गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी कॉनक्लेव को संबोधित किया
मोदी जी भारतीय इतिहास के एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने Renewable Energy से लेकर Power Generation व Planet Protection तक, इतने diverse development की कल्पना की
इंफ़्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, R&D, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और व्यक्ति की स्वयं की आय में बढ़ोतरी है हमारा ‘विकसित केरलम’ का विजन
हम विकसित केरल, सुरक्षित केरल और सबकी आस्थाओं का सम्मान करने वाला केरल बनाना चाहते हैं
हम केरल में governance without corruption स्थापित करना चाहते हैं, Remittance-based economy केरल का भला नहीं कर सकती
जब हमने PFI पर बैन लगाया, तो यहाँ की सत्ता में रहे दोनों गठबंधनों ने विरोध किया; क्या PFI, जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल को एक रख सकते हैं?
सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करानी चाहिए
2004 से 2014 तक केन्द्र में रही सरकार ने केरल के विकास के लिए 72 हजार करोड़ रुपए दिए, 2014 से 2024 तक मोदी जी ने तीन लाख 13 हजार करोड़ रुपए दिए
मोदी सरकार ने नहीं, बल्कि केरल की सरकार ने केरल के साथ अन्याय किया
New Kerala बनने पर ही New India बनेगा, विकसित केरल होने पर ही विकसित भारत बनेगा
केरल कौमुदी भारत की स्थानीय भाषाओं की पत्रकारिता में एक विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरकर सामने आया
केरल कौमुदी केरल की जनता की आत्मा की आवाज बना
प्रविष्टि तिथि:
11 JAN 2026 7:55PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी कॉनक्लेव को संबोधित किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि ‘The New India, A New Kerala’ कॉन्सेप्ट को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विकसित भारत की कल्पना में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना विकसित केरल से होकर गुजरती है। विकसित भारत का मतलब है कि भारत का हर राज्य अपने Optimum Potential के साथ विकसित हो, इसका अर्थ है कि विकसित केरल की कल्पना भी इसमें शामिल है। श्री शाह ने कहा कि हमारी विकसित केरल, सुरक्षित केरल, सबकी आस्थाओं का सम्मान करने वाला और उन्हें सुरक्षित रखने वाला केरल बनाने की कल्पना है। उन्होंने कहा कि इंफ़्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, R&D, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और व्यक्ति की स्वयं की आय में बढ़ोतरी हमारा ‘विकसित केरलम’ का विजन है। विकसित केरल में हर नागरिक की सुरक्षा की चिंता होनी चाहिए, और हर प्रकार की आस्था एवं विश्वास, चाहे वो किसी भी धर्म या संप्रदाय से हो, उनका संरक्षण होना चाहिए।
श्री अमित शाह ने कहा कि हम आकांक्षी भारत की बात करते हैं। हम एक ऐसे भारत की बात करते हैं जहां उन्नत भविष्य, प्रगति, मन में उम्मीद है और जो आत्मनिर्भर है और आत्मविश्वासी भी है। इन्हीं से मिलकर नए भारत की कल्पना होती है। उन्होंने कहा कि इस कल्पना को साकार करने के लिए भारत के हर राज्य को उसके ऑप्टिमम लेवल पर विकसित करना ही हमारा लक्ष्य है। हम एक ऐसी राजनीति की भी कल्पना करते हैं, जिसमें पॉलिटिक्स से अधिक परफॉर्मेंस को प्राथमिकता मिले। गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में performance based politics की शुरुआत की है, जिसमें complaints की जगह commitment में विश्वास है। उन्होंने कहा कि देश कितना भी विकसित होगा, complaints तो होंगी ही, लेकिन यह commitment होनी चाहिए कि हम हर शिकायत का निराकरण करेंगे। हम एक ऐसी सोसाइटी की रचना में विश्वास रखते हैं जहां विकास करने के लिए किसी का तुष्टिकरण नहीं करना पड़े। हम silence से strength की ओर जाना चाहते हैं। जो चुप बैठे हैं, दबकर बैठे हैं, उनकी ताकत इतनी हो कि उन्हें चुप रहने की जरूरत न पड़े। हम doubt से decision और delay से delivery की