उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने डॉ. आनंदा शंकर जयंती की प्रेरणादायक संस्मरणात्मक पुस्तक ‘डांसिंग विद जॉय’ का विमोचन किया
कैंसर से जीवन बचाने के लिए जागरूकता, शीघ्र पहचान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण हैं: उपराष्ट्रपति
कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मरीजों के और करीब ला रहा है: उपराष्ट्रपति
प्रविष्टि तिथि:
14 OCT 2026 5:50PM by PIB Delhi
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना, लेखिका और भारतीय रेल यातायात सेवा की पूर्व अधिकारी डॉ. आनंदा शंकर जयंती की प्रेरणादायक संस्मरणात्मक पुस्तक ‘डांसिंग विद जॉय’ का विमोचन किया।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस पुस्तक को नृत्य और आनंद की कहानी से कहीं बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि यह जुनून, कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने से मिलने वाली असाधारण शक्ति का प्रेरणादायक वृत्तांत है।
डॉ. आनंदा शंकर जयंती की कैंसर से संघर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक केवल कैंसर के बारे में नहीं, बल्कि कैंसर से आगे बढ़कर जीवन को नए दृष्टिकोण से जीने की कहानी है। उन्होंने कहा कि गहराई से विकसित किया गया जुनून जीवन के सबसे कठिन क्षणों में संबल बन सकता है और विपरीत परिस्थितियों को स्वयं को पहचानने तथा अपनी क्षमताओं को समझने के अवसर में बदलने में मदद कर सकता है।
पुस्तक के इस संदेश का उल्लेख करते हुए कि ‘DANCER’ के ‘D’ ने लेखिका को ‘CANCER’ के ‘C’ पर विजय पाने में मदद की, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि वर्षों के अनुशासन, निरंतर सीखने और समर्पण से निखरा नृत्य, जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक का सामना करने में डॉ. आनंदा की सबसे बड़ी ताकत बन गया।
उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसी पहलों के माध्यम से निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, जन-जागरूकता और बीमारियों की शीघ्र जांच को सुदृढ़ बना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यों में कैंसर देखभाल सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को उनके निकट ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो रहा है। इसके तहत 700 से अधिक जिला क्लीनिक और 500 डे-केयर कैंसर केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि 19 राज्य कैंसर संस्थानों और 20 तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्रों को संचालन के लिए मंजूरी दी गई है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवरेज और फरवरी 2026 में शुरू किए गए देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का भी उल्लेख किया। इस अभियान का उद्देश्य लगभग 1.2 करोड़ किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करना है। अब तक 50 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है।
डॉ. आनंदा के अनुभव से सीख लेने का आह्वान करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। प्रत्येक असफलता सीखने, आत्मचिंतन करने और नए संकल्प के साथ फिर से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कैंसर और अन्य गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों से निराश न होने का आग्रह किया तथा साहस और सकारात्मक सोच के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता, शीघ्र पहचान और समय पर उपचार से जीवन बचाया जा सकता है।
उपराष्ट्रपति ने कैंसर मरीजों की सहायता में परिवारों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि मरीज के जीवन के सबसे कठिन दौर में परिवार उन्हें भावनात्मक संबल, प्रोत्साहन और देखभाल प्रदान करते हैं। इस दौरान परिवारों को अक्सर व्यक्तिगत और आर्थिक स्तर पर भी बड़े त्याग करने पड़ते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिभा एक वरदान है, लेकिन निरंतर सीखने, अभ्यास और समर्पण के माध्यम से ही इसे उत्कृष्टता में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जुनून कोई विलासिता नहीं, बल्कि शक्ति का स्रोत है। सामान्य परिस्थितियों में विकसित की गई क्षमताएं और रुचियां असाधारण चुनौतियों का सामना करते समय अमूल्य संबल बन सकती हैं।
डॉ. आनंदा शंकर जयंती को पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई देते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आशा व्यक्त की कि ‘डांसिंग विद जॉय’ युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने के लिए प्रेरित करेगी, अनगिनत लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी तथा पाठकों को यह संदेश देगी कि जीवन जिस भी लय में आगे बढ़े, उसका सामना साहस, गरिमा और आनंद के साथ किया जा सकता है।
इस अवसर पर संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा, उषालक्ष्मी ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. पी. रघु राम और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में चिकित्सकों, कैंसर विशेषज्ञों और कैंसर से उबर चुके लोगों ने भी भाग लिया।




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(रिलीज़ आईडी: 2323490)
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