वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

एपीडा ने फूल, बीज, अनाज पर पहली प्रोडक्ट समिति की बैठक का आयोजन किया

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2021 3:32PM by PIB Delhi

भारत ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एक अन्य मील का पत्थर हासिल किया है। उसे यह उपलब्धि कोविड-19 महामारी के दौर में उत्पन्न चुनौतियों के बीच में मिली है। भारत ने वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तीन तिमाही में अनाज के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। एक साल पहले की तुलना में अप्रैल-दिसंबर 2020-21 में अनाज का निर्यात 53 प्रतिशत बढ़कर 49,832 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

इस दौरान बासमती चावल का निर्यात 5.31 प्रतिशत बढ़कर 22,038 करोड़ रुपये, गैर-बासमती चावल का निर्यात 122.61 प्रतिशत बढ़कर 22,856 करोड़ रुपये, गेहूं का निर्यात 456 प्रतिशत बढ़कर 1,870 करोड़ रुपये,  बाजरा और मक्का जैसे अन्य अनाज का निर्यात 177 प्रतिशत बढ़कर 3,067 करोड़ रुपये पहुंच गया है। एपीडा के कुल निर्यात में अनाज की हिस्सेदारी 48.61 प्रतिशत है। देश से अनाज के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी जारी है।

फूल, बीज और अनाज के लिए पहली प्रोडक्ट समिति की बैठक 3 फरवरी 2021 को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एपीडा के चेयरमैन डॉ.एम.अंगामुथु ने की। इस मौके पर में एपीडा के सदस्य डॉ. शत्रुघ्न पांडे, श्री चेतन सिंह, डॉ चारु दत्त दगंबररोमयी, और एपीडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

समिति ने अनाज, फूलों की खेती और बीजों के निर्यात को बढ़ावा देने और खास तौर से गैर बासमती चावल,बाजरा, और पोषक अनाज के निर्यात संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।

चावल (बासमती चावल और गैर बासमती चावल), बाजरा और उसके उत्पाद, फूलों और बीज के निर्यात में वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए एपीडा संबंधित पक्षों के साथ गंभीरता से काम कर रही है। जिसके आधार पर अनाज, फूल और बीजों के लिए निर्यात के लिए अगले 5 साल (वर्ष 2021-2026) का एक्शन प्लान बनाया जाएगा। इन लक्ष्यों को पाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को एक तय समय में जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया है।

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