रेल मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजकोट-कनालूस रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी

इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,080.58 करोड़ रुपये और बढ़ी हुई/कार्य समापन लागत 1,168.13 करोड़ रुपये होगी

लाइन के दोहरीकरण की कुल लंबाई 111.20 किलोमीटर है

इस खंड के दोहरीकरण से क्षमता में वृद्धि होगी और रेल प्रणाली में अधिक यातायात की बढ़ोतरी की जा सकेगी

राजकोट से कनालूस तक इस प्रस्तावित दोहरीकरण से सौराष्ट्र क्षेत्र के चहुंमुखी विकास को बढ़ावा मिलेगा

Posted On: 29 SEP 2021 3:56PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने राजकोट-कनालूस रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,080.58 करोड़ रुपये और बढ़ी हुई/कार्य समापन लागत 1,168.13 करोड़ रुपये होगी। इस लाइन के दोहरीकरण की कुल लंबाई 111.20 किलोमीटर है। यह परियोजना चार साल में पूरी होगी।

इस खंड पर संचालित मौजूदा माल यातायात मुख्य रूप से पेट्रोल, तेल, कोयला, सीमेंट, उर्वरक और खाद्यान्नों का है। माल का उत्पादन निजी साइडिंगों से जुड़े उद्योगों से होता है, जिन्हें परियोजना मार्ग से ले जाया जाता है। भविष्य में रिलायंस पेट्रोलियम, एस्सार ऑयल और टाटा केमिकल जैसे बड़े उद्योगों द्वारा पर्याप्त मात्रा में माल ढुलाई करने का अनुमान है। राजकोट-कनालूस के बीच एकल बड़ी लाइन पर बहुत भीड़-भाड़ हो गई है और परिचालन कार्य को सरल बनाने के लिए एक अतिरिक्त समानांतर बड़ी लाइन बिछाने की आवश्यकता है। इस खंड पर 30 जोड़ी यात्री/मेल एक्सप्रेस ट्रेन चलती हैं और रख-रखाव ब्लॉक के साथ मौजूदा लाइन क्षमता उपयोग 157.5 प्रतिशत तक है। दोहरीकरण के बाद मालगाड़ी और यात्री गाड़ी यातायात की रुकावट में काफी कमी आएगी। इस खंड के दोहरीकरण से क्षमता में बढ़ोतरी होगी तथा रेल प्रणाली में और अधिक गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। राजकोट से कनालूस तक इस प्रस्तावित दोहरीकरण से सौराष्ट्र क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।

***

डीएस/एमजी/एएम/आईपीएस/एचबी/एसके



(Release ID: 1759314) Visitor Counter : 419