अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
अल्पसंख्यक समुदायों के समग्र विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: श्री किरेन रिजीजु
श्रीनगर में कल अल्पसंख्यक कार्य मंत्री द्वारा लोक संवर्धन पर्व का उद्घाटन किया जाएगा
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पर्व 13 अप्रैल 2025 तक चलेगा
Posted On:
05 APR 2025 5:13PM by PIB Delhi
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजीजु ने जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में लोक संवर्धन पर्व के भव्य उद्घाटन से पहले कहा है कि भारत सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के समग्र विकास के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है, जिसमें हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाले कारीगरों पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण को दर्शाते हुए, इस लोक संवर्धन पर्व का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री द्वारा कल दोपहर 3:00 बजे कन्वेंशन सेंटर ग्राउंड, कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर में किया जाएगा। यह कार्यक्रम अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है और यह 13 अप्रैल 2025 तक चलेगा।
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहेंगे। देश भर से कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और हितधारकों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
लोक संवर्धन पर्व का मकसद, अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों और पाक कला के विशेषज्ञों को अपने शिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिए एक जीवंत राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। ऐसे में जब यहां ट्यूलिप सीजन भी जारी है, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है, जिससे बाजार में लोगों की पहुंच बढ़ेगी और प्रतिभागियों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।
प्रदर्शनी में 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 100 से अधिक कारीगर शामिल होंगे, जो हस्तशिल्प की विविध श्रृंखला पेश करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- कालीन बुनाई, पेपर मैशे, सोज़नी कढ़ाई, क्रूवेल और आरी वर्क जैसी कश्मीरी कलाएँ
- पंजाब से शॉल
- उत्तराखंड से हथकरघा उत्पाद
- नागालैंड से पारंपरिक आभूषण
- गोवा से क्रोशिया वर्क
- असम से बेंत और बांस के उत्पाद
- महाराष्ट्र से चमड़े का सामान
- बिहार से मटका सिल्क और बंसवाड़ा साड़ियाँ
इसके अलावा, 12 राज्यों के 16 पाक विशेषज्ञ लजीज़ क्षेत्रीय व्यंजनों के ज़रिए स्वाद की एक समृद्ध स्वादिष्ट यात्रा पर ले जाएंगे, जिसमें शामिल हैं:
- कश्मीरी वज़वान
- गुजराती व्यंजन
- बिहार का स्वाद
- यूपी की चाट
- फ्लेवर और फायर पान
इस अनुभव को और समृद्ध बनाने के लिए, रोज़ाना शाम को होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारत के अल्पसंख्यक समुदायों की संगीत, नृत्य और कहानी कहने की परंपराओं का जश्न मनाएंगे।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की एक प्रमुख पहल के रूप में, लोक संवर्धन पर्व ‘वोकल फॉर लोकल’ मिशन के साथ जुड़ा हुआ है, जो पारंपरिक कला, शिल्प और व्यंजनों को संरक्षित करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह कार्यक्रम विभिन्न साझेदार संगठनों के सहयोग से बाजार संपर्क, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन के ज़रिए कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए, मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नागरिकों, पर्यटकों, कला प्रेमियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिलचस्पी रखने वाले उत्साही लोगों को लोक संवर्धन पर्व पर आने और भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत के इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बनने के लिए गर्मजोशी से आमंत्रित करता है।
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