विदेश मंत्रालय

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वैश्विक नवाचार साझेदारी पर भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच समझौता-ज्ञापन को अनुमति प्रदान की, जो पूर्व रूप से प्रभावी होगी

Posted On: 05 MAY 2021 12:22PM by PIB Delhi

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री ने वैश्विक नवाचार साझेदारी (ग्लोबल इनोवेशन पार्टनरशिप-जीआईपी) पर भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की अनुमति प्रदान कर दी, जो पूर्व रूप से प्रभावी होगी। यह समझौता-ज्ञापन भारतीय विदेश मंत्रालय और यूनाइटेड किंगडम के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय के बीच हो रहा है।

 

उद्देश्यः

      इस समझौता-ज्ञापन से भारत और यूनाइटेड किंगडम वैश्विक नवाचार साझेदारी (जीआईपी) की शुरुआत करेंगे। जीआईपी भारत के अन्वेषकों को अन्य देशों में अपने नवाचार का विकास करने में मदद करेगी।इससे नये बाजार मिलेंगे और अन्वेषक आत्मनिर्भर बनेंगे। भारत में नवाचार इकोसिस्टम को भी इससे मदद मिलेगी। जीआईपी, नवाचार सतत विकास लक्ष्य सम्बन्धी सेक्टरों पर फोकस करेगा, ताकि लाभार्थी देश अपने-अपने सतत विकास लक्ष्यों को हासिल कर सकें।

      बुनियादी वित्तपोषण, अनुदान, निवेश और तकनीकी सहयोग के जरिये यह साझेदारी भारतीय उद्यमियों और अन्वेषकों की सहायता करेगी, ताकि वे अपने नवाचार विकास समाधानों को विकासशील देशों तक पहुंचा सकें।

      जीआईपी के तहत चुने गये नवाचार सतत विकास लक्ष्य प्राप्त करने में तेजी लायेंगे और निचले पायदान पर खड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। इस तरह लाभार्थी देशों में बराबरी और समावेशी उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकेगा।

      जीआईपी से खुला और समावेशी ई-बाजार भी विकसित होगा, जिसके तहत बाजारों के बीच नवाचार का अंतरण होगा। इस दिशा में किये जाने वाले प्रयासों का लगातार आंकलन करने में मदद मिलेगी तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रोत्साहन मिलेगा।

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