वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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केंद्र सरकार ने स्टार्टअप्स को मजबूत समर्थन प्रदान करने के लिए उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं एवं पारिस्थितिक तंत्र के साथ रणनीतिक एमओयू पर हस्ताक्षर किया


डीपीआईआईटी ने स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल अवसंरचना समर्थन को सशक्त बनाने के लिए कैशफ्री पेमेंट्स के साथ समझौता किया

डीपीआईआईटी ने उद्यमिता विकास एवं स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने के लिए डार्विन डायनामिक्स एलएलपी के साथ साझेदारी की

डीपीआईआईटी ने स्टार्टअप्स के लिए क्लाउड अवसंरचना समर्थन को मजबूती प्रदान करने के लिए वाल्टर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया

डीपीआईआईटी ने एआई-संचालित मोबिलिटी नवाचार एवं स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने के लिए कार्स24 सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया

डीपीआईआईटी ने भारतीय स्टार्टअप्स की वृद्धि एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत करने के लिए 'काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया' के साथ साझेदारी की

प्रविष्टि तिथि: 08 AUG 2026 2:45PM by PIB Delhi

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार ने उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं एवं पारिस्थितिक तंत्र को बढ़ावा देने वाली कंपनियों के साथ कई रणनीतिक समझौता ज्ञापनो (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें कैशफ्री पेमेंट्स, डार्विन डायनामिक्स, वाल्टर इंडिया, कार्स24 और काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया शामिल है।

कैशफ्री पेमेंट्स के साथ डिजिटल भुगतान अवसंरचना एवं फिनटेक क्षमताओं को बढ़ावा

डीपीआईआईटी ने कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है, जिसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान अवसंरचना, वित्तीय प्रौद्योगिकी समाधानों एवं क्षमता-निर्माण पहलों तक पहुंच को बढ़ावा देकर डीपीआईआईटी -मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के समर्थन को मजबूती प्रदान करना है। इस सहयोग का उद्देश्य डीपीआईआईटी की संस्थागत पहुंच को कैशफ्री पेमेंट्स की डिजिटल भुगतान विशेषज्ञता के साथ जोड़ना है, ताकि स्टार्टअप्स को कुशलतापूर्वक विस्तार मिल सके एवं भारत के नवाचार-आधारित विकास को सक्षम बनाया जा सके।

इस साझेदारी के अंतर्गत, योग्य स्टार्टअप्स को सुरक्षित एवं स्केलेबल पेमेंट एवं पेआउट समाधान, पहचान सत्यापन और जोखिम प्रबंधन सेवाओं तक पहुंच मिलेगी, साथ ही प्राथमिक ऑनबोर्डिंग समर्थन एवं व्यावसायिक लाभ भी प्राप्त होंगे। यह सहयोग डिजिटल भुगतान, अनुपालन, धोखाधड़ी की रोकथाम, केवाईसी, सीमा-पार लेनदेन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में क्षमताओं के निर्माण के लिए संस्थापक कार्यशालाओं, मेंटरिंग सत्रों, एआई बिल्डाथॉन, हैकाथॉन और ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों को भी सुगम बनाएगा।

डार्विन डायनामिक्स के साथ समावेशी उद्यमिता एवं डीप-टेक नवाचार का विस्तार

डीपीआईआईटी ने भारत में उद्यमिता विकास को मजबूत करने तथा ज्यादा समावेशी, नवाचार-आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र को प्रोत्साहित करने के लिए डार्विन डायनेमिक्स एलएलपी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य टियर II, टियर III और ग्रामीण इलाकों में उद्यमिता को बढ़ावा देकर 'स्टार्टअप इंडिया' पहल की पहुंच को बढ़ावा देना है। साथ ही, इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप, संस्थागत नेटवर्क, बाजार का अवसर एवं क्षमता-निर्माण में बेहतर पहुंच में सहायता प्रदान करना भी है।

इस सहयोग के अंतर्गत, डार्विन डायनामिक्स स्टार्टअप को औपचारिक रूप देने, उद्यमिता पर जागरूकता फैलाने, क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों में मदद करने तथा स्वच्छ उर्जा, हरित हाइड्रोजन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु प्रौद्योगिकियों एवं उन्नत विनिर्माण सहित रणनीतिक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।

यह संस्थान कई तरह के व्यवस्थित कार्यक्रम भी चलाएगा जिसमें स्टार्टअप तक पहुंच और उन्हें औपचारिक अभियानों, द्यमिता बूटकैंप, मेंटर नेटवर्क बनाना, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच के कार्यक्रम, निवेशकों से जोड़ने की पहल और नीति अनुसंधान अध्ययन आदि शामिल हैं। इस सहयोग से स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है, खासकर युवाओं, महिला उद्यमियों, पहली पीढ़ी के संस्थापकों और कम सुविधा वाले इलाकों के नवोन्मेषकों के लिए। साथ ही यह भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के दृष्टिकोण में योगदान देगा।

