जल शक्ति मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और नागालैंड के साथ सुधार संबंधी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए


केंद्र-राज्य साझेदारी जवाबदेह और समुदाय-संचालित जल सुशासन के लिए टिकाऊ ग्रामीण जल वितरण के सुधारों को आगे बढ़ाती है

प्रविष्टि तिथि: 02 JUN 2026 7:36PM by PIB Delhi

पूरे भारत में टिकाऊ, सुनिश्चित और नागरिक-केंद्रित ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रयास के रूप में, जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के अंतर्गत आज चार राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और नागालैंड) और एक केंद्र शासित प्रदेश (पुद्दुचेरी) के साथ सुधार-संबंधी समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

सुधार से संबंधित समझौता ज्ञापन में ग्राम पंचायत के नेतृत्व में सेवा-आधारित और समुदाय-केंद्रित ग्रामीण जल प्रशासन मॉडल को अनिवार्य किया गया है, जो जल जीवन मिशन 2.0 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित गुणवत्ता का पेयजल नियमित रूप से उपलब्ध हो। इसके लिए जन भागीदारी को मजबूत किया जाएगा और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के टिकाऊ संचालन तथा रखरखाव के लिए संरचनात्मक सुधार लाए जाएंगे। इससे ग्रामीण समुदायों के जीवन स्तर में सुधार होगा और दीर्घकालिक जल सुरक्षा में योगदान मिलेगा, जो विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है।

ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित पांच अलग-अलग निर्धारित बैठकों के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना और संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें डीडीडब्ल्यूएस के सचिव श्री अशोक के.के. मीणा, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के अपर सचिव एवं मिशन निदेशक श्री कमल किशोर सोआन, संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सलाहकार भी उपस्थित थे।

अरुणाचल प्रदेश के साथ समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू और प्राथमिक स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण मंत्री श्री मामा नटुंग भी अरुणाचल प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। समझौता ज्ञापन पर संयुक्त सचिव (जल), डीडीडब्ल्यूएस श्रीमती स्वाति मीणा नाइक और प्राथमिक स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण आयुक्त श्री अमजद टाक ने हस्ताक्षर किए और इसे अरुणाचल प्रदेश सरकार को सौंपा गया।

छवि

केंद्र-राज्य सहयोग में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में, झारखंड राज्य के साथ समझौता ज्ञापन पर आज दोपहर 2:00 बजे औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। बैठक का शुभारंभ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और राज्य के अन्य प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ, जो सभी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वर्चुअल रूप से जुड़े। झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद मिशन अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित थे।

यह समझौता ज्ञापन श्रीमती स्वाति मीणा नाइक, संयुक्त सचिव (जल), डीडीडब्ल्यूएस, और श्री अबू इमरान, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा हस्ताक्षरित और आदान-प्रदान किया गया।

तमिलनाडु राज्य की ओर से दोपहर 2:30 बजे केंद्रीय मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री  श्री सी. जोसेफ विजय और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए राज्य के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर संयुक्त सचिव, एनजेजेएम डी. सेंथिल पांडियन और अपर मुख्य सचिव, नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति विभाग, तमिलनाडु सरकार के श्री गगनदीप सिंह बेदी ने हस्ताक्षर किए और इसे मुख्य रेज़ीडेंट आयुक्त श्रीमती आर. जया ने सौंपा।

छवि

छवि

पुद्दुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के साथ समझौता ज्ञापन पर जल शक्ति मंत्रालय की संयुक्त सचिव (जल) श्रीमती स्वाति मीणा नाइक और पुद्दुचेरी के पीडब्लूडी की आयुक्त-सह-सचिव डॉ. . मुथम्मा ने हस्ताक्षर किए और पुद्दुचेरी के संयुक्त रेज़ीडेंट आयुक्त श्री रवि दीप सिंह चाहर ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी तथा केंद्र शासित प्रदेश के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की वर्चुअल माध्यम से उपस्थिति में दोपहर 3:30 बजे इसका आदान-प्रदान किया।

दिन का पांचवां समझौता ज्ञापन नागालैंड राज्य के साथ शाम 4:00 बजे नागालैंड के मुख्यमंत्री श्री नेफिउ रियो की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जो वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। इस्के साथ ही नागालैंड के पीएचईडी मंत्री श्री जैकब ज़ीमोमी और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

समझौता ज्ञापन पर श्रीमती स्वाति मीणा नाइक, संयुक्त सचिव (जल), डीडीडब्ल्यूएस, और श्री ज़रेंथुंग एज़ुंग, सचिव और मिशन निदेशक (जेजेएम) नागालैंड द्वारा हस्ताक्षर किए गए और श्रीमती शेरोन लोंगचारी, संयुक्त रेज़ीडेंट आयुक्त, नागालैंड हाउस द्वारा इसका आदान-प्रदान किया गया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए जल जीवन मिशन ने देश भर में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति में क्रांतिकारी बदलाव लाया है और विशेषरूप से महिलाओं और बालिकाओं के लिए पानी लाने की कठिनाई को कम किया है। जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत, अब मिशन के अंतर्गत निर्मित बुनियादी ढांचे को बनाए रखने, नल कनेक्शनों की कार्यक्षमता, जल की गुणवत्ता, जल स्रोतों की स्थिरता, संचालन एवं रखरखाव, सामुदायिक स्वामित्व और नियमित निगरानी को प्रमुख प्राथमिकताएं दी जा रही हैं।

