पर्यटन मंत्रालय

पर्यटन मंत्रालय द्वारा देखो अपना देश श्रृंखला के तहत ‘ इंडिया-ए गोल्फर्स पैराडाइज‘ नामक 28वें वेबीनार में भारत में गोल्फ पर्यटन की संभावना को प्रदर्शित किया गया

Posted On: 05 JUN 2020 5:00PM by PIB Delhi

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने 4 जून, 2020 को देखो अपना देश श्रृंखला के तहत इंडिया-ए गोल्फर्स पैराडाइजनामक अपना 28वां वेबीनार आयोजित किया जिसने देश एवं विदेश के गोल्फरों को गोल्फ अवकाश के 365 दिनों का अनुभव प्रदान करते हुए प्रमुख स्थानों एवं भारत के दूरदराज के गंतव्यों में गोल्फिंग के रोमांच एवं खूबसूरती को उजागर किया। इस सत्र का संचालन पर्यटन मंत्रालय की एडीजी सुश्री रुपिंदर बरार ने किया तथा इसे पैशनल्स के सी संस्थापक राजन सहगल, बीलीस्ट ट्रैवेल्स पी लिमिटेड के निदेशक बमीश देसाई एवं माई गोल्फ टूर के प्रबंध निदेशक अरुण अय्यर ने किया। इन तीनों पैनलिस्टों के पास दशकों का अनुभव है और वे यात्रा एवं पर्यटन उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता के तमगे प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे खुद भी विख्यात गोल्फ खिलाड़ी रहे हैं और देश के उत्कृष्ट पर्यटन उत्पाद के रूप में गोल्फ पर्यटन को सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे हैं और बढ़ावा दे रहे हैं। देखो अपना देश वेबीनार श्रृंखला एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत भारत की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने का एक प्रयास है और नियमित रूप से वर्चुअल प्लेटफार्मों के जरिये एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रसार कर रही है।

प्रस्तुति संचालक सुश्री रुपिन्दर बरार द्वारा गोल्फिंग को एक ध्यान संबंधी कार्यकलाप के रूप में दिमागी आनंद की तरह व्याख्या किए जाने और किस प्रकार गोल्फ मानव मस्तिष्क के तनाव को दूर कर सकता है, के साथ आरंभ हुई। सुश्री बरार ने सत्र के प्रथम वक्ता श्री राजन सहगल का स्वागत किया और उनका परिचय कराया जिन्होंने दर्शकों को उत्तर भारत में कई प्रकार के गोल्फिंग कोर्सों से अवगत कराया। एक सर्वे के अनुसार, एक गोल्फर एक सामान्य पर्यटक की तुलना में 40-45 प्रतिशत अधिक व्यय करता है और साल में लगभग 2-3 गोल्फिंग हॉलीडे लेता है। श्री राजन ने कहा कि विशेष रूप से भारत में गोल्फ पर्यटन की मजबूत संभावनाएं हैं क्योंकि यहां की जलवायु की स्थिति अन्य अधिकांश देशों की तुलना में अधिक अनुकूल है। देश के मनभावन परिदृश्य और असाधारण आवभगत सेवाएं भी भारत में गोल्फ पर्यटन के अनुभव को और बढ़ा देता है।

उत्तर क्षेत्र के गोल्फ कोर्सों में श्रीनगर का रायल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स, श्रीनगर, लिद्दर वैली गोल्फ कोर्स, पहलगाम, गुलमर्ग गोल्फ कोर्स, और जम्मू तवी गोल्फ कोर्स, चंडीगढ़ गोल्फ कोर्स, पंचकुला गोल्फ कोर्स आदि शामिल हैं।

दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्रों में निम्नलिखित गोल्फ कोर्स आते हैं जिनके नाम हैं- दिल्ली गोल्फ कोर्स, कुतुब गोल्फ कोर्स, जेपी गोल्फ कोर्स, डीएलएफ गोल्फ कोर्स, आईटीसी क्लासिक गोल्फ कोर्स, तरुधन गोल्फ कोर्स एवं कर्मा लेकलैंड गोल्फ कोर्स। जहां दिल्ली गोल्फ कोर्स और कुतुब गोल्फ कोर्स सार्वजनिक गोल्फ कोर्स हैं, जेपी गोल्फ कोर्स और डीएलफ गोल्फ कोर्स में स्पा, रिसार्ट, रेस्तरां, स्विमिंग पूल, आवासीय निवास आदि जैसी अनगिनत सुविधाएं हैं।

