महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया


"राष्ट्रीय बालिका दिवस हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को और मजबूत करने का अवसर है": प्रधानमंत्री

"हमने अपनी बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हुए एक समावेशी और समान समाज के निर्माण के लिए लैंगिक विभाजन को पाटने का संकल्प लिया है”- श्रीमती स्मृति ईरानी

Posted On: 25 JAN 2022 2:48PM by PIB Delhi

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी ने 24 जनवरी, 2022 को बालिका और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया। देश में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए बच्चों के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए देश भर में वर्चुअल/ऑनलाइन माध्यम पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

ऑनलाइन इंटरैक्टिव कार्यक्रम

आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) पुरस्कार-2022 प्रदान करके बच्चों की अनुकरणीय उपलब्धियों को पहचानने के लिए एक वर्चुअल समारोह का आयोजन किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पीएमआरबीपी-2022 के विजेताओं के साथ वर्चुअल बातचीत की। बच्चे अपने माता-पिता और अपने जिले के संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के साथ अपने जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा ऑनलाइन लाइव इंटरैक्टिव कार्यक्रमों की एक श्रृंखला भी आयोजित की गई जिसमें मंत्रियों ने युवा लड़कियों के साथ बातचीत की और उन्हें अपने विचारों में विश्वास रखने और अपने दिल का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया।

(i) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने यूनिसेफ के साथ मिलकर 'कन्या महोत्सव' का आयोजन किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ​​विभिन्न राज्यों के नौ किशोरों के साथ एक इंटरैक्टिव ऑनलाइन बातचीत में शामिल हुईं। इस इंटरैक्टिव और डिजिटल अभियान का नारा 'हर लड़की खास है' रहा है।

अपने संबोधन में मंत्री श्रीमती ईरानी ने किशोर लड़कियों और लड़कों की भागीदारी का स्वागत किया जिन्होंने साहस, दृढ़ संकल्प और आशा की अपनी कहानियों को साझा किया। भारत भर से बच्चों की इन आवाजों को सामने लाने में यूनिसेफ के प्रयासों और बच्चों के सुझावों को स्वीकार करते हुए, मंत्री ने बच्चों के सामने आने वाली मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने और डब्ल्यूसीडी मंत्रालय के साथ संवाद कार्यक्रम का समर्थन करने का अनुरोध किया। साथ ही अपने समुदायों में बाल विवाह को समाप्त करने में योगदान देने वाली युवा लड़कियों को एक साथ लाने और मिशन वात्सल्य के माध्यम से वैकल्पिक देखभाल और परिवार आधारित देखभाल जैसी स्थितियों में बच्चों के लिए सेवाओं के लिए सिफारिशों को शामिल करने का आग्रह भी किया।

यूनिसेफ दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक, जॉर्ज लारिया अदजेई ने बाल विवाह को रोकने, किशोर सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने में भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता और महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की। उन्होंने इस एजेंडे के प्रति यूनिसेफ की प्रतिबद्धता और भारत सरकार के साथ काम करने पर जोर दिया।

(ii) केंद्रीय कपड़ा, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, उपभोक्ता मामले और खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री  श्री पीयूष गोयल ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय नवाचार करने वाली युवा लड़कियों के साथ एक वर्चुअल संवाद सत्र आयोजित किया।

(iii) केंद्रीय राज्य मंत्री, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डॉ जितेंद्र सिंह ने भी युवा महिला उद्यमियों के साथ एक वर्चुअल मंच पर बातचीत की, जिन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

वेबिनार

डब्ल्यूसीडी मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस पर निम्नलिखित वेबिनार आयोजित किए गए:

(i) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने "सेव द गर्ल चाइल्ड" विषय पर एक वर्चुअल चर्चा का आयोजन किया, जिसके माध्यम से उनके वक्ताओं ने लड़कियों के अधिकारों और बालिका शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में योगदान दिया। श्री ओम प्रकाश धनखड़ पूर्व कैबिनेट मंत्री, हरियाणा ने "बालिकाओं को बचाने के लिए समाज की विचारधारा, मानसिकता और भूमिका" पर चर्चा की और सुश्री प्रज्ञा वत्स, अभियान प्रमुख- बच्चों को बचाओ, बाल रक्षा भारत ने उपस्थित लोगों को  लड़कियों के अधिकार और बालिका शिक्षा का महत्व और विभिन्न नीतियां और इसके परिणाम पर जागरूक किया।

(ii) महिला और बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय लोक सहयोग और बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) ने 24 जनवरी, 2022 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर भारत में किशोरियों की व्यापक आवश्यकताओं को संबोधित करते हुए, "लड़कियां जहां, खुशियां वहां" थीम पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया। इसका मकसद किशोरियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं की समझ प्रदान करना; शिक्षा के संदर्भ में किशोरियों के सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करने में उन्हें सक्षम बनाना; और किशोरियों के बीच मनो-सामाजिक विकास के महत्व को समझना था। वेबिनार में देश भर से कुल 3000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में बाल देखभाल संस्थानों की किशोर लड़कियां, कॉलेजों के छात्र, सरकारी अधिकारी, परामर्शदाता, आंगनवाड़ी सेवा योजना और बाल संरक्षण योजना के पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, पीएचडी विद्वान, नागरिक समाज संगठनों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासक आदि शामिल थे।

