प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (जीएसएमए) के बोर्ड सदस्यों से संवाद किया
टेक्नोलॉजी को समावेशी और सतत विकास का माध्यम बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों की आवश्यकता: प्रधानमंत्री
दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भारत के डिजिटल परिवर्तन और बढ़ती ग्लोबल टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की सराहना की
जीएसएमए बोर्ड के सदस्यों ने 6जी और एआई में भारत के साथ वैश्विक सहयोग के अवसरों को रेखांकित किया
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2026 8:16PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इंडिया मोबाइल कांग्रेस से पहले सेवा तीर्थ में ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (जीएसएमए) के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत की। जीएसएमए एक वैश्विक संगठन है जो मोबाइल इकोसिस्टम को एकीकृत करता है और मोबाइल ऑपरेटरों के साथ-साथ संपूर्ण मोबाइल इकोसिस्टम व संबद्ध उद्योगों का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी को समावेशी और सतत विकास का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि टेक्नोलॉजी की जन-जन तक पहुँच आवश्यक है ताकि समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे। उन्होंने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लिए तकनीक और डिजिटल सेवाओं को किफायती व सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा डिजिटल विभाजन को बढ़ने से रोकने के लिए टेक्नोलॉजी को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के महत्व को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की क्षमता को विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए एक क्रांतिकारी शक्ति के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि कई वैश्विक नेताओं के साथ डीपीआई पर हुई चर्चाओं ने इसकी बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता को सिद्ध किया है और कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म ग्लोबल साउथ के लिए प्रगति का एक सशक्त माध्यम बन सकते हैं।
डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने उपयोगकर्ताओं को संभावित फर्जी कॉल के प्रति आगाह करने के लिए निरंतर जागरूकता संदेश चलाने का सुझाव दिया।
प्रधानमंत्री ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड और साझा नियमों की आवश्यकता पर भी बल दिया। डीपफेक और एआई-जनरेटेड कंटेंट के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए उन्होंने ऐसे तरीके विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे उपयोगकर्ता तुरंत इसके स्रोत की पहचान कर सकें।
जीएसएमए बोर्ड के सदस्यों ने डिजिटल और मोबाइल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत के एक वैश्विक अग्रणी देश के रूप में उभरने की सराहना की। उन्होंने 4जी और 5जी के तेजी से विस्तार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के व्यापक पैमाने और टेलीकॉम व मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की वृद्धि को रेखांकित किया। उन्होंने भारत के निवेश-अनुकूल पॉलिसी फ्रेमवर्क की प्रशंसा की और निरंतर डिजिटल विकास को गति देने में सुरक्षित, मजबूत और विश्वसनीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका पर जोर दिया।
बोर्ड सदस्यों ने 5जी, 6जी, एआई, साइबर सुरक्षा, डिजिटल समावेशन और सैटेलाइट कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बढ़ते अवसरों पर भी प्रकाश डाला।
बैठक में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, जीएसएमए बोर्ड के सदस्य और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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पीके/केसी/आरटी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2319841)
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