वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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एपीईडीए ने अरुणाचल प्रदेश की 1.5 मीट्रिक टन कीवी का दुबई के लिए प्रायोगिक निर्यात कराया


“कीवी: अरुणाचल प्रदेश की खासियत” पहल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों के लिए निर्यात संपर्क को मजबूत करना है

प्रविष्टि तिथि: 03 NOV 2026 4:39PM by PIB Delhi

भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण' (एपीईडीए) ने अरुणाचल प्रदेश के ज़िरो से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई तक 1.5 मीट्रिक टन (एमटी) कीवी के प्रायोगिक निर्यात में सहायता की है। यह खेप सफलतापूर्वक दुबई पहुँच गई और इसे अल कुसैस के 'लुलु हाइपरमार्केट' में प्रदर्शित किया गया। यह पहल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस फल की संभावनाओं को परखने की दिशा में एक कदम है।

'उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय' (एमडीओएनईआर) के अंतर्गत शुरू की गई यह पहल, "कीवी: अरुणाचल प्रदेश की विशेषता" नामक ब्रांडिंग अभियान के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश के कीवी सेक्टर को बढ़ावा देने और मजबूत करने का प्रयास करती है। अरुणाचल प्रदेश सरकार के 'व्यापार और वाणिज्य विभाग' तथा 'बागवानी विभाग' के सहयोग से लागू की गई इस पहल का उद्देश्य राज्य की कीवी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाना, ग्राहकों की प्रतिक्रिया को समझना और स्थानीय उत्पादकों के लिए निर्यात के अवसर बढ़ाने हेतु मजबूत बाजार संपर्क विकसित करना है।

अरुणाचल प्रदेश की अधिक ऊँचाई वाली भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक वातावरण, बेहतरीन गुणवत्ता और स्वाद वाले कीवी की खेती के लिए बहुत अनुकूल हैं। राज्य में पैदा होने वाले कीवी में प्रीमियम घरेलू बाजारों, निर्यात को बढ़ावा देने और मूल्य-वर्धित उत्पादों के रूप में अच्छी संभावनाएं हैं। यहाँ मुख्य रूप से हेवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रूनो किस्मों की खेती की जाती है, जिनमें से 'हेवर्ड' किस्म की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है।

दुबई में अल कुसैस के 'लुलु हाइपरमार्केट' में कीवी की खेप के खुदरा बिक्री काउंटर तक पहुँचने के साथ ही, यह पहल अब केवल शुरुआत के चरण से आगे बढ़कर खुदरा स्तर पर बाजार के मूल्यांकन के चरण में पहुँच गई है। ग्राहकों द्वारा कीवी को चखने और उनसे मिलने वाली प्रतिक्रिया से यह समझने में सहायता मिलेगी कि लोग इसे कितना पसंद करते हैं और इसकी कितनी मांग हो सकती है। इस मूल्यांकन से ग्राहकों की पसंद, गुणवत्ता की उम्मीदों, पैकेजिंग और प्रस्तुति की जरूरतों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। इन परिणामों से उत्पादकों, सहकारी समितियों और निर्यातकों को भविष्य में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक निर्यात की तैयारी करने और बाजार के उपयुक्त अवसरों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कीवी उत्पादकों को संभावित विदेशी बाजारों से जोड़ना है, जिससे बिक्री के नए रास्ते खुलें और भविष्य में निर्यात के जरिए किसानों को बेहतर आमदनी मिल सके। इस प्रायोगिक निर्यात से बाजार की प्रतिक्रिया को समझने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अरुणाचल प्रदेश की कीवी की पहुंच बढ़ाने के लिए जरूरी आवश्यकताओं की पहचान करने में सहायता मिलेगी।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में अरुणाचल प्रदेश सरकार के कृषि एवं संबद्ध विभागों के मंत्री श्री गेब्रियल डी. वांगसू और व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री के सलाहकार और विधायक डॉ. महेश चाई शामिल हुए। इनके अलावा, ज़िरो के विधायक श्री हेज अप्पा; विशेष सचिव (कृषि/बागवानी) सुश्री ऋषिता गुप्ता; व्यापार एवं वाणिज्य सचिव सुश्री बुल्लो मामू (आईआरएस); अरुणाचल प्रदेश सरकार की बागवानी सचिव सुश्री कोज रिण्या; और आईसीईआर, शिलांग के निदेशक श्री करदिरवेल गोविंदसामी भी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में 'कीवी उत्पादक सहकारी समिति' और 'फेयर एक्सपोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एपीईडीए के अधिकारी, व्यापार एवं वाणिज्य, बागवानी और कृषि विभागों के अधिकारी, खेप के साथ गए कीवी किसान और अन्य प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

इस पहल के माध्यम से, एपीईडीए पूर्वोत्तर क्षेत्र के कृषि और बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में लगातार सहयोग कर रहा है। दुबई में अरुणाचल प्रदेश की कीवी का सफलतापूर्वक पहुंचना और वहां खुदरा बाजारों में उपलब्ध होना, विदेशी बाजार की संभावनाओं को परखने और स्थानीय उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भाग लेने के लिए तैयार करने का एक अच्छा अवसर है।

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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस/


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