वाल्टर इंडिया के साथ प्रौद्योगिकी एवं क्लाउड अवसंरचना तक पहुंच को बढ़ावा

वाल्टर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ यह सहयोग डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध तकनीकी अवसंरचना को मज़बूत करने पर केंद्रित है। इस सहयोग का उद्देश्य स्टार्टअप्स की क्लाउड कंप्यूटिंग रिसोर्स, तकनीकी क्षमता-निर्माण और डिजिटल अवसंरचना तक पहुंच को बेहतर बनाना है ताकि वे ज़्यादा कुशलता से निर्माण, विस्तार एवं नवाचार कर सकें।

साझेदारी के अंतर्गत, डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त पात्र स्टार्टअप्स को वाल्टर इंडिया के स्टार्टअप कार्यक्रमों के माध्यम से क्लाउड क्रेडिट, प्राथमिकता वाली कीमतें और तकनीकी सहायता का अवसर प्राप्त होगा। इस सहयोग में क्लाउड अवसंरचना पर संरचित प्रशिक्षण सत्र एवं तकनीकी मार्गदर्शन भी शामिल है, जिसमें क्लाउड कंप्यूटिंग, स्टोरेज, डेटाबेस, क्यूबरनेट्स, नेटवर्किंग एवं एप्लिकेशन डिप्लॉयमेंट जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है, ताकि स्टार्टअप्स की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।

क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी स्टार्टअप इंडिया और डीपीआईआईटी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल होने पर विचार करेगी ताकि स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र के साथ जुड़ाव को और मजबूत किया जा सके और तकनीकी अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके। इस साझेदारी से स्टार्टअप्स को उन्नत क्लाउड अवसंरचना का लाभ उठाने, तकनीकी अपनाने की बाधाओं को कम करने और नवाचार, वैश्विक स्तर के डिजिटल समाधान के विकास में तेजी लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कार्स24 के साथ मोबिलिटी, ऑटो-टेक, और एआई इनोवेशन को बढ़ावा

डीपीआईआईटी ने भारत की मोबिलिटी एवं ऑटोमोटिव तकनीक पारिस्थितिक तंत्र में नवाचार, उद्यमिता एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कार्स24 सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग में एआई-संचालित नवाचार, संस्थापक विकास, कौशल विकास, निवेश के अवसर एवं सड़क सुरक्षा पहलों का समर्थन करके स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने का लक्ष्य निर्धारित है।

ऑटो-टेक कंपनी का उद्देश्य स्टार्टअप संस्थापकों को संरचित मार्गदर्शन प्रदान करना, मोबिलिटी एवं ऑटो-टेक स्किलिंग कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, एआई-केंद्रित तकनीकी अपनाने को सुगम बनाना और स्टार्टअप-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए नवाचार चुनौतियों एवं हैकाथॉन का आयोजन करना है। यह सहयोग निवेश मूल्यांकन और पारिस्थितिक तंत्र सहभागिता के माध्यम से आशाजनक स्टार्टअप्स को भी समर्थन देगा, जिसमें विशेष रूप से मोबिलिटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र शामिल हैं।  

इस साझेदारी से उम्मीद है कि इससे भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी, जिससे स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक मोबिलिटी समाधान विकसित करने, कार्यान्वयन क्षमताओं को बढ़ाने और सुरक्षित, सतत एवं तकनीक-संचालित परिवहन के विकास में योगदान देने में मदद मिलेगी।

काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया के साथ निवेश, सुशासन एवं ग्लोबल स्केलिंग को बढ़ावा

डीपीआईआईटी ने 'काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया' (सीएसआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। इसका उद्देश्य डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को निवेश, रणनीतिक साझेदारी, मेंटरशिप, नेतृत्व विकास और वैश्विक बाजार तक पहुंच प्राप्त करने में सहायता प्रदान कर उन्हें मज़बूत बनाना है। इस सहयोग का लक्ष्य नवाचार आधारित कंपनियों के विकास में तेजी लाना है ताकि स्टार्टअप्स सतत रूप से अपना विस्तार कर सकें और वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मज़बूत कर सकें।

एमओयू के अंतर्गत, सीएसआई स्टार्टअप्स को निवेश की तैयारी, कॉर्पोरेट सहभागिता, सीएफओ मैचमेकिंग, वैश्विक बाजार तक पहुंच एवं अंतरराष्ट्रीय नवाचार सहयोग जैसी विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से समर्थन देगा। यह कॉर्पोरेट साझेदारियों को भी आसान बनाएगा, संस्थापकों को सुशासन, वित्तीय तैयारी, अनुपालन एवं अंतरराष्ट्रीय विस्तार में मदद करेगा तथा स्टार्टअप्स, निवेशकों, उद्योग और नीति हितधारकों के बीच के संबंधों को मजबूत करेगा।

इस साझेदारी से स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता, मेंटरशिप एवं व्यावसायिक अवसरों तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही भारत में एक मजबूत, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं नवाचार-संचालित स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र के विकास में योगदान मिलेगा।

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पीके/केसी/एके


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