शिक्षा मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
जो लोग चुनौतियों के नए समाधान खोजने का साहस रखते हैं, उनके लिए वही चुनौतियाँ अवसर बन जाती हैं: पीएम
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने "शिक्षार्थी केंद्रित, अनुसंधान आधारित और भविष्य के लिए तैयार" शिक्षा व्यवस्था पर ज़ोर दिया
“भारत के युवा अब सिर्फ दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं बल्कि इसका नेतृत्व कर रहे हैं”: आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में श्री प्रल्हाद जोशी
प्रविष्टि तिथि:
08 AUG 2026 4:51PM by PIB Delhi
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह आज संस्थान परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को बधाई दी और भारत की विकास यात्रा को आकार देने में नवाचार, अनुसंधान और उभरती तकनीकों के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नए क्षेत्रों में कदम रख रहा है और देश बड़ी जिम्मेदारी और उम्मीदों के साथ अपने युवाओं की ओर देख रहा है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा केंद्र, महत्वपूर्ण खनिज, गहरे समुद्र की खोज और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया, जो देश के भविष्य के लिए अहम हैं। उन्होंने युवाओं को देश निर्माण में योगदान देने और इन अत्याधुनिक क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली अब “शिक्षार्थी-केंद्रित, अनुसंधान-आधारित और भविष्य के लिए तैयार” हो गई है और देश के युवा अब केवल दुनिया से प्रतिस्पर्धा ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसका नेतृत्व भी कर रहे हैं। श्री जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत के युवाओं की क्षमता पर बहुत भरोसा किया है और वे उन्हें “विकसित भारत 2047 के प्रमुख निर्माता” मानते हैं।

प्रधानमंत्री ने मेधावी छात्रों को प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए, जिनमें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और उत्तaàम दस (परफेक्ट टेन) पदक शामिल हैं। इस मौके पर, उन्होंने आईआईटी दिल्ली में “परम प्रज्ञा” एआई आधारित उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग और परियोजना केंद्र सुविधा का उद्घाटन भी किया, जो देश में उन्नत अनुसंधान अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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पीके / केसी / जेके
(रिलीज़ आईडी: 2296664)
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