आगरा क्लब गोल्फ कोर्स भी एक संभावित गोल्फ कोर्स है जिसके पुनरोद्धार एवं अपग्रेडेशन पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

देश के पश्चिमी एवं पूर्वी क्षेत्र के गोल्फ कोर्स के बारे में जानकारी देने के लिए सत्र को श्री अरुण अइयर को सुपुर्द कर दिया गया। उनका पहला स्थान महाराष्ट्र था जिसमें द बांबे प्रेसीडेंसी गोल्फ कोर्स, द विलिंगटन स्पोट्र्स क्लब और मुंबई में खारघर वैली गोल्फ कोर्स है। ये गोल्फ कोर्स नगर के बीचों बीच स्थित हैं लेकिन शहर की हलचल एवं कोलाहल से बचने के लिए यहां खेलना आनंददायक अनुभव है। अन्य गोल्फ कोर्स में लोनावला की पहाड़ियों के निकट आंबे वैली गोल्फ कोर्स है जिसमें रात में गोल्फ कोर्स खेलने की सुविधा है। इसके अतिरिक्त, निकट के पुणे में पुणे गोल्फ कोर्स और आक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स स्थित हैं। इन गोल्फ कोर्स भी काफी विख्यात हैं और इन्हें काफी सराहना मिलती है।

श्री अय्यर ने जिस दूसरे स्थान को रेखांकित किया, वह अहमदाबाद था जो नए गोल्फ कोर्स और जूनियर गोल्फ को बढ़ावा देने के लिहाज से सबसे तेजी से बढ़ता शहर है। इनमें काल्हार ब्लूज एंड ग्रीन्स, केंसविले गोल्फ रिसार्ट, गुलमोहर ग्रीन गोल्फ एवं कंट्री क्लब, ग्लेड वन तथा द बेलवेद्रे गोल्फ कोर्स शामिल हैं। गुजरात में द गायकवाड बड़ौदा हेरिटेज गोल्फ कोर्स शानदार लक्ष्मी विलास महल से घिरा हुआ है जो बकिंघम पैलेस से चार गुना बड़ा है।

कोलकाता और भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में भी कई गोल्फ कोर्स हैं जहां आनंददायक तरीके से खेला जा सकता है। इनमें टौलीगंज गोल्फ कोर्स शामिल है। रायल कलकत्ता गोल्फ क्लब ब्रिटिश द्वीपसमूहों के बाहर निर्मित्त पहला गोल्फ कोर्स था, काजीरंगा गोल्फ कोर्स, डिबोई गोल्फ कोर्स एवं मेघालय में कई अन्य गोल्फ कोर्स भी हैं जहां हिमालय के फुटहिल्स की यात्रा करने के दौरान क्षेत्र की खूबसूरती का आनंद उठाया जा सकता है।

सत्र के अंतिम हिस्से की प्रस्तुति श्री अमीश देसाई ने की जिन्होंने दर्शकों को दक्षिण भारत की रोमांचक गोल्फ यात्रा से परिचय कराया और सटीक तरीके एवं दिलचस्प तथ्यों के साथ प्रत्येक गोल्फ गंतव्य की व्याख्या की। श्री देसाई ने जोर देकर कहा कि गोल्फ पर्यटन न केवल गोल्फ खिलाड़ियों से संबंधित है और केवल उन्हें ही इसे सुगम्य नहीं बनाया जाना चाहिए बल्कि यह गोल्फ अवकाश से भी संबंधित है जहां परिवार ऐसे सुंदर स्थानों पर यात्रा कर सकते हैं और छुट्टियों का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।

