नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की चौथी सभा वर्ष 2030 तक वैश्विक सौर निवेश में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अर्जित करने के वायदे के साथ सम्पन्न हुई

आईएसए सभा ने सीओपी26 में ग्रीन ग्रिड्स पहल- ‘वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड’ (जीजीआई-ओएसओडब्ल्यूओजी) के शुभारंभ के लिए "वन सन" राजनीतिक घोषणा को हरी झंडी दिखाई

सभा ने वर्ष 2030 तक सौर निवेश में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने के लिए एक ठोस कार्रवाई एजेंडे को मंजूरी दी, जिसमें एक मिश्रित वित्त जोखिम कम करने की सुविधा भी शामिल है

आईएसए ने ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज और ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट के साथ साझेदारी की है

सौर पीवी पैनलों एवं बैटरी उपयोग, अपशिष्ट और सौलर हाइड्रोजन कार्यक्रमों के प्रबंधन के बारे में नए आईएसए कार्यक्रम शुरू किए गए

Posted On: 22 OCT 2021 11:52AM by PIB Delhi

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की चौथी आम सभा 18 से 21 अक्टूबर, 2021 तकआयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री और आईएसए सभा के अध्यक्षश्री आर.के. सिंहकी अध्यक्षता में हुई। इस सभा में74 सदस्य देशों और 34 पर्यवेक्षक एवं संभावित देशों सहित कुल 108 देशों,23 भागीदारसंगठनों और 33 विशेष आमंत्रित संगठनों ने भी भाग लिया। जलवायु के बारे में अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूतजॉन केरी ने मुख्य भाषण दियाऔर यूरोपीय ग्रीन डील के लिए यूरोपीय आयोग के कार्यकारी उपाध्यक्षफ्रैंस टिमरमैन ने 20 अक्टूबर को इस सभा को संबोधित किया।

भारत के विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर. के. सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में  कहा कि यह हम सभी के लिए सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करते हुए ऊर्जा पहुंच के लिए मिलकर काम करने का समय है। हमने इसे भारत में सफलतापूर्वक पूरा किया है और इसे वैश्विक स्तर पर भी दोहराया जा सकता है। ऊर्जा पारगमन की तुलना में ऊर्जा पहुंच की समस्या का समाधान करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिनके पास ऊर्जा नहीं है उनके लिए ऊर्जा पारगमन बेकार है। आईएसए दुनिया भर में 800 मिलियन लोगों के लिए ऊर्जा पहुंच को सक्षम बना सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समय विकसित देशों के लिए ऊर्जा पारगमन निधियों को निर्देशित करने का है जिस प्रकार उन्होंने इस बारे में पिछले जलवायु सम्मेलनों में प्रतिबद्धता दिखाई थी। आईएसए इन देशों में क्रेडिट गारंटी देगा और हरित ऊर्जा निवेशों के संचालन में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों को यह निर्धारित करना होगा कि आर्थिक विकास स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से होना चाहिए या कोयला और जलाऊ लकड़ी जलाते हुए।

आईएसए के महानिदेशकडॉ. अजय माथुरने कहा, "सौर दुनिया की कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा, जो बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे सस्ता और सबसे किफायती समाधान है। इसमें कम से कम एक अरब लोगों को ऊर्जा गरीबी से बाहर निकालने के काम में मदद करने की क्षमता भी है, लेकिन यह तभी होगा जब पर्याप्त निवेश जुटाए जाएं और सही नीतिगत ढांचा तैयार किया जाए। आईएसए ने वर्ष 2030 तक सौर क्षेत्र में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो दुनिया को आवश्यक ऊर्जा पारगमनके नजदीक लाने में बहुत महत्वपूर्ण होगा।"

फ्रांसीसी पारिस्थितिकीपारगमन मंत्री और आईएसए सभा की सह-अध्यक्ष, सुश्री बारबरा पॉम्पिली ने कहा कि यह वर्ष हम सभी के लिए आधुनिक और टिकाऊ ऊर्जा तक पहुंच के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित प्रथम ऊर्जा शिखर सम्मेलन में साझा किए गए विचार अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में भी हमारी प्राथमिकताएं हैं। वर्ष 2030 तक ऊर्जा पहुंच अंतर को समाप्त करना, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर ऊर्जा प्रणालियों को डी-कार्बोनाइज़ करना एवं नवीकरणीय ऊर्जा में बड़े पैमाने पर वित्तपोषण और तकनीकी प्रसार को जुटाना हमारे प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं। सीओपी-26 मेंहम यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि कोई भी देश पीछे न छूटे। इस प्रकारअंतर्राष्ट्रीय सहयोग इस सम्मेलन का केंद्र बिन्दु है।