ओर जाना चाहते हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमने विकसित केरल की कल्पना की है। केरल में ढेर सारा पोटेंशियल मौजूद है। केरल की संस्कृति, साहित्य और एजुकेशन के प्रति लगाव पूरे भारतवर्ष में केरल को टॉप का राज्य बनाता है, इसमें पूरे भारत का विश्वास है। यहां पर आयुर्वेद से लेकर आईटी, स्पोर्ट्स से लेकर स्टार्टअप और बैकवॉटर से लेकर इंटेलेक्चुअल डिस्कशन तक सब मौजूद है और इनमें केरल ने पूरे भारत में बेस्ट परफॉर्म किया है। श्री शाह ने कहा कि हालांकि केरल में दोनों विपक्षी गठबंधनों के बारी-बारी से सत्ता में आने के सिलसिले ने पॉलिटिक्स में एक प्रकार की stagnancy लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केरल में अभी हुए स्थानीय निकाय चुनावों ने पूरा परिदृश्य बदल दिया है। श्री शाह ने कहा कि वे केरल की जनता से एक नए विचार, नए ब्लड और नए प्रकार के पॉलिटिक्स की अपील करने आए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ हमारी पार्टी और हमारा गठबंधन ही केरल की जरूरत पूरी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हम विकसित केरल की कल्पना को बहुत अच्छी तरह साकार कर सकते हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी भारतीय इतिहास के एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने Renewable Energy से लेकर Power Generation व Planet Protection तक, इतने diverse development की कल्पना की। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने एक नया आत्मविश्वास जगाने का काम किया है। इसका परिणाम है कि हम 11 साल में एक ऐसा भारत बना पाए हैं जिसे दुनिया चकाचौंध होकर देख रही है। 2014 में हम दुनिया की 11वें नंबर की इकोनॉमी थे, सिर्फ 11 वर्ष में हम 11वें स्थान से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि दिसंबर 2027 से पहले हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश में सिर्फ आर्थिक विकास ही नहीं हुआ, इसके साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग 610 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आज दुनिया में जितने भी डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं, उनमें 50 प्रतिशत भारत में होते हैं। यह बताता है कि हमने इन 11 सालों में कितना कुछ हासिल किया है। उन्होंने कहा कि बीते 11 साल में हमने 60 करोड़ गरीबों को घर दिया, गैस दी, पीने का पानी दिया, बिजली दी, हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज दिया और 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने दो पीढ़ियों से संघर्ष कर रहे 60 करोड़ गरीबों के जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी कर दी। उन्होंने कहा कि बीते 10 साल में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके हैं। इस अवधि में सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और भारत मैन्युफैक्चरिंग का हब ही नहीं बना, PLI स्कीम लाकर हर प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग में निवेश और सबसे ज्यादा FDI ही नहीं लाए और एक्सपोर्ट को अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर ही नहीं ले गए, बल्कि हमने 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर ले जाने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि यह भारत के समग्र विकास का मॉडल है। हमने कई प्रकार के प्रयोग करके इसे सिद्ध किया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि आज स्पेस और स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत का दबदबा है। R&D के 35 सेगमेंट्स में से 15 में हम टॉप 1 से 4 के बीच खड़े हैं, और बाकी सभी सेगमेंट्स में हम 1 से 10 के बीच हैं। 10 साल पहले हम R&D के किसी भी सेगमेंट में टॉप 5 में नहीं थे। