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छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा संस्थानों में आत्महत्या की रोकथाम के लिए गठित राष्ट्रीय कार्य बल ने मई 2025 से अब तक 10 राज्यों के 30 उच्च शिक्षा संस्थानों का दौरा किया

कार्य बल ने अंतर-अनुशासनात्मक और समानता की ओर उन्मुख दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों के साथ कई दौर में परामर्श किए

प्रविष्टि तिथि: 30 JUN 2026 3:51PM by PIB Delhi

उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्याओं की रोकथाम पर राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) ने क्षेत्रीय और संस्थागत संदर्भों के साथ गहन चर्चा को सक्षम बनाने के लिए मई 2025 से अब तक 10 राज्यों के 30 उच्च शिक्षा संस्थानों का दौरा किया। कार्य बल ने अंतर-अनुशासनात्मक और समानता की ओर उन्मुख दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों के साथ 25 परामर्श भी आयोजित किए। एनटीएफ ने जनवरी 2026 से अब तक निम्नलिखित विषयों पर अतिरिक्त परामर्श संपन्न किए हैं:

  • शारीरिक अक्षमताओं वाले छात्र और संकाय सदस्य
  • उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव
  • लिंग, मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्याएं
  • अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गों के छात्र
  • मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या को अपराध की श्रेणी से बाहर करना
  • उच्च शिक्षा में छात्रों की आत्महत्याओं में लिंग संबंधी प्रश्न
  • मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गैर सरकारी संगठनों के साथ परामर्श
  • विधि छात्रों के साथ परामर्श

भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं से निपटने और उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी चिंताओं का अध्ययन करने के लिए 24 मार्च 2025 को राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) का गठन किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2026 के आदेश के अनुसार, एनटीएफ को अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया। सर्वोच्च न्यायालय के 6 फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद् प्रो. टी.सी.ए. अनंत को भी सर्वेक्षण आंकड़ों का व्यापक और वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए एनटीएफ के तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था।

एनटीएफ का प्राथमिक दायित्व तीन प्रकार का है:

(i) छात्रों की आत्महत्याओं के प्रमुख कारणों की पहचान।

(ii) प्रासंगिक कानूनों, नीतियों और संस्थागत ढांचों का विश्लेषण; और

(iii) वर्तमान कानूनी और संस्थागत ढांचों में आवश्यक सुधारों का प्रस्ताव ताकि मजबूती से जांच और कार्रवाई, उत्तरदायित्व और निवारक उपायों को सुनिश्चित किया जा सके। इसमें मौजूदा कमियों को दूर करने, अधिक समावेशी और सहायक शैक्षणिक वातावरण बनाने और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सदस्यों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने से संबंधित सिफारिशें शामिल हैं।

निम्नलिखित दस्तावेज एनटीएफ की आधिकारिक वेबसाइट ( https://ntf.education.gov.in ) पर 'प्रेस विज्ञप्तियां और घोषणाएं' अनुभाग के अंतर्गत उपलब्ध हैं:

  • अंतरिम रिपोर्ट (नवंबर 2025) : इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) की ओर से अपने कार्यकाल के पहले चरण के दौरान किए गए कार्यों का विवरण दिया गया है। इसमें एनटीएफ के कार्यक्षेत्र और कार्यप्रणाली का वर्णन किया गया है, भारत में मौजूदा कानूनी और नीतिगत ढांचों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीकों की पड़ताल की गई है और कुछ अंतरिम सिफारिशें भी की गई हैं।
  • स्थिति रिपोर्ट (जुलाई 2025 और मई 2026) : एनटीएफ की स्थिति रिपोर्ट में इसकी ओर से किए गए कार्यों के बारे में बताया गया है और संस्थाओं के दौरे, हितधारक परामर्श तथा उच्च शिक्षा संस्थानों, छात्रों, अभिभावकों, संकाय और मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की ओर से भरे गए ऑनलाइन सर्वेक्षणों पर अद्यतन आंकड़े प्रदान किए गए हैं।
  • अंतरिम आदेश : अमित कुमार और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य [आपराधिक अपील संख्या 1425 ऑफ 2025] मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पारित अंतरिम आदेश भी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।

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पीके/केसी/केके/एचबी    
 


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