इंग्लैंड के सांसद प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्रीश्री जॉर्ज फ्रीमैन ने कहा कि इंग्लैंड ने स्वच्छ विद्युत पारगमन को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। मुख्य चुनौती हरित ऊर्जा केपारगमन की है, यह पता लगाना है कि बिजली ग्रिड का निर्माण और संचालन कैसे किया जाए और हमारी वैश्विक विद्युत की जरूरतों को स्थायी, किफायती और मज़बूती से कैसे पूरा किया जाए। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें नई आधुनिक विद्युत प्रणालियों द्वारा सहायता प्राप्त मिनी ग्रिड और ऑफ-ग्रिड ऊर्जा पहुंच समाधानों के साथ नई ट्रांसमिशन लाइनों की जरूरत है। आईईए ने यह स्पष्ट किया है कि बिना वैश्विक सहयोग के स्वच्छ पारगमन में दशकों की देरी हो सकती है, जबकि हम इसे दशकों तक नहीं टाल सकते हैं।मोदी और जॉनसन के नेतृत्व में, इंग्लैंड और भारत मिलकर सीओपी-26 में 'ग्रीन ग्रिर्ड्स पहल' और 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' लेकर आएंगे। इसका उद्देश्य वैश्विक तकनीकी, वित्तीय और अनुसंधान सहयोग को जुटाना है हम एक साथ मिलकर काम करके ही स्वच्छ ऊर्जा पारगमन लक्ष्य के पैमाने और गति को उपलब्ध करा सकते हैं।

जलवायु के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति केविशेष के दूत जॉन केरी ने कहा कि सौर ऊर्जा सबसे शक्तिशाली उपकरण है जो दुनिया के पास जलवायु संकट से निपटने वाला एक टूलकिट है। सौर ऊर्जा जनित अर्थव्यवस्था के निर्माण से न केवल कार्बन उत्सर्जन कम होगा बल्कि यह व्यापक आर्थिक अवसरों का भी सृजन करेगा। आईएसए छोटे द्वीपीयदेशों सहित उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में भी सौर ऊर्जा के प्रसार पर ध्यान केंद्रित करने वाला विशिष्ट गठबंधन है। इसलिए मैं हर देश द्वारा किए गए जबरदस्त काम की सराहना करता हूं। सौर ऊर्जा हमारे सामूहिक जलवायु लक्ष्यों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

आईएसए की2015 में पेरिस में हुई शुरूआत से लेकर अब तक हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में प्रकाश डालते हुए यूरोपीयन ग्रीन डील के लिए यूरोपीय आयोग के कार्यकारी उपाध्यक्ष फ्रैंस टिमरमैन्स ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का विकास करना हमारे वैश्विक सुधार के लिए कोविड संकट से उबरने और ऊर्जा केमूल्यों को नियंत्रण में रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। यह विद्युत पैदा करने और तेजी से बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सबसे अधिक सस्ता विकल्प बनता जा रहा है। स्वच्छ और कुशल ऊर्जा निवेश नए बाजारों का सृजन करते हैं,नए व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराते हैं और बड़ी संख्या में कुशल रोजगार प्रदान करते हैं। यह जलवायु कार्रवाई से कहीं अधिक प्रभावी है। आज यह सामान्य रूप से स्मार्ट व्यवसाय है।

ऊर्जा पारगमन सत्र में समर्थन के लिए महिलाओं की क्षमता बढ़ाने के बारे में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री इंदु शेखर चतुर्वेदी ने कहा किआरई क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिएनिजी क्षेत्र को बड़े पैमाने पर योगदान देना होगा। रोजगार सुनिश्चित करने के लिए क्षमताबढ़ाना बहुत आवश्यक है। अब मंत्रालय हमारे कौशल और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में महिलाओं पर ज्यादा ध्यान देगा। हम विकेंद्रीकृत आरई अनुप्रयोगों की अवधारणा और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं और आने वाले महीनों में इन्हें योजना में बदलने का प्रस्ताव है, ताकि महिलाओं को सोलर ड्रायर और सोलर ग्राइंडर जैसी वस्तुओं का उपयोग करने में सक्षम बनाया जा सके और महिलाओं के जीवन में सुधार लाकर उन्हें आजीविका अर्जित करने में भी सक्षम बनाया जा सके।

