वित्‍त मंत्रालय
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) वित्त वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक निचले स्तर 1.9% पर पहुंच गईं, जिससे बैंकों ने ₹1.98 लाख करोड़ का अब तक का उच्चतम शुद्ध लाभ प्राप्त किया; इसके साथ ही कुल कारोबार ₹283 लाख करोड़ से अधिक हो गया


वित्त वर्ष 2025-26 में प्रमुख क्षेत्रों में क्रेडिट में प्रगति में तेजी आई; एमएसएमई और खुदरा लोन में क्रमशः 19.6% और 19.8% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई

प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 3:27PM by PIB Delhi

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला, जिनमें स्वस्थ बैलेंस शीट, ऐतिहासिक रूप से अधिक मुनाफा और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) का कई दशकों का निचला स्तर शामिल है।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसबी) के बीते पांच वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन मापदंड और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट में गिरावट का विवरण नीचे दिया गया है:

(लाख करोड़में)

वित्तीय पैमाने

31.3.2022

31.3.2023

31.3.2024

31.3.2025

31.3.2026

कुल कारोबार

181.5

203.2

226.7

251.7

283.3

कुुल जमा

107.2

117.1

129

142

156.3

कुल लोन एवं अग्रिम

74.3

86.1

97.7

109.8

127

कुल मुनाफा

0.67

1.05

1.41

1.78

1.98

ग्रॉस एनपीए (%)

7.3

5

3.5

2.6

1.9

पूंजी पर्याप्तता - सीआरएआर (%)

14.6

15.5

15.6

16.1

16.6

 

#स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक

इसके साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार क्रेडिट में बढ़ोतरी दर्ज की है। खुदरा, कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से दर्ज की गई क्षेत्रवार क्रेडिट में हुई प्रगति नीचे दी गई है:

 

(वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि % में)

क्रेडिट में हुई प्रगति

31.3.2022

31.3.2023

31.3.2024

31.3.2025

31.3.2026

खुदरा लोन

12.9

20.2

12.6

17.7

19.8

कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए लोन

6.7

18.8

16.9

9.8

16.2

एमएसएमई लोन

-1.7

9

11

9.8

19.6

इंफ्रास्ट्रक्चर लोन*

-14.7

33.7

5.9

2.2

4.9

#स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक

*केवल औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित

पश्चिम एशिया संकट के चलते व्यवसायों को होने वाली अल्पकालिक नकदी संकट से निपटने के लिए सरकार ने मई 2026 में आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस 5.0) शुरू की। यह योजना पात्र उधारकर्ताओं को दी गई अतिरिक्त क्रेडिट सुविधा के अंतर्गत डिफ़ॉल्ट राशि के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के माध्यम से सदस्य लेंडिंग संस्थानों (एमएलआई) को गारंटी प्रदान करती है। यह योजना एमएसएमई के लिए 100% और गैर-एमएसएमई तथा अनुसूचित यात्री विमानन क्षेत्र के लिए 90% गारंटी प्रदान करती है, जो ₹2,55,000 करोड़ तक के क्रेडिट फ्लो के लिए है, जिसमें ₹5,000 करोड़ विशेष रूप से अनुसूचित यात्री विमानन क्षेत्र के लिए निर्धारित हैं।

 

ईसीएलजीएस 5.0 के अंतर्गत, एयरलाइन क्षेत्र के उधारकर्ता वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान, यानी 1.1.2026 से 31.3.2026 तक (दोनों तिथियां शामिल) अपने कुल अधिकतम बकाया क्रेडिट (निधि-आधारित और गैर-निधि-आधारित दोनों) के 100% तक की सहायता के पात्र हैं। ईसीएलजीएस 5.0 के अंतर्गत एयरलाइन क्षेत्र के लिए उपलब्ध अधिकतम कर्ज राशि प्रति उधारकर्ता ₹1,500 करोड़ (इसमें से, ₹1,000 करोड़ से अधिक और ₹1,500 करोड़ तक की कोई भी राशि केवल प्रमोटरों/मालिकों के आनुपातिक इक्विटी योगदान के साथ ही अनुमत होगीहै।

वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमएम

 


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