(iii) राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने 'एक बालिका के विधायी अधिकार' विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया, जिसे एनसीपीसीआर के फेसबुक और ट्विटर पर लाइव स्ट्रीम किया गया। वेबिनार के मुख्य वक्ता उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री कल्पेश सत्येंद्र झावेरी थे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा आयोजित कार्यक्रम

(i) शिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य, स्वच्छता, विवाह, अधिकारिता, लैंगिक समानता और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बालिकाओं को सशक्त बनाने में अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर सूचनात्मक वेबिनार का आयोजन किया।

(ii) स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने 75वें आजादी का महोत्सव के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस पर लड़कियों की उपलब्धियों का जश्न मनाया। कार्यक्रम की थीम 'हमारी बेटी हमारी शान' थी। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूरे भारत में शिक्षा, खेल, कला उत्सव, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, पर्यावरण और संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों में 75 छात्राओं का चयन किया गया था।

इस कार्यक्रम में (i) सुश्री अनीता करवाल, केंद्रीय सचिव, शिक्षा मंत्रालय, (ii) सुश्री टेसी थॉमस, वैज्ञानिक, (iii) ईरा सिंघल, आईएएस, (iv) सुश्री अंकिता शर्मा, आईपीएस ( v) सुश्री कांता सिंह, उप प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र महिला भारत और (vi) सुश्री भावना कंठ, प्रथम फाइटर पायलट बतौर पैनलिस्ट शामिल हुईं। इन्हें लड़कियों के साथ अपने जीवन के अनुभव और सफलता की कहानियां साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था। पैनलिस्टों के प्रोफाइल को कार्यक्रम में उनके काम और उपलब्धियों को उजागर करते हुए दिखाया गया था और कार्यक्रम के दौरान एक शो रील भी दिखाया गया था जिसमें सभी 75 प्रतिभागियों की सफलता की कहानियों और उपलब्धियों को दर्शाया गया था।

(iii) संस्कृति मंत्रालय ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के लिए रंगोली उत्सव 'उमंग' का आयोजन किया। एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां प्रतिभागियों ने महिला स्वतंत्रता सेनानियों या देश की महिला रोल मॉडल के नाम पर सड़कों और चौराहों पर रंगोली की सजावट की। 19 राज्यों में 70 से अधिक स्थानों पर रंगोली की सजावट की गई।

बीबीबीपी योजना के तहत जिलों में उत्सव

बीबीबीपी के तहत सभी 405 बहु-क्षेत्रीय जिलों ने कार्यक्रम आयोजित किए, जैसे:-

(i) सीएसआर पर ग्राम सभा/महिला सभा

(ii) बालिकाओं के सम्मान के लिए स्कूलों (सरकारी/निजी) के साथ कार्यक्रम

(iii) एसटीईएम से संबंधित विषयों पर स्कूल के बीच पोस्टर/स्लोगन-लेखन/ड्रॉइंग/पेंटिंग प्रतियोगिता

(iv) स्थानीय मीडिया में बीबीबीपी स्थानीय चैंपियन आदि के बारे में लेख

जिलों द्वारा आयोजित कुछ कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

(i) मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा प्रतिभाशाली लड़कियों का अभिनंदन।

(ii) सरायकेला, झारखंड में मासिक धर्म स्वच्छता पर वेबिनार सत्र।

iii) जिला कलेक्टर सरायकेला, झारखंड द्वारा 10वीं और 12वीं के ब्लॉक स्तरीय टॉपर्स और 10वीं और 12वीं के जिला टॉपर्स का अभिनंदन।

(iv) रामचंडी चाइल्ड क्लब, केंद्रपाड़ा जिला, ओडिशा के चाइल्ड क्लब के सदस्यों के बीच ड्राइंग प्रतियोगिता।

(v) अपर जिलाधिकारी और आईसीडीएस नालंदा, बिहार की टीम ने गुब्बारा उड़ाकर राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के स्तर में सुधार पर चर्चा की।

(vi) उत्तरी सिक्किम में, मंगशिला ग्राम प्रशासन केंद्र में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में श्री पिंटसो नामग्याल लेप्चा विधायक, पंचायत, जिला सदस्य एवं किशोरियों ने भाग लिया।

डीपीओ/मंगन/उत्तरी सिक्किम द्वारा बालिकाओं की योजना जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, बाल अधिकार, पॉक्सो आदि के बारे में जागरूकता के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

(vii) राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जीएसएसएस जसिया रोहतक, हरियाणा के छात्रों द्वारा पेंटिंग बनाई गई।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कुछ महत्वपूर्ण ट्वीट्स-

 

एमजी/एएम/पीके



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