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो बताती है कि यह भविष्य भारत का है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में भारत औसतन सबसे ज्यादा पेटेंट रजिस्टर करने वाला देश बना है। आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है कि यहां R&D हो रहा है और फ्यूचर भारत के रजिस्टर्ड पेटेंट्स का है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हम केरल की जनता के सामने ‘विकसित केरल, सुरक्षित केरल और सभी की आस्थाओं का सम्मान करने वाला केरल’ का नारा लेकर गए हैं। यह केरल जैसी डाइवर्स सोसाइटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब तुष्टिकरण होता है, तो आप किसी को अपीज़ करते ही दूसरे के साथ अन्याय कर देते हैं। श्री शाह ने कहा कि उनकी पार्टी अपीज़मेंट में विश्वास नहीं करती, बल्कि सभी के साथ न्याय करती है। उन्होंने कहा कि अगर केरल के हर नागरिक के विकास की चिंता करें, तो remittance-based economy केरल का भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि वे रेमिटेंस का स्वागत करते हैं और वह आना भी चाहिए, परन्तु इससे केरल के हर नागरिक का विकास नहीं हो सकता। श्री शाह ने सवाल किया कि जिनके परिवार में से कोई विदेश में नहीं है, उनका क्या होगा? उन्होंने कहा कि हमें रेमिटेंस बेस्ड इकोनॉमी की जगह सभी को विकसित करने वाला इकनॉमिक मॉडल बनाना पड़ेगा और रेमिटेंस बेस्ड इकोनॉमी भी इसका हिस्सा होगी। उन्होंने कहा कि रेमिटेंस को कम नहीं करना है, परन्तु और मौके भी पैदा करने पड़ेंगे। पर्यटन की संभावनाओं को तलाशना होगा और केरल में शिक्षा के क्षेत्र को भी एक्सप्लोर करना पड़ेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि केरल में समुद्री व्यापार की शत प्रतिशत संभावनाओं को एक्सप्लोर करना पड़ेगा। केरल का आयुर्वेद, औषधि और मसाले विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। हमें उन्हें भी एक्सप्लोर करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केरल में डेटा स्टोरेज, और आईटी से लेकर सेमीकंडक्टर तक ढेर सारी ऐसी इंडस्ट्रीज हैं, जिनमें भूमि की ज्यादा जरूरत नहीं है, जहां IQ की जरूरत है—उन्हें डेवलप करना पड़ेगा। रेमिटेंस बेस्ड इकोनॉमी को बढ़ाते हुए एक समग्र और समावेशी विकास का मॉडल केरल को अपनाना पड़ेगा, जो केरल को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि केरल के हर नागरिक के लिए यह मॉडल विकास के अवसर लेकर आएगा। श्री शाह ने कहा कि विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए जिसमें हर नागरिक को अपना प्रतिबिंब दिखाई पड़े और इसमें हर नागरिक के लिए स्थान और सोच हो।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हम सुरक्षित केरल भी चाहते हैं। लॉ एंड ऑर्डर देखने में ठीक दिखता है, मगर कई प्रकार के खतरे जब धीरे-धीरे बढ़ते हैं, तो वे लॉन्ग टर्म में हमें सुरक्षित नहीं रखते। उन्होंने कहा कि जब हमने PFI पर बैन लगाया, तो दबे स्वरों में यहाँ की सत्ता में रहे दोनों गठबंधनों ने विरोध किया और हमारे कदम का समर्थन नहीं किया। श्री शाह ने सवाल किया कि क्या PFI और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल को एक रख सकते हैं? जो लोग सह-अस्तित्व में नहीं मानते, वे कैसे केरल को एक रख सकते हैं? उन खतरों को पहचानना और उन्हें समाप्त करने का प्रयास करना शासन की जिम्मेदारी है। गृह मंत्री ने कहा कि जब वे देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर यह कहते हैं कि हमने PFI पर बैन लगाया और PFI के कैडर को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया, तो पूरा देश खुद को सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि परदे के पीछे दिखाई न पड़ने वाले ऐसे अदृश्य खतरों को पहचानकर केरल को उनसे सुरक्षित करना ही सुरक्षित केरल का कॉन्सेप्ट है। इसमें हर धर्म के लोगों की आस्था का सम्मान होना चाहिए।