सभा के दौरान, दो नए कार्यक्रमों- सोलर पीवी पैनलों और बैटरी उपयोग अपशिष्ट का प्रबंधन और सौलर हाइड्रोजन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। नई हाइड्रोजन पहल का उद्देश्य अधिक सस्ती दरों पर हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को सक्षम बनाना है। यह दरें जो वर्तमान में5 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम है उसे घटाकर2 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम तक लाया जाएगा। प्राकृतिक गैस की तुलना में हाइड्रोजन की लागत को प्रतिस्पर्धी बनाने की राह में आपूर्ति और प्रदर्शन दोनों मेंही बड़ी चुनौतियां सामने आती हैं। हालांकि, लागत में कमी आने से कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। सभा में हुई चर्चाओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एमएसएमई क्लस्टर हाइड्रोजन के उपयोग सेडीजल जेनसेट को हटा सकते हैं, जो आज के सौर हाइड्रोजन मूल्यों की तुलना में भी अधिक व्यवहार्य हैं। इस बारे में भी चर्चा की गई कि कैसे आईएसए का कचरा प्रबंधन कार्यक्रम अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों की बढ़ती हुई मात्रा, अपशिष्ट के बारे में विशिष्ट कानून की कमी और अपशिष्ट उपचार की अधिक लागत के लिए महत्वपूर्ण हो सकते है।

सभा में वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (ओएसओडब्ल्यूओजी) पहलको अद्यतन बनाने के बारे में भी चर्चा की गई। सौर ऊर्जा के लिए एकल वैश्विक ग्रिड की अवधारणा पर पहली बार 2018 के अंत में आईएसए की पहली असेंबली में जोर दिया गया था। इसमें दुनिया में सौर ऊर्जा को साझा करने के लिए अंतर-क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड के निर्माण और स्केलिंग की कल्पना की गई है और इसमें समय क्षेत्रों, मौसम, संसाधनों और देशों एवं क्षेत्रों के बीच मूल्यों के अंतर का लाभ उठाना भी शामिल है। ओएसओडब्ल्यूओजी ऊर्जा उत्पादन को डी-कार्बोनाइज करने में भी मदद करेगा, जो आज वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत है। विश्व स्तर पर अन्य समान पहलों के साथ अपने प्रयासों और कार्यों को समन्वित करने के उद्देश्य सेओएसओडब्ल्यूओजीने जीजीआई के साथ एक एकीकृत जीजीआई-ओएसओडब्ल्यूओजीपहल बनाने के लिए हाथ मिलाया है, इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर लचीली ग्रिड के तेजी से विकास में योगदान देना है और महाद्वीपीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय ग्रिड बुनियादी ढांचा कार्यक्रम का निर्माण करना है। इंग्लैंड की सीओपी प्रेसीडेंसी, भारत सरकार और आईएसए की प्रेसीडेंसी ने सीओपी26से इस सहयोग की घोषणा करने की उम्मीद है, जिससे दोनों पहलों के संयुक्त विज़न को पूरा करने में मदद करने के लिए तकनीकी, वित्तीय और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। यह सहयोग पारस्परिक लाभ और वैश्विक स्थिरता के लिए साझा किए गए परस्पर नवीकरणीय ऊर्जा के वैश्विक इकोसिस्टम तंत्र की ओर एक और लम्बी छलांग होगी। यह जलवायु परिवर्तन को सामूहिक रूप से कम करने और वैश्विक ऊर्जा पारगमनमें सहायता प्रदान करने वाला एक लचीला कदम बन जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) ने आईएसए के सदस्य देशों में सौर ऊर्जा के लिए 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का वैश्विक निवेश जुटाने के लिए ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज के साथ भागीदारी करने की भी घोषणा की। यह दोनों संगठन एक सौर निवेश कार्य एजेंडा और सौर निवेश रोडमैप विकसित करने के लिए वर्ल्ड संसाधन संस्थान (डब्ल्यूआरआई) के साथ मिलकर करेंगे, जिसे सीओपी26 में लॉन्‍च किया जाएगा।

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