स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
देश में खाद्य परीक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए किए गए उपाय
एफएसएसएआई ने खाद्य नमूनों के विश्लेषण के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता प्राप्त 259 प्रयोगशालाओं तथा अपील संबंधी नमूनों के विश्लेषण हेतु 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया
एसओएफटीईएल योजना के तहत 47 राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों से सुसज्जित करके संरचनात्मक रूप से उन्नत किया गया तथा रासायनिक, भारी धातु और जैविक संदूषकों का पता लगाने के लिए 34 विशिष्ट सूक्ष्म जीव विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं
"फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स" ने खाद्य परीक्षण, प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों की व्यापक पहुंच प्रदान की, विशेष रूप से गांवों, शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों में; वर्तमान में, 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 एफएसडब्ल्यू संचालित हैं
"मैजिक बॉक्स" एक कॉम्पैक्ट एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल किट है, जिसमें सात अलग-अलग खाद्य पदार्थों में सामान्य मिलावट का पता लगाने के लिए सरल एवं त्वरित परीक्षण विधियां उपलब्ध हैं
‘डिटेक्ट एडल्टरेशन विद रैपिड टेस्ट’ पुस्तिका में 44 ऐसे परीक्षण शामिल हैं, जिन्हें पानी और आयोडीन टिंचर जैसे सरल घोलों की सहायता से घर पर आसानी से किया जा सकता है
रैपिड एनालिटिकल फूड टेस्टिंग किट उन्नत, उपयोग में आसान, पोर्टेबल और हैंडहेल्ड उपकरण हैं, जिन्हें फील्ड स्तर पर परीक्षण करने के लिए किसी परिष्कृत उपकरण या पारंपरिक अभिकर्मकों की आवश्यकता नहीं होती है; अब तक 88 आरएएफटी किटों को मंजूरी दी गई
प्रविष्टि तिथि:
31 JUL 2026 2:32PM by PIB Delhi
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं आयात को विनियमित करने का दायित्व सौंपा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का कार्यान्वयन एवं प्रवर्तन केंद्र और राज्य सरकारों की साझा जिम्मेदारी है।
खाद्य एवं खाद्य उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण व्यवस्था के अंतर्गत एफएसएसएआई ने खाद्य नमूनों के विश्लेषण हेतु राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता प्राप्त 259 प्रयोगशालाओं तथा अपील संबंधी नमूनों के विश्लेषण के लिए 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया है।
देश में खाद्य परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने वाली एसओएफटीईएल योजना, जिसमें मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (एमएफटीएल) की व्यवस्था भी शामिल है, एफएसएसएआई की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य राज्य खाद्य प्रयोगशालाओं को उन्नयन करना, सूक्ष्मजीव विज्ञान सुविधाओं की स्थापना करना तथा मोबाइल खाद्य परीक्षण वैनों की तैनाती करना है। इस योजना के तहत 47 राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों से सुसज्जित करके उनका ढांचागत उन्नयन किया गया है और रासायनिक, भारी धातु और जैविक संदूषकों का पता लगाने के लिए 34 विशेषीकृत सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। एमएफटीएल या "फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स" (एफएसडब्ल्यू) खाद्य परीक्षण, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम के लिए व्यापक पहुंच प्रदान करता है, विशेष रूप से गांवों, शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों में। वर्तमान में, 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 एफएसडब्ल्यू संचालित हैं।
“मैजिक बॉक्स” एक छोटा और उपयोगकर्ता अनुकूल परीक्षण किट है, जिसमें सात अलग-अलग खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले सामान्य मिलावटों का पता लगाने के लिए सरल और त्वरित परीक्षण विधियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य दूध, मसाले, तेल और अनाज जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करना है।
त्वरित परीक्षण द्वारा मिलावट का पता लगाने (डीएआरटी) वाली पुस्तक में 44 परीक्षण शामिल हैं, जिन्हें घरेलू स्तर पर पानी और आयोडीन टिंचर जैसे सरल घोलों की सहायता से आसानी से किया जा सकता है। ये परीक्षण दूध और दूध उत्पादों, तेल और वसा, चीनी और मिठाई, अनाज और उसके उत्पाद, मसाले आदि जैसे खाद्य पदार्थों के लिए उपयोगी हैं। इन परीक्षणों में खाद्य उत्पादों की प्रामाणिकता स्थापित करने के लिए संवेदी मूल्यांकन परीक्षण भी शामिल हैं। डीएआरटी पुस्तक में चित्रों के माध्यम से शुद्ध और मिलावटी खाद्य उत्पादों के बीच अंतर दर्शाया गया है।
इसके अतिरिक्त, रैपिड एनालिटिकल फूड टेस्टिंग (आरएएफटी) किट उन्नत, उपयोग में आसान, पोर्टेबल एवं हैंडहेल्ड उपकरण हैं, जिनके उपयोग के लिए किसी जटिल उपकरण या पारंपरिक अभिकर्मकों की आवश्यकता नहीं होती। अब तक 88 आरएएफटी किटों को मंजूरी दी जा चुकी हैं। ये किट क्षेत्र स्तर पर खाद्य उत्पादों की जांच में लगने वाले समय को कम करने में मदद करती हैं, जो निगरानी और सर्वेलं आरएएफटी स गतिविधियों में तेजी लाती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2292507)
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