ग्रामीण विकास मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3,600 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख पक्के आवासों की बड़ी सौगात सौंपी और भारत के पहले 3डी कंक्रीट-प्रिंटेड हाउसिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी
मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश के लिए ₹3,600 करोड़ की लागत से 3 लाख घरों को मंजूरी दी; शिवराज सिंह चौहान और चंद्रबाबू नायडू ने इस विकास पहल का नेतृत्व किया
“मोदी-नायडू की भागीदारी इस ताकत को कई गुना बढ़ा देती है”: शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश में हर गरीब परिवार को पक्का घर देने का भरोसा दिलाया
आंध्र प्रदेश में भारत का पहला 3डी कंक्रीट-प्रिंटेड हाउसिंग प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया; गुंटूर में चौहान और नायडू ने इसकी आधारशिला रखी
शिवराज सिंह चौहान ने गुंटूर में तेलुगु संबोधन के साथ लोगों का दिल जीता, कहा-अगर मैं एमपी का मामा हूं तो आंध्र प्रदेश का भी मामा हूं
पीएम मोदी की दूरदर्शिता और नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश भारत का नंबर 1 राज्य बनने की राह पर है : शिवराज सिंह चौहान
'अन्नदाता सुखीभव' से 'लखपति दीदी' तक मोदी-नायडू सरकारें किसानों और महिलाओं को सशक्त बना रही हैं: शिवराज सिंह चौहान
प्रविष्टि तिथि:
04 OCT 2026 5:11PM by PIB Delhi
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को गुंटूर जिले के बुरिपालम गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 2.0 के तहत आंध्र प्रदेश को 3,600 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख घरों की पहली किस्त सौंपी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में चौहान ने 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके देश के पहले पायलट हाउसिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी, जिसमें ₹14 करोड़ की लागत से 177 घर बनाए जाएंगे। सभा में मौजूद हजारों लोगों को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास को गति देने और आंध्र प्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री, डॉ. चंद्रशेखर पेमासानी, आंध्र प्रदेश के नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर, आवास और सूचना मंत्री कोलुसु पार्थसारथी, पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गाप्रसाद (दुर्गेश), भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पी.वी.एन. माधव, राज्यसभा सांसद भाष्यम रामकृष्ण, सांसद लिंगमनेनी रमेश, एमएलसी अलापति राजेंद्र प्रसाद, हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष बथुला तातैया बाबू, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी के साथ ही हजारों किसान, ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहे।
केंद्र ने हाउसिंग आवंटन को 76,000 से बढ़ाकर 3 लाख घर कर दिया
आंध्र प्रदेश में आवास की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए श्री चौहान ने कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित शुरुआती आवंटन केवल 76,000 घरों का था। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य के प्रत्येक गरीब परिवार के पास एक स्थायी घर हो, मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू के अनुरोध के बाद आवंटन बढ़ाकर 3 लाख घर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारे मंत्रालय के अधिकारियों ने मुझे बताया कि आंध्र प्रदेश केवल 76,000 घरों के लिए पात्र है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जोर देकर कहा कि राज्य के हर गरीब परिवार के पास पक्का घर होना चाहिए और उन्होंने और घरों की मांग की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से हमने 76,000 के बजाय 3 लाख घरों को मंजूरी दी है। श्री चौहान ने आगे कहा कि नायडू ने 6 लाख और घरों की भी मांग की थी। केंद्र की ओर से लगातार सहयोग का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि मैंने बाबू से कहा कि भारत सरकार पूरी तरह आपके साथ है और मैं भी आपके साथ हूं। इन 3 लाख घरों का निर्माण पूरा कीजिए और इसके तुरंत बाद अगले 3 लाख और फिर 3 लाख आवास स्वीकृत किए जाएंगे। आंध्र प्रदेश के हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर होगा।
3डी कंक्रीट प्रिंटिंग से छह महीने में टिकाऊ घर तैयार हो जाएंगे
चौहान ने बुरिपालम और ओबुलनायडुपालम में 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग हाउसिंग प्रोजेक्ट को ग्रामीण आवासों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि 14 करोड़ रुपये की पायलट परियोजना से निर्माण समय, लागत और श्रम आवश्यकताओं में काफी कमी आएगी। इस परियोजना में 177 घरों के निर्माण के लिए उन्नत मशीनरी और 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसका निर्माण छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है। इन घरों को पारंपरिक निर्माण विधियों की तुलना में अधिक स्थायित्व और लंबा जीवन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
केंद्र अमरावती, पोलावरम और बुनियादी ढांचे के विकास का समर्थन करता है
राज्य के राजनीतिक और विकास के इतिहास का हवाला देते हुए श्री चौहान ने कहा कि 2014 में राज्य के बंटवारे के बाद आंध्र प्रदेश बिना राजधानी के रह गया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संसद में एक कानून पास करके अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र स्थायी राजधानी के तौर पर मान्यता दी और इसके विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा की है। चौहान ने पोलावरम सिंचाई परियोजना का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने राज्य की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय में जिस प्रोजेक्ट में देरी हुई थी, वह अब केंद्र से 100% ग्रांट सहायता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा और राज्य के आर्थिक विकास में सहयोग करेगा।
