उप राष्ट्रपति सचिवालय
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भारत की प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग महत्वपूर्ण हैं: उपराष्ट्रपति


युवाओं को बुनियादी शिक्षा से आगे बढ़कर अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहिए: उपराष्ट्रपति

युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए: उपराष्ट्रपति

सीपी राधाकृष्णन ने इरोड में कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के संस्थापक दिवस समारोह में भाग लिया

प्रविष्टि तिथि: 29 AUG 2026 4:04PM by PIB Delhi

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज कहा कि शिक्षण संस्थानों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने से आगे बढ़कर ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। वे पेरुंदुरई, इरोड में कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केवीआईटी) ट्रस्ट के संस्थापक दिवस समारोह और 'अरिवुकुडम' के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उपराष्ट्रपति ने 41 संस्थापकों की दूरदृष्टि की प्रशंसा की और उल्लेख किया कि केवीआईटी संस्थानों के माध्यम से लगभग एक लाख लोगों ने शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि उनके योगदान ने कोंगू क्षेत्र में शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और जापान सहित देशों के साथ संस्थानों के वैश्विक संबंधों की प्रशंसा की।

श्री सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से अपने ज्ञान को निरंतर उन्नत करने और बुनियादी शिक्षा से अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा की ओर अग्रसर होने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट में संलग्न होने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।

श्री सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर बल देते हुए कि "परिवर्तन ही एकमात्र स्थिर चीज है", युवाओं से अपनी खूबियों को पहचानने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और दूसरों से तुलना किए बिना दृढ़ रहने का आग्रह किया। उन्होंने मानसिक शांति और बुद्धि को तेज करने के लिए योग और ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला और स्वामी विवेकानंद के इस कथन को उद्धृत किया: "आप जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं।"

उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि 'अरीवुकुडम' अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन का केंद्र बन जाएगा, जिससे संस्थानों को वैश्विक ज्ञान केंद्रों के रूप में मजबूती मिलेगी और सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास में योगदान मिलेगा।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत की निरंतर प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक जगत के मजबूत सहयोग पर बल दिया। उन्होंने कोंगू इंजीनियरिंग कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें नवोन्मेषी परियोजनाओं और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया गया था। उनकी उपस्थिति में, एंकर इंडस्ट्रीज और अरिवुकुडम - एक अनुसंधान पार्क के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग और मजबूत हुआ तथा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिला।

श्री सीपी राधाकृष्णन ने कॉलेज और ट्रस्ट से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने अरिवुकुडम - एक अनुसंधान पार्क, फार्मेसी कॉलेज, कोंगू नेचुरोपैथी और योग मेडिकल कॉलेज और केवीआईटीटी के क्लाउड किचन की आधारशिला रखने के उपलक्ष्य में पट्टिकाओं का अनावरण भी किया।

तमिलनाडु और केरल के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश, केवीआईटी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री देवराजन और अन्य लोग कार्यक्रम का हिस्‍सा बने।

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पीके/केसी/केएल/आर


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