सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन साल पूरे हुए, इसमें 30 लाख कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की राज्य की प्रतिबद्धता पर बल दिया
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं; लगभग 24.50 लाख लोगों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी
महिला उद्यमियों का सशक्तिकरण परिवारों, समुदायों और समृद्ध भारत के निर्माण की कुंजी है: राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धन-धान्य सभागार में इस अवसर का जश्न मनाया
प्रविष्टि तिथि:
18 SEP 2026 1:00AM by PIB Delhi
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने कोलकाता स्थित धन-धान्य सभागार में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर योजना के तीन वर्ष पूरे होने पर पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका, कौशल एवं उद्यमशीलता क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया गया।
पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया। राज्य के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक सहायता प्रदान करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। कोलकाता में आयोजित इस समारोह ने कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों, संस्थागत ऋण और बाजार संपर्कों के माध्यम से विश्वकर्माओं को सशक्त बनाने में योजना के महत्व को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी, केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे, पश्चिम बंगाल सरकार के एमएसएमई एवं वस्त्र मंत्री श्री दीपक बर्मन तथा एमएसएमई एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्री अशोक डिंडा ने विश्वकर्मा कारीगरों की समृद्ध पारंपरिक कला एवं शिल्पकला को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी ने पश्चिम बंगाल के विश्वकर्माओं को अपनी पारंपरिक शिल्पकला और उद्यमशीलता कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण और ऋण सहायता प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के प्रति दूरदर्शी दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आभार व्यक्त किया और कहा कि यह योजना देशभर के कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका को सशक्त एवं मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विश्वकर्माओं को योजना के लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने में तेजी लाएगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना के प्रभावी और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए राज्य द्वारा समन्वित प्रयासों का आश्वासन भी दिया। उन्होंने संबंधित राज्य एजेंसियों से योजना के लाभ प्रत्येक पात्र कारीगर और शिल्पकार तक पहुंचाने के लिए इसकी पहुंच और कार्यान्वयन को मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि ये योजनाएं उद्यमिता को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन करने, उद्यम विकास को समर्थन देने और राज्य में लघु एवं मध्यम उद्यम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस योजना का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना, ऋण और बाजार सहायता के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा के तहत 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 24.50 लाख को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हो चुका है। इंडिया पोस्ट के माध्यम से 18.15 लाख आधुनिक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 6.18 लाख विश्वकर्मा लाभार्थियों को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपए तक का ऋण दिया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपए है।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के समारोह में उपस्थित लाभार्थियों को बधाई दी और उनके उद्यमशीलता के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लाभार्थियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध अवसरों और सहयोग का पूरा लाभ उठाने और सफल उद्यमी बनने की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के लिए विशेष महत्व रखता है, जो हाल ही में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़ा है। यह राज्य में इस योजना के तहत लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का पहला कार्यक्रम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिला उद्यमियों का सशक्तिकरण मजबूत परिवारों, समुदायों और समृद्ध विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र मंत्री श्री दीपक बर्मन ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरी है, जो उन्हें स्थायी आजीविका की ओर अग्रसर करने और मजबूत उद्यम स्थापित करने में सक्षम बना रही है। उन्होंने भारत की समृद्ध शिल्प कला विरासत को संरक्षित करने और कारीगरों के लिए समृद्धि और आर्थिक विकास में योगदान हेतु नए मार्ग प्रशस्त करने के भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव श्री भरत खेरा ने पिछले तीन वर्षों में योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, किफायती ऋण और बाजार संपर्क के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने मंत्रालय की योजनाओं के तहत हुई प्रगति और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अधिक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र को मजबूत करने हेतु हाल ही में किए गए सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की। पश्चिम बंगाल के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य पूर्वी और उत्तरपूर्वी क्षेत्रों के प्रवेश द्वार और विकास के प्रमुख कारक के रूप में उभर रहा है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अपर सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर एक प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने इसकी प्रमुख विशेषताओं, उपलब्धियों और कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, ऋण और बाजार संपर्क के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को दिए गए व्यापक समर्थन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर, 2023 को इस योजना के शुभारंभ के बाद से अब तक 30 लाख लाभार्थी इससे लाभान्वित हो चुके हैं और अब पश्चिम बंगाल के भी इसमें शामिल होने के साथ, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय राज्य में इस योजना को पूरे पैमाने पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।



इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के विश्वकर्माओं को पीएम विश्वकर्मा आईडी/प्रमाणपत्र, टूलकिट और एक-एक लाख रुपए के चेक वितरित किए गए।
इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्री अशोक डिंडा, राज्य सरकार के मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार अग्रवाल और पश्चिम बंगाल सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनूप कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से 2000 से अधिक विश्वकर्मा और पंचायत पदाधिकारी, केंद्र सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग, बैंकों, भारतीय डाक और पश्चिम बंगाल सरकार के प्रमुख अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ का समारोह भारत सरकार के उन प्रयासों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों को ग्रामीण उद्यमियों में बदलने और स्वयं के उद्यम स्थापित करने में मदद करना है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा के आदर्श वाक्य "सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि" की भावना का उत्सव मनाया गया।
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पीके/केसी/बीयू/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2311858)
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