विधि एवं न्याय मंत्रालय
15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत ने न्याय सुधारों और वैश्विक विधिक साझेदारियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया
प्रविष्टि तिथि:
30 SEP 2026 6:38PM by PIB Delhi
माननीय केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने पंद्रहवीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के न्याय मंत्री श्री अब्दुल्ला सुल्तान बिन अवद अल नुआइमी के साथ बैठक की। इस बैठक में भारत की प्रौद्योगिकी-आधारित न्याय व्यवस्था, नए आपराधिक कानूनों तथा वैश्विक विधिक सहयोग को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
भारत ने अबू धाबी में आयोजित अपराध निवारण और आपराधिक न्याय पर 15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और वैश्विक रूप से जुड़ी न्याय प्रणाली के निर्माण के अपने प्रयासों को प्रदर्शित किया। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस का आयोजन “अपराध निवारण, आपराधिक न्याय और कानून के शासन में तेजी लाना: लोगों और पृथ्वी की रक्षा करना तथा डिजिटल युग में सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा प्राप्त करना” विषय के तहत किया जा रहा है।
कांग्रेस को संबोधित करते हुए श्री अर्जुन राम मेघवाल ने भारत के नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—तथा प्रौद्योगिकी, त्वरित न्याय, फोरेंसिक जांच और डिजिटल-प्रथम प्रक्रियाओं पर उनके फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने साइबर अपराध से निपटने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भारत की डिजिटल प्रतिक्रिया को भी रेखांकित किया, जो त्वरित रिपोर्टिंग, धोखाधड़ी की रोकथाम और म्यूल खातों को फ्रीज करने में सक्षम बनाती है।
श्री मेघवाल ने आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति को दोहराया और आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव अपराध, अवैध लकड़ी कटाई, विषाक्त अपशिष्टों के अवैध निपटान तथा अन्य संगठित और पर्यावरणीय अपराधों के विरुद्ध वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत-यूएई विधिक साझेदारी, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को भी रेखांकित किया गया। इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (IIAC) और दुबई इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (DIAC) के बीच साझेदारी ज्ञान के आदान-प्रदान, पेशेवर प्रशिक्षण, संयुक्त कार्यक्रमों, अनुसंधान और डिजिटल विवाद समाधान तंत्र को मजबूत कर रही है। DIAC लगभग 5,000 मामलों को संभालता है, जिनका मूल्य AED 80 बिलियन (लगभग USD 21.8 बिलियन) है।
अपनी यात्रा के दौरान श्री मेघवाल ने UNODC की कार्यकारी निदेशक सुश्री मोनिका जुमा से भी मुलाकात की। बैठक में मादक पदार्थों और संगठित अपराध के विरुद्ध सहयोग तथा मजबूत विधिक और न्यायिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
ये प्रयास भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को दर्शाते हैं, जो अब व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों के साथ-साथ कानून, न्याय और सुशासन के क्षेत्रों में सहयोग तक विस्तृत हो गई है।
15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत की भागीदारी आधुनिक कानूनों, डिजिटल नवाचार, मजबूत संस्थानों, प्रभावी प्रवर्तन और सार्थक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है—और एक तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया के लिए सक्षम न्याय व्यवस्था के निर्माण की दिशा में भारत के प्रयासों को दर्शाती है।
आज प्रभावी न्याय के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए प्रौद्योगिकी, कुशल संस्थानों, वैश्विक सहयोग और निष्पक्षता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।





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Samrat/Sagar
(रिलीज़ आईडी: 2317237)
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