'अन्नदाता सुखीभव' किसानों की आय को सुदृढ़ करता है
किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य की कोशिशों, जिनमें 60 लाख 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य भी शामिल है का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने कहा कि पीएम-किसान योजना के तहत केंद्र की 6,000 रुपये की सालाना मदद और 'अन्नदाता सुखीभव' योजना के तहत आंध्र प्रदेश सरकार की 14,000 रुपये की मदद को मिलाकर किसानों को हर साल कुल 20,000 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि फलों, फूलों, सब्जियों और औषधीय फसलों पर ध्यान केंद्रित करके आंध्र प्रदेश देश में बागवानी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर चौहान ने कहा कि आंध्र प्रदेश में स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से 23 लाख महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। एनडीए सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 60 लाख करना है, ताकि आजीविका के अवसर बढ़ें और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत हो। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 15 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में 'नेशनल सारस मेला' आयोजित किया जाएगा; यह पहली बार है जब यह आयोजन दिल्ली के बाहर किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। यह कार्यक्रम महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं-सहायता समूहों को अपने उत्पाद दिखाने और बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
'अगर मैं एमपी का मामा हूं, तो मैं एपी का भी मामा हूं'
चौहान ने तेलुगु में लोगों को बधाई दी 'भारत माता की जय' और 'श्री वेंकटेश्वर भगवान की जय' के नारों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए भीड़ का तेलुगु में स्वागत किया और आंध्र प्रदेश की समृद्ध विरासत, ज्ञान, वैज्ञानिक उपलब्धियों और प्रतिभा के लिए प्रशंसा की। तेनाली रामकृष्ण की धरती को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि तेलुगु भाषा शहद से भी मीठी है और इसे पूरे देश में पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि अगर मैं मध्य प्रदेश का मामा हूं, तो मैं आंध्र प्रदेश का भी मामा हूं। लोगों की सेवा करना मेरे लिए पूजा के समान है। यहां के लोगों के उत्साह, ईमानदारी और जुनून को देखते हुए मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मैं वास्तव में आपसे फिर से मिलना चाहता हूं। इस पर भीड़ से उन्हें जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।
चौहान ने पेमासानी के जमीनी जुड़ाव और नायडू के नेतृत्व की सराहना की
श्री चौहान ने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेमासानी के पैतृक गांव बुरिपालम का दौरा करने पर विशेष खुशी जताई। सार्वजनिक सेवा के प्रति पेमासानी के समर्पण और लोगों के साथ उनके जमीनी जुड़ाव की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू में आश्चर्य हुआ कि क्या संयुक्त राज्य अमेरिका से लौटने वाला व्यक्ति ग्रामीण जीवन और विकास को समझ पाएगा। हालांकि, लोगों के साथ उनके करीबी जुड़ाव, सेवा की भावना और मकसद की स्पष्टता से मैं सचमुच प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि बाबू में प्रतिभा को पहचानने और काबिल लोगों को जनसेवा में लाने की अद्भुत क्षमता है। मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू को एक ऊर्जावान, समर्पित और निर्णायक नेता बताते हुए चौहान ने उन्हें आंध्र प्रदेश को एक प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित करने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि नायडू की दूरदर्शिता अब अमरावती को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के हब के तौर पर विकसित करने में मदद कर रहा है।
चंद्रबाबू नायडू ने आवास सहायता के लिए केंद्र का धन्यवाद किया
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चौहान को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें न केवल मध्य प्रदेश के लोगों के लिए, बल्कि आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए भी एक प्रिय 'मामा' बताया। शिवराज सिंह चौहान जनता के नेता हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश में सुशासन और जनसेवा के जरिए असाधारण रिकॉर्ड बनाया है। जब हमने आंध्र प्रदेश में गरीबों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया, तो उन्होंने तुरंत लगभग 75,000 घरों का आवंटन बढ़ाकर 3 लाख कर दिया और राज्य की जनता का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार हर गरीब परिवार के लिए पक्का घर सुनिश्चित करने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है और राज्य को कुल 9 लाख घरों की जरूरत है। श्री चौहान के आश्वासन का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि पहला चरण पूरा होने के बाद केंद्र सरकार बाकी 6 लाख घरों को भी मंजूरी दे देगी। राज्य के विकास की राह पर भरोसा जताते हुए नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में और चौहान के निरंतर समर्थन से आंध्र प्रदेश बुनियादी ढांचे, कृषि, उन्नत प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास में देश के नंबर एक राज्य के रूप में उभरेगा।
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पीके/केसी/आरटी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2318980)
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