वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने वाणिज्य भवन में राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमान केंद्र का शुभारंभ किया


एनएसटीसीसी का लक्ष्य डेटा-संचालित निगरानी, ​​वाणिज्यिक जानकारी और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने को मजबूत बनाना है

एनएसटीसीसी उत्पाद-वार और बाजार-वार व्यापार विश्लेषण सक्षम करेगा, निर्यात अवसरों की पहचान करेगा और भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को मजबूत करेगा

प्रविष्टि तिथि: 15 OCT 2026 6:04PM by PIB Delhi

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में राष्ट्रीय रणनीतिक व्यापार कमान केंद्र (एनएसटीसीसी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल और विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) श्री लव अग्रवाल भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर  श्री पीयूष गोयल ने डेटा-संचालित और साक्ष्य-आधारित व्यापारिक निर्णयों को सक्षम बनाने के लिए एनएसटीसीसी की सराहना की। विशेष रूप से 'स्कोमेट' (विशेष रसायन, जीव, सामग्री, उपकरण और प्रौद्योगिकियां) डैशबोर्ड की समीक्षा करते हुए, उन्होंने अंतर-मंत्रालयी समिति की नियमित बैठकें और जरूरत पड़ने पर साप्ताहिक बैठकें भी करने का सुझाव दिया ताकि लंबित आवेदनों को निपटाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा हो जाए।

वाणिज्य विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा विकसित, एनएसटीसीसी एक रणनीतिक पहल है जिसका उद्देश्य एकीकृत डेटा विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के माध्यम से भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार तंत्र की निगरानी, ​​​​विश्लेषण और शासन को मजबूत करना है।

इस कमान केंद्र  की परिकल्पना वरिष्ठ नीति निर्माताओं और सरकारी अधिकारियों को भारत के व्यापार प्रदर्शन, निर्यात संवर्धन योजनाओं, नियामक स्वीकृतियों, आवेदन प्रसंस्करण  और परिचालन संकेतकों का एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए की गई है। विभिन्न व्यापार-संबंधित प्रणालियों से जानकारियों को एक साथ लाकर, , एनएसटीसीसी का लक्ष्य उभरते रुझानों, परिचालन संबंधी बाधाओं और नीतिगत या प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की समय पर पहचान की सुविधा प्रदान करना चाहता है।

एनएसटीसीसी के मूल में एक एकीकृत विश्लेषण और विज़ुअलाइज़ेशन प्लेटफ़ॉर्म है जिसे व्यापार-संबंधित डेटा को कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि में बदलने के लिए विकसित किया गया है। एनएसटीसीसी प्रमुख व्यापार संकेतक, योजना प्रदर्शन, आवेदन लंबितता, प्रसंस्करण समयसीमा, क्षेत्रीय रुझान और अनुपालन-संबंधी मापदंडों को कवर करने वाले इंटरैक्टिव डैशबोर्ड प्रदान करता है।

यह प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं को भूमिका-आधारित पहुँच अनुमतियों के अधीन—राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शन, क्षेत्रीय प्राधिकरणों, योजनाओं, उत्पादों, गंतव्य बाज़ारों और व्यक्तिगत आवेदनों सहित कई स्तरों पर जानकारी का विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है।

अपने शुरुआती चरण में, कमान केंद्र डीजीएफटी के मुख्य कार्यों और व्यापार से जुड़े क्षेत्रों को कवर करने वाले डैशबोर्ड को एक साथ लाता है। इनमें आयात-निर्यात कोड (आईईसी), अग्रिम अधिकार पत्र, निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु (इपीसीजी), सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन (उत्पत्ति का प्रमाण पत्र), स्कोमेट, प्रतिबंधित आयात-निर्यात और अन्य नियामक  तथा व्यापार सुगमता प्रक्रियाएं शामिल हैं। ये डैशबोर्ड क्षेत्रीय प्राधिकरणों में योजनाओं के उपयोग, प्रसंस्करण दक्षता, निर्यात दायित्वों, व्यापार पैटर्न और परिचालन प्रदर्शन की निगरानी में सक्षम बनाएंगे।

एनएसटीसीसी को व्यापार शासन के तीन मुख्य आयामों को समर्थन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है:

  • एकीकृत निगरानी: व्यापार के रुझानों, आवेदन प्रक्रिया, लंबित मामलों और उभरते जोखिमों की एक साथ जानकारी प्रदान करना, जिससे परिचालन संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और समाधान किया जा सके।
  • प्रदर्शन मूल्यांकन: कमियों और सुधार के अवसरों की पहचान करने के लिए, निर्धारित प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं, प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय प्राधिकरणों की निगरानी और बेंचमार्किंग  (तुलनात्मक मूल्यांकन) को सुविधाजनक बनाना।
  • साक्ष्य-आधारित नीतिगत इनपुट: नीति को सरल बनाने, प्रक्रियाओं में सुधार लाने और व्यापार सुगमता के लिए लक्षित उपाय करने के उद्देश्य से, बार-बार आने वाली बाधाओं, प्रक्रियात्मक जटिलताओं और उभरते व्यापार पैटर्नों की पहचान करना।

यह पहल उत्पाद-वार और बाजार-वार विश्लेषण, व्यापार समझौते के उपयोग का आकलन, निर्यात के अवसरों की पहचान और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की व्यापार स्थिति की निगरानी को सक्षम करके भारत की व्यापार खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने का भी प्रयास करती है।

एनएसटीसीसी को डीजीएफटी प्रणालियों और 'ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म' सहित मौजूदा डिजिटल बुनियादी ढांचे का उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, साथ ही यह अन्य विभागों और व्यापार-संबंधित एजेंसियों से अतिरिक्त डेटासेट के क्रमिक एकीकरण के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।

आगे चलकर, कमान केंद्र के एक व्यापक 'समग्र-सरकारी निर्णय-समर्थन तंत्र' के रूप में विकसित होने की परिकल्पना है। इसमें संबंधित मंत्रालयों, राज्यों, निर्यात संवर्धन परिषदों  और अन्य संस्थानों जैसे अधिकृत हितधारकों को चरणबद्ध तरीके से पहुँच दी जाएगी। साथ ही, अतिरिक्त डेटा को शामिल करके, स्वचालित अलर्ट और उन्नत एनालिटिक्स के माध्यम से इसकी विश्लेषणात्मक क्षमताओं को भी लगातार मजबूत किया जाएगा।

एनएसटीसीसी  की शुरुआत सक्रिय, पारदर्शी और उत्तरदायी व्यापार प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वाणिज्य विभाग और डीजीएफटी को समय-समय पर रिपोर्टिंग करने के बजाय निरंतर निगरानी, ​​समन्वित हस्तक्षेप और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।

यह पहल भारत सरकार की उस प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, जिसके तहत व्यापार सुगमता को बढ़ाने, प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार लाने और वैश्विक व्यापार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों और डेटा-आधारित शासन का उपयोग किया जा रहा है।

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