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प्रधानमंत्री ने वास्तविक वीरता पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 26 DEC 2025 9:34AM by PIB Delhi

वास्तविक वीरता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया -

“बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।

उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता।।"

सुभाषित का भाव यह है कि चाहे बंधन में हों या मृत्यु का सामना कर रहे हों, विजय में हों या पराजय में—सच्चा वीर वही है जो हर परिस्थिति में साहस की भावना को बनाए रखता है और अडिग रहता है; यही वास्तविक वीरता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:

“बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।

उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता।।"

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पीके/केसी/पीके


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