित दैनिक ऊर्जा वार्ताएं भी आयोजित की जाएंगी। साथ ही, जापान, अमरीका, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, कनाडा, रूस व चीन सहित 11 देशों के अंतरराष्ट्रीय पवेलियन इस जुड़ाव को और मजबूत करेंगे।
श्री पुरी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक 2026 ठोस व्यावसायिक परिणामों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा, जिसमें इस आयोजन के दौरान कई प्रमुख समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें ओएनजीसी, जापान की मित्सुई ओ.एस.के. लाइन्स और दक्षिण कोरिया की सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज के साथ जहाज निर्माण अनुबंध; ब्राजील से कच्चे तेल की आपूर्ति हेतु बीपीसीएल एवं पेट्रोब्रास के बीच निश्चित अवधि का अनुबंध; वैश्विक अपस्ट्रीम अवसरों के लिए बीपीआरएल और शेल के बीच सहयोग समझौते; एलएनजी सोर्सिंग में ओआईएल, एनआरएल व टोटल एनर्जीज के साथ अनुबंध ज्ञापन; तथा ओडिशा के पारादीप में 200 केटीपीए की सतत विमानन ईंधन परियोजना के लिए एनआरएल और टोटल एनर्जीज के बीच सहयोग बढ़ाना शामिल है।
केंद्रीय मंत्री ने उच्च स्तरीय सहभागिता के महत्व के बारे में कहा कि मुख्य सम्मेलन के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम और गोलमेज बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें नौवीं प्रधानमंत्री गोलमेज बैठक भी शामिल है, जिसमें माननीय प्रधानमंत्री वैश्विक सीईओ, भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और प्रमुख वैश्विक ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण आयोजन ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी और निवेश-आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
श्री पुरी ने बताया कि अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में भारत-अरब ऊर्जा वार्ता शामिल है, जिसकी सह-अध्यक्षता माननीय मंत्री अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा मंच के साथ करेंगे। इसके अलावा, टोक्यो सत्र के अनुवर्ती रूप में भारत-जापान ऊर्जा गोलमेज सम्मेलन, भूतापीय ऊर्जा और कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण पर केंद्रित भारत-आइसलैंड गोलमेज सम्मेलन, भारत-नीदरलैंड्स ऊर्जा गोलमेज सम्मेलन तथा ऊर्जा क्षेत्र में भारत-अमरीका व्यापार व निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए यूएसआईबीसी और यूएसआईएसपीएफ के साथ गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईईडब्ल्यू 2026 में नवाचार और स्टार्टअप की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस दिशा में अविन्या 2026 - स्टार्टअप चैलेंज, वैश्विक भागीदारी के साथ वसुधा 3.0 और आईआईटी सहित हैकाथॉन चैलेंज 2026 जैसी पहल आयोजित की जाएंगी। ये गतिविधियां एआई-आधारित अन्वेषण, ऊर्जा दक्षता, हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था और चक्रीय अर्थव्यवस्था सहित ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौतियों पर केंद्रित होंगी।
श्री पुरी ने कहा कि इस आयोजन के दौरान कई महत्वपूर्ण ज्ञानवर्धक उत्पाद लॉन्च किए जाएंगे, जिनमें जैव ईंधन वित्तपोषण पर एक श्वेत पत्र और सतत विमानन ईंधन पर एक फ्यूल माइक्रोसाइट भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आईईए और पीपीएसी द्वारा इंडिया बायोएनर्जी आउटलुक 2030 का विमोचन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम उभरते ऊर्जा क्षेत्रों में सूचित नीति निर्माण और निवेश निर्णयों को सुदृढ़ करने में सहायक होंगी।
अंत में, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक 2026 भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने में निहित है। यह आयोजन देश को एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा केंद्र और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में एक विश्वसनीय स्वर के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगा।
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एमजी/पीके/केसी
(रिलीज़ आईडी: 2218077)
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