श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी की सरकार ने गरीब कल्याण की शुरुआत की, 4 करोड़ मकान गरीबों को दिए, इसमें किसी का धर्म नहीं पूछा। पानी भी सभी को मिल रहा है, अनाज भी सभी को मिल रहा है, और इलाज भी सभी को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब आप सरकार चलाते हैं, तो सभी प्रकार की आस्थाओं के साथ न्याय होना चाहिए। सबरीमाला में आस्था का सवाल खड़ा होता है और सबरीमाला में प्रभु के खजाने में जो चोरी होती है, उस पर लीपापोती होती है। इससे शासन पर सवाल खड़े हो जाते हैं। केवल निष्पक्ष जांच करना जरूरी नहीं है, वह निष्पक्ष दिखनी भी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करानी चाहिए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बारी-बारी से दो गठबंधनों के केरल की सत्ता में आने के सिलसिले ने भ्रष्टाचार बढ़ाया है। दोनों गठबंधन एक-दूसरे की सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच नहीं करते। को-ऑपरेटिव घोटाले, AI कैमरा घोटाले, PPP घोटाले सहित अन्य घोटालों की कोई निर्णायक जांच नहीं हुई। रिश्वत कांड और सोलर घोटाले की भी जांच नहीं हुई। दोनों गठबंधन की सरकारें एक-दूसरे के भ्रष्टाचार को प्रोटेक्ट करते हैं। श्री शाह कहा कि अगर केरल की जनता को भ्रष्टाचार से बाहर निकलना है तो एक बार हमारी सरकार को मौका दें। उन्होंने कहा कि हम केरल में governance without corruption स्थापित करना चाहते हैं। हमारी सरकार ही governance without corruption, delivery without discrimination और vision without vote-bank politics दे सकती है। उन्होंने कहा कि governance without corruption पारदर्शी शासन है जो लोकतंत्र को मजबूत करता है। delivery without discrimination हमारे संविधान की मूल भावनाओं को ताकत देता है और vision without vote-bank politics एक सर्वांगीण विकास का मॉडल खड़ा कर सकता है। हमने देश में यह करके दिखाया है। श्री शाह ने कहा कि बीते 11 साल में मोदी सरकार ने इस दिशा में बहुत बड़ा काम किया है और हमने केरल के विकास के लिए भी बहुत काम किया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 2004 से 2014 तक केन्द्र में रही सरकार ने केरल को 72,000 करोड़ रुपए दिए, जबकि 2014 से 2024 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने 3 लाख 13 हजार करोड़ रुपए की विकास निधि प्रदान की, जबकि उस समय हमारे गठबंधन के पास केरल में सत्ता नहीं थी। इसके अतिरिक्त, 22,000 करोड़ रुपए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, 4,000 करोड़ रुपए रोड डेवलपमेंट, 17,000 करोड़ रुपए रेलवे और एयरपोर्ट के लिए अलग से आवंटित किए गए। उन्होंने कहा कि हमने 22 हजार करोड़ रुपए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, 4 हजार करोड़ रुपए रोड डेवलपमेंट, 15 हजार करोड़ रुपए रेलवे और 3 हजार करोड़ रुपए एयरपोर्ट के लिए दिए।इसके अलावा अर्बन डेवलपमेंट के लिए 22 हजार करोड़ रुपए अलग से दिए हैं। अमृत योजना के तहत अल्लापुझा, कन्नूर, कोच्चि, कोल्लम, कोझिकोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर और गुरुवायूर के अपग्रेडेशन का काम किया। तिरुवनंतपुरम और कोच्चि को हमने स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया है। प्रधानमंत्री जी ने जन विकास कार्यक्रम में लगभग 19 कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को 130 करोड़ रुपए के फंड के साथ स्वयं लॉन्च किया है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नहीं, बल्कि केरल की सरकार ने केरल के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि न्यू केरल बनने पर ही न्यू इंडिया बनेगा, विकसित केरल होने पर ही विकसित भारत बनेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि केरल कौमुदी भारत की स्थानीय भाषाओं की पत्रकारिता में एक विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरकर सामने आया है। लंबे समय से काम करते-करते केरल कौमुदी राज्य की जनता की आत्मा की आवाज बन गया है। यह जनता की भावना, जन संस्कृति और चेतना का प्रतिरूप बन गया है।
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