युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ प्रेरक संवाद से हुआ विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 के तीसरे दिन का शुभारंभ
आपके निरन्तर प्रयास हमें विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाएंगे: युवा नेताओं से केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया
“विकसित भारत के निर्माण के लिए नशा-मुक्त युवा आवश्यक हैं” : डॉ. मांडविया
“उड़ान की कभी कोई सीमा नहीं रही - न मेरे लिए, न आपके लिए, और न ही भारत के लिए”: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला
“हमेशा विद्यार्थी ही बने रहें, सीखना कभी न बंद करें”: युवा नेताओं से ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर
केंद्रीय मंत्री और सांसदों ने युवा नेताओं के साथ अनौपचारिक मार्गदर्शन और राष्ट्र निर्माण संवाद की मेज़बानी की
तीसरे दिन का समापन भारत की सांस्कृतिक विविधता के जीवंत प्रदर्शन के साथ हुआ
विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री के साथ युवा नेताओं की बातचीत के साथ सम्पन्न होगा
प्रविष्टि तिथि:
11 JAN 2026 7:04PM by PIB Delhi
युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 का तीसरा दिन भारत मंडपम में बड़े उत्साह और जोश के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का प्रेरक संबोधन, इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संवादात्मक सत्र, और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने उन्हें पूरे देश के लगभग 50 लाख युवाओं में से चुने जाने पर बधाई दी और बताया कि उन्हें उनके संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपालों द्वारा भेजा गया है, जो राज्यों और राष्ट्र द्वारा उनमें जताए गए विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वी.बी.वाय.एल.डी. के माध्यम से युवा सीधे भारत सरकार से जुड़े हैं और जल्द ही वे अपने विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संवाद बस इस कार्यक्रम के साथ खत्म नहीं हो जाता, बल्कि विकसित भारत के विज़न को वास्तविकता में बदलने की यात्रा अब शुरू होती है।

केंद्रीय मंत्री ने युवा नेताओं से आग्रह किया कि वे माई (एम.वाय.) भारत प्लेटफॉर्म के माध्यम से सक्रिय बने रहें और अपने राज्यों में लौटने के बाद जिला युवा अधिकारियों के साथ जुड़े रहें। उन्हें नशा मुक्त युवा जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करते हुए, उन्होंने नशे को एक गंभीर चुनौती बताया और विश्वविद्यालयों तथा स्कूलों में युवा कनेक्ट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थायी पहुँच बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को युवा भागीदारी जुटाने, विकसित भारत पर प्रस्तुतियों को शैक्षणिक संस्थानों तक पहुँचाने, और एक करोड़ युवाओं को माई भारत प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। युवाओं में अपने विश्वास को दोहराते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि वी.बी.वाय.एल.डी. युवा नेताओं को अपने विचार और क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर देता है। उन्होंने सफलता की नींव के रूप में अनुशासन और प्रतिबद्धता पर जोर दिया, यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि सामूहिक प्रयास विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगे।

युवा प्रतिनिधियों का ध्यान वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने की ओर आकर्षित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने उन्हें इस पर संसद में हुई चर्चाओं से स्वयं को परिचित रखने का आग्रह किया, जिससे वे इस संवाद में अधिक जागरूकता के साथ भाग ले सकें।
दिन की शुरुआत इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों और माई (एम.वाय.) भारत स्वयंसेवकों के साथ प्रेरक संवाद के साथ हुई, जिसमें प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री नामांकित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर ने देश भर से आए युवा नेताओं के साथ बातचीत की। दोनों अधिकारी भारतीय वायु सेना के दक्ष पायलट हैं, जिन्हें भारत के प्रमुख गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया। इस सत्र ने प्रतिभागियों को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और उनके सफर, पेशेवर दृष्टिकोण और राष्ट्र के भविष्य के लिए उनके विज़न से प्रेरणा लेने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया।


एक अत्यंत प्रेरक संवाद में, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष उड़ान के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने माइक्रोग्रेविटी की अद्भुत प्रकृति का वर्णन किया, जहाँ पारंपरिक दिशा की धारणा अस्तित्वहीन हो जाती है। पृथ्वी की कक्षा से लिए गए भारत के अद्भुत चित्र प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने कहा कि उनका यह सफर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सपने सच होते हैं। सफलता की कुंजी के रूप में लचीलेपन पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि असली मंत्र विफलताओं से सीख लेना, मजबूत होकर वापसी करना और संतोष से कभी संतुष्ट न होना है। भारतीय युवाओं का वर्णन “निर्भीक और प्रभावशाली” जैसे शब्दों में करते हुए, उन्होंने युवा नेताओं से दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहने का आग्रह किया।

असीमित महत्वाकांक्षा पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा, “उड़ान की कभी कोई सीमा नहीं थी – न मेरे लिए, न आपके लिए, और न ही भारत के लिए।” उन्होंने युवाओं को साहसिक सपने देखने और राष्ट्र के भविष्य में योगदान देने में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
एक माई भारत स्वयंसेवक द्वारा संचालित किए गए संवादात्मक सत्र के दौरान, ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा के बढ़ते वैश्विक महत्व को उजागर किया और कहा कि दुनिया अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत को वैश्विक दक्षिण की प्रतिनिधि आवाज़ के रूप में देखती है। उन्होंने अपनी प्रेरणा का श्रेय परिवार और मित्रों के अडिग समर्थन और भगवद गीता से प्राप्त प्ररेणा को दिया। अपने वैश्विक अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ताकत इसके अनूठे मूल्यों और स्वाभाविक क्षमताओं में निहित है, और युवाओं को जीवन भर सीखते रहने और “विद्यार्थी अवस्था” में बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस दिन विकसित भारत के रंग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जो युवाओं की रचनात्मक और कलात्मक अभिव्यक्तियों का उत्सव था। इस कार्यक्रम में बेहतरीन संगीत, नृत्य और कविता प्रस्तुतियाँ प्रदर्शित की गईं। उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और योगदानों को मान्यता देते हुए और उत्कृष्टता तथा युवा-नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हुए, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने विजेताओं को सम्मानित किया।




प्रतिभागियों ने दिन का समापन राज्य की टीमों के रूप में पुनः समूह बनाकर और केंद्रीय मंत्रियों तथा सांसदों के निवास स्थलों पर रात्रि भोजन के कार्यक्रम में भाग लेकर किया, जिससे साझा चिंतन और राष्ट्र सेवा के प्रति वचनबद्धता के माहौल में सार्थक संवाद, दिशा-निर्देश और अनौपचारिक मार्गदर्शन का अवसर प्राप्त हुआ।

विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 का अंतिम दिन, जो संयोग से स्वामी विवेकानंद जयंती की स्मृति के रूप में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के साथ ही है, इस चार दिवसीय युवा महोत्सव को सम्पन्न करेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति कार्यक्रम के राष्ट्रीय महत्व और युवाओं के नेतृत्व से राष्ट्र निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करेगी। एक भव्य सर्व-सत्रीय कार्यक्रम, जिसमें टाउन हॉल शैली की बातचीत शामिल होगी, प्रधानमंत्री और युवा नेताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद की सुविधा प्रदान करेगा, जिसमें वे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले विषयों के अनुरूप दस उच्च-प्रभाव वाले आइडिया प्रस्तुत करेंगे। समापन कार्यक्रम से यह अपेक्षा है कि युवा सक्रिय रूप से भारत को विकसित भारत@2047 की ओर ले जाने में योगदान करेंगे, और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में युवा नेताओं की केंद्रीय भूमिका को पुष्ट करेंगे।
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पीके/केसी/पीके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2213534)
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