सूचना और प्रसारण मंत्रालय
भारत का रचनात्मक क्षेत्र प्रौद्योगिकी के एकीकरण और रचनाकारों के एक मजबूत इकोसिस्टम के विकास के साथ आगे बढ़ता रहेगा: आईएफएफआई के उद्घाटन समारोह के वीडियो संदेश में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
आइए हम सब मिलकर सुनिश्चित करें कि हर भारतीय रचनाकार एक वैश्विक कहानीकार बने और दुनिया भविष्य को स्वरुप देने वाली कहानियों के लिए भारत की ओर देखे: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
‘विकेंद्रीकृत रचनात्मक क्रांति’ - गुवाहाटी, कोच्चि और इंदौर जैसे शहर रचनात्मक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज गोवा में आयोजित 55वें आईएफएफआई के जीवंत उद्घाटन समारोह के दौरान एक वीडियो संदेश में कहा, "भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) भारतीय फिल्म उद्योग के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है। भारत का ध्यान एक ऐसी कंटेंट क्रिएटर्स अर्थव्यवस्था विकसित करने पर केंद्रित है, जो जीवंत है और तेजी से विकसित हो रही है।"
मंत्री ने भारत के रचनात्मक क्षेत्र को आर्थिक विकास में योगदान देने वाली एक गतिशील शक्ति के रूप में भी रेखांकित किया, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा, "लोग ऐसे अभिनव कंटेंट के साथ आगे आ रहे हैं, जो भारत की विविध संस्कृतियों, व्यंजनों, समृद्ध विरासत तथा भारतीय साहित्य और भाषाओं की महत्वपूर्ण रचनाओं को दिलचस्प और रचनात्मक तरीकों से प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि देश रचनाकारों को निरंतर सशक्त बना रहा है, नवाचार को बढ़ावा दे रहा है और विश्व मंच पर सांस्कृतिक कूटनीति को आगे बढ़ा रहा है।"
केंद्रीय मंत्री ने रचनाकारों से ऐसी कहानियां गढ़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाने का भी आह्वान किया, जो भारत की अनूठी पहचान को प्रतिबिंबित करते हुए वैश्विक दर्शकों की पसंद के अनुरूप हों। उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी के एकीकरण और रचनाकारों के एक मजबूत इकोसिस्टम के विकास के साथ, हमारा मानना है कि भारत का रचनात्मक क्षेत्र फलता-फूलता रहेगा।"
मंत्री ने सभी फिल्म प्रेमियों, फिल्म निर्माताओं और आईएफएफआई प्रतिनिधियों को हार्दिक आमंत्रण दिया तथा उम्मीद जताई कि यह महोत्सव रचनात्मक लोगों के लिए नई साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, "हमें यह भी उम्मीद है कि युवा रचनाकारों को यहां मार्गदर्शन और परामर्श प्राप्त होगा। इस कार्यक्रम के दौरान साझा किए गए विचार, आने वाले वर्षों में उद्योग की दिशा को आकार देने में मदद करेंगे।"
भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था: एक वैश्विक पावरहाउस
आज प्रकाशित एक लेख में, श्री वैष्णव ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास पथ के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने लिखा है, “भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है, जिसका मूल्य अब 30 बिलियन डॉलर है, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 2.5% का योगदान देता है और 8 प्रतिशत कार्यबल को आजीविका प्रदान करता है। अकेले प्रभावशाली (इन्फ्लुएंसर) मार्केटिंग क्षेत्र का मूल्य 3,375 करोड़ रुपये है, जिसमें 200,000 से अधिक पूर्णकालिक कंटेंट रचनाकार भारत की वैश्विक उपस्थिति में योगदान दे रहे हैं।" मंत्री ने बताया है कि गुवाहाटी, कोच्चि और इंदौर जैसे शहर रचनात्मक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, जो पूरे देश में विकेंद्रीकृत रचनात्मक क्रांति को बढ़ावा दे रहे हैं।
मंत्री ने भारत के रचनात्मक उद्योगों के व्यापक प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि इनकी वृद्धि दर सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर से अधिक है। रचनात्मक उद्योग बॉलीवुड, क्षेत्रीय सिनेमा और अन्य सांस्कृतिक निर्माण के माध्यम से देश की वैश्विक सॉफ्ट पावर को आकार देने में मदद करते हैं।
मंत्री ने सरकार के परिवर्तनकारी कार्यक्रमों के बारे में दोहराया और कहा कि विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) देश को कंटेंट निर्माण और नवाचार में एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने लिखा, 'भविष्य उन लोगों का है, जो नवाचार करते हैं, सहयोग करते हैं और सहजता से सृजन करते हैं।' 'भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था प्रेरणा का एक प्रकाश स्तंभ बने तथा आर्थिक विकास, सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व को आगे बढ़ाए। आइए, हम साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक भारतीय निर्माता एक वैश्विक कहानीकार बने और दुनिया भविष्य को आकार देने वाली कहानियों के लिए भारत की ओर देखे।'
आईएफएफआई के शुरू होने पर, मंत्री ने अपने लेख के माध्यम से वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने में भारत के रचनाकारों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'भारत के रचनाकार वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।'
महोत्सव का 55वां संस्करण आज, 20 नवंबर 2024 को आईएफएफआई के स्थायी आयोजन स्थल गोवा में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुआ। नौ दिवसीय महोत्सव 28 नवंबर, 2024 तक चलेगा, जो फिल्म निर्माताओं और रचनात्मक कलाकारों को सिनेमा के आनंद को साझा करने और मनाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
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एमजी/केसी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2075306)
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