दक्षिण भारत में प्रदर्शित गोल्फ कोर्सों में हैदराबाद गोल्फ कोर्स, तेलंगाना में बोल्डर हिल्स गोल्फ एवं कंट्री क्लब शामिल हैं। तमिलनाडु में भी भारत के कुछ विख्यात गोल्फ कोर्स हैं जैसेकि मद्रास जिमखाना क्लब और चेन्नई में कौसमोपोलिटन क्लब गोल्फ कोर्स। कोयंबटूर गोल्फ क्लब विश्व स्तरीय ग्रीन स्टैंडर्ड का माना जाता है और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों का स्थान है। कोयंबटूर का दूसरा गोल्फ क्लब पश्चिमी घाटों की तलहटी में अवस्थित कोवई हिल्स गोल्फ क्लब है जो बड़े भूभाग में फैला हुआ है।

केरल के कोच्चि में सीआईएएल गोल्फ तथा कंट्री क्लब हैं जहां गोल्फ प्रेमियों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं। कोच्चि से चार घंटे की दूरी पर मुन्नार है जो चाय बागानों, जल प्रपातों एवं राष्ट्रीय उद्यानों से घिरा हुआ है और इसमें हाई रेंज क्लब तथा कुंडेल गोल्फ क्लब स्थित हैं।

श्री देसाई ने सत्र के अपने एक घंटे के हिस्से में जिस अंतिम गंतव्य की चर्चा की, वह कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु था जो दक्षिण भारत के गोल्फिंग हब के रूप् में विख्यात है। यहां प्रदर्शित गोल्फ कोर्स में कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन (केजीए), द इगलटन गोल्फ कोर्स, द प्रेस्टिज गोल्फशायर क्लब, जियोन हिल्स गोल्फ काउंटी एवं बेंगलुरु नगर के बीच में स्थित बेंगलुरु गोल्फ क्लब शामिल है जो भारत में दूसरा सबसे पुराना कार्यशील गोल्फ कोर्स है।

कर्नाटक के अन्य गोल्फ कोर्स में चिकमगलुर का चिकमगलुर गोल्फ क्लब जहां सुगंधित काफी बागान हैं, मरकारा डाउंस गोल्फ कोर्स और कूर्ग में कूर्ग गोल्फ लिंक्स शामिल है जो कोहरे से आच्छादित परिदृश्य के साथ सबसे समृद्ध हिल स्टेशन है, मैसूर, जो मैसूर महल तथा अपने समृद्ध विरासत को लेकर विख्यात है, में जयचमराजा वाडेयार गोल्फ क्लब शामिल है।

14 अप्रैल 2020 से शुरू हुए देखो अपना देश वेबीनार श्रृंखला अब तक 28 सत्रों का संचालन कर चुका है जिसमें भारत भर में फैले पूरे देश के विविध पर्यटन उत्पादों एवं अनुभवों को प्रदर्शित किया गया है। इन वेबीनारों के पीछे विचार हमारे सुंदर देश की समृ़द्ध विरासत, संस्कृति, रीति रिवाजों और परंपराओं को बढ़ावा देना और उन्हें प्रदर्शित करना है जिससे कि लोग भारत की विविधता को समझने में समर्थ हो सकें और इनसे राज्यों के बीच और आपसी समझ और प्रगाढता बढ़ाने में सहायता मिलेगी जिससे भारत की एकता और अखंडता सुदृढ़ होगी।

इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा सृजित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) पेशेवर टीम द्वारा प्रत्यक्ष रूप से तकनीकी सहायता प्रदान किए जाने के द्वारा देखो अपना देश वेबीनारों के संचालन में मंत्रालय की सहायता करने में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है और इस प्रकार डिजिटल अनुभव मंच का उपयोग कर सभी हितधारकों के साथ प्रभावी नागरिक भागीदारी और संवाद सुनिश्चित करता रहा है।

वेबीनार के सत्र अब https://www.youtube.com/channel/UCbzIbBmMvtvH7d6Zo_ZEHDA/featured पर तथा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सभी सोशल मीडिया हैंडलों पर भी उपलब्ध हैं।

अगला वेबीनार 6 जून, 2020 को वाइल्ड वंडर्स आफ मध्य प्रदेशविषय पर निर्धारित है। कृपया https://bit.ly/WildwondersDAD   पर रजिस्टर करें।

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एसजी/एएम/एसकेजे



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