केंद्रीय मंत्री महोदय ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, अपशिष्ट जल प्रबंधन, जल संग्रहण क्षेत्र संरक्षण और समुदाय आधारित जल गुणवत्ता निगरानी की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, जिला जल एवं स्वच्छता मिशनों, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशनों और स्थानीय समुदायों को मिलकर विश्वसनीय पेयजल सेवाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

श्री पाटिल ने अरुणाचल प्रदेश राज्य के बारे में कहा कि राज्य के पहाड़ी भूभाग और भारी वर्षा को देखते हुए, संचालन एवं रखरखाव नीति को शीघ्र ही अधिसूचित किया जाएगा। उन्होंने डीडब्ल्यूएसएसएम की नियमित बैठकें आयोजित करने, प्रयोगशालाओं के एनएबीएल प्रत्यायन में तेजी लाने और ग्राम पंचायतों को संपत्तियों के औपचारिक हस्तांतरण के लिए 'जल अर्पण दिवस' आयोजित करने पर भी बल दिया।

केंद्रीय मंत्री ने झारखंड राज्य के बारे में उचित परिचालन एवं रखरखाव, जल स्रोतों की स्थिरता और जल संरक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य की प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने वर्तमान में जारी कार्यों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया ताकि शेष ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वित प्रयासों से झारखंड को जेजेएम 2.0 लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

श्री पाटिल ने तमिलनाडु के बारे में जेजेएम के अंतर्गत राज्य की प्रगति की सराहना की। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि राज्य शीघ्र ही शेष कार्य पूरा कर लेगा। उन्होंने वित्त आयोग के अनुदान और विकसित भारत-जी राम जी निधि का प्रभावी ढंग से उपयोग करते हुए सामुदायिक स्तर पर वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्थिरता, जल संरक्षण और दूषित जल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

श्री सी.आर. पाटिल ने वर्ष 2021 में 'हर घर जल' प्रमाणन प्राप्त करने के लिए पुद्दुचेरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब नियमित, विश्वसनीय और टिकाऊ जल सेवाओं, जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा वितरण, सुजल गांव आईडी निर्माण और संशोधित संचालन एवं रखरखाव नीति की अधिसूचना पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

श्री पाटिल ने नागालैंड के बारे में विश्वास व्यक्त किया कि राज्य इस वर्ष शेष घरों को नल से जल के कनेक्शन उपलब्ध कराएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि समुदाय, विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे, सुरक्षित और विश्वसनीय पेयजल से लाभान्वित होते रहें।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू ने अपने संबोधन में कहा कि जल जीवन मिशन से अरुणाचल प्रदेश में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अरुणाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसकी भौगोलिक स्थिति दुर्गम है, बस्तियां बिखरी हुई हैं और दूरदराज के इलाके हैं। उन्होंने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत राज्य सभी घरों तक नल के पानी की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेजेएम 2.0 के अंतर्गत हुए समझौता ज्ञापन से जल सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणालियों की स्थिरता और विश्वसनीयता में सुधार होगा। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश स्प्रिंग रिजुवेनेशन प्रोग्राम सहित जल स्रोतों की स्थिरता को मजबूत करने के लिए राज्य की 'जल संकल्प ' योजना के तहत किए जा रहे अनुदान प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में जल संग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां अधिकांश भूमि स्वामित्व सामुदायिक स्वामित्व पर आधारित है।अरुणाचल प्रदेश पेयजल संग्रहण क्षेत्र संरक्षण एवं प्रबंधन अधिनियम के माध्यम से राज्य सरकार सामुदायिक भागीदारी और संस्थागत सहयोग से पेयजल स्रोतों और जल संग्रहण क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।

उन्होंने मिशन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता की पुष्टि कररे हुए कहा कि राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन, राज्य नोडल अधिकारी और संबंधित विभाग ग्रामीण पेयजल प्रणालियों के प्रभावी कार्यान्वयन और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और विश्वसनीय पेयजल उपलब्ध कराने की झारखंड की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन विशेषरूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी के कनेक्शनों के विस्तार के प्रयासों को और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि झारखंड को दुर्गम भूभाग, वन क्षेत्रों से होकर पाइपलाइन बिछाने और एनएचएआई एवं डीवीसी के कार्यक्षेत्रों के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भारत सरकार से वर्तमान में जारी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए निरंतर सहयोग का अनुरोध किया।

उन्होंने कार्यान्वयन में सुधार के लिए नियमित निगरानी, ​​जवाबदेही और सुधारात्मक कार्रवाई पर बल दिया। सामुदायिक भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन, निगरानी और रखरखाव में समुदाय आधारित समूह और जल सहियाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से शिकायतों को दर्ज करने और उनका समाधान करने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, श्री  सी. जोसेफ विजय ने अपने संबोधन में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने के लिए भारत सरकार और जल शक्ति मंत्रालय को बधाई दी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तमिलनाडु को जल संसाधनों से जुड़ी अनूठी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि राज्य में पानी का कोई प्रमुख बारहमासी स्रोत नहीं है। इसलिए, विश्वसनीय पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक योजना और जल अवसंरचना में पर्याप्त निवेश के साथ बड़े पैमाने पर और कई गांवों को शामिल करने वाली जल आपूर्ति योजनाओं को लागू करना आवश्यक है।

उन्होंने वर्तमान में जारी पहलों का जिक्र करते हुए, धर्मपुरी और कृष्णागिरी जैसे जल संकटग्रस्त जिलों को लाभ पहुंचाने वाली कावेरी आधारित जल आपूर्ति योजनाओं को तेजी से लागू करने के महत्व पर बल दिया। ये परियोजनाएं ग्रामीण समुदायों को विश्वसनीय और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केंद्र सरकार की सहायता से ग्रामीण जल आपूर्ति अवसंरचना को मजबूत करने में सहायता मिलेगी और यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल प्राप्त हो। उन्होंने मिशन के उद्देश्यों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के बीच निरंतर सहयोग से राज्य में ग्रामीण पेयजल सेवा वितरण को और अधिक मजबूती मिलेगी।

पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी ने जल जीवन मिशन की परिकल्पना और सफल कार्यान्वयन के लिए प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्रालय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया और इसे जन कल्याण की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने ग्रामीण विकास के केंद्र में गरिमा, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को रखकर पेयजल सेवाओं के वितरण में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। पुद्दुचेरी में स्थानीय प्रशासन विभाग जल जीवन मिशन 2.0 के उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध है और जल शक्ति मंत्रालय के साथ घनिष्ठ सहयोग करने के लिए तत्पर है। उन्होंने मिशन के समग्र दृष्टिकोण के अनुरूप, जल स्रोतों की स्थिरता, जल गुणवत्ता निगरानी और शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्रणालियों को अपनाना, समुदाय के स्वामित्व और प्रबंधन वाली जल आपूर्ति प्रणालियों को बढ़ावा देना और टिकाऊ जल संसाधन प्रबंधन जैसी मुख्य प्राथमिकताओं पर बल दिया।

नागालैंड के मुख्यमंत्री श्री नेफिउ रियो ने अपने संबोधन में भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय और डीडीडब्ल्यूएस के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया और जेजेएम को हाल के वर्षों की सबसे परिवर्तनकारी ग्रामीण विकास पहलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मिशन ने घरों तक सीधे स्वच्छ पेयजल पहुँचाकर जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। राज्य की विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि पहाड़ी और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय जल आपूर्ति प्रदान करना लंबे समय से कठिन रहा है और कई परिवार पहले दूर स्थित झरनों और पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर थे। इस संदर्भ में, जेजेएम से विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए दैनिक कठिनाइयों को कम करके और ग्रामीण समुदायों के लिए सुरक्षित और अधिक सुलभ जल सुनिश्चित करके एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है।

जल जीवन मिशन 2.0 की परिकल्पना का स्वागत करते हुए, उन्होंने सुधार के अनुकूल, समग्र सरकारी दृष्टिकोण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो संस्थागत सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक स्वामित्व और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा देता है।

टेबल पर बैठे लोगों का एक कोलाज - एआई द्वारा निर्मित सामग्री गलत हो सकती है।

अपने आरंभिक संबोधन में, डीडीडब्ल्यूएस के सचिव श्री अशोक के.के. मीणा ने इस बात पर बल दिया कि समझौता ज्ञापन में केवल पाइपलाइनों के बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रबंधित स्थायी सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने विकेंद्रीकरण और सामुदायिक स्वामित्व पर बल दिया, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) को गांवों में जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रबंधन और संचालन का अधिकार दिया गया है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के महत्व को बताते हुए, श्री मीणा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह समझौता ज्ञापन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के बीच एक साझा प्रतिबद्धता है, जो ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित, संरक्षित और स्थायी पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जेजेएम 2.0 दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करती है।

टिकाऊ जल सेवा वितरण के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं के महत्व पर बल देते हुए सचिव ने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों द्वारा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएसएम) की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर होने वाली बैठकों से ग्राम कार्य योजनाओं को तैयार करने में सहायता मिलेगी और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रबंधन के लिए सक्षम संस्थाओं के रूप में पंचायतों के प्रमाणीकरण में भी सहयोग मिलेगा। सचिव ने रेखांकित किया कि कार्यान्वयन की निगरानी, ​​आवधिक समीक्षा करने और आवश्यकता पड़ने पर ग्राम पंचायतों को आवश्यक सहायता प्रदान करने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'हर घर निरंतर नल से जल' के दृष्टिकोण की पूर्ति के अनुरूप एक पहल है।

*****

पीके/केसी/एमकेएस/डीए


(रिलीज़ आईडी: 2268160) आगंतुक पटल : 247
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Urdu , English , Gujarati , Tamil