संचार मंत्रालय
डाक विभाग और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने मिलकर भारत का सबसे बड़ा ग्राम-स्तरीय टेलीकॉम नेटवर्क गुणवत्ता प्रदर्शन का सर्वेक्षण करने के लिए साझेदारी की
प्रविष्टि तिथि:
10 JUL 2026 6:54PM by PIB Delhi
संचार मंत्रालय के डाक विभाग (डीओपी) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को व्यापक बनाने व ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत देश के 5.68 लाख से अधिक गांवों में विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के मोबाइल नेटवर्क के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए देशव्यापी ऐप-आधारित सर्वेक्षण किया जाएगा, जिनमें भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया तथा भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) शामिल हैं। यह पहल केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के नेतृत्व में शुरू की गई है। इसका उद्देश्य देश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना, दूरसंचार सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा डिजिटल इंडिया अभियान को और अधिक गति प्रदान करना है।

(डाक विभाग और ट्राई ने देशव्यापी मोबाइल नेटवर्क प्रदर्शन सर्वेक्षण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।)
दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक-केंद्रित सेवाएं एवं ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के संयुक्त सलाहकार (ब्रॉडबैंड व नीति विश्लेषण) श्री एस. एम. के. चंद्रा ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
डाक विभाग के 1.40 लाख से अधिक ग्रामीण शाखा डाकघरों के व्यापक नेटवर्क का उपयोग करते हुए यह सर्वेक्षण ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) अपनी दैनिक डाक वितरण गतिविधियों के दौरान करेंगे। इसके लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा विशेष रूप से विकसित एंड्रॉयड-आधारित मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गांवों को शामिल करने वाली इस पहल के माध्यम से मोबाइल नेटवर्क के प्रदर्शन से जुड़ा जमीनी स्तर का विश्वसनीय आंकड़ा उपलब्ध होगा। इससे दूरसंचार सेवाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने, नेटवर्क अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण भारत में डिजिटल संपर्क को और बेहतर करने के लिए साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक-केंद्रित सेवाएं एवं ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल ने कहा, “डाक विभाग ने अपनी व्यापक पहुंच और लोगों के भरोसे के बल पर देशभर में नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार के लिए विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ लगातार मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा कि ट्राई के साथ यह साझेदारी सुदृढ़ और विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना के निर्माण के माध्यम से ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। हमारे समर्पित ग्रामीण डाक सेवक और अन्य डाककर्मी जमीनी स्तर पर सटीक आंकड़े एकत्र कर ग्रामीण भारत में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।“
इस मौके पर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रधान सलाहकार (एनएसएल) श्री अरुण अग्रवाल ने कहा, “डाक विभाग के साथ यह सहयोग जमीनी स्तर पर दूरसंचार नेटवर्क के प्रदर्शन का आकलन करने की ट्राई की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा। डाक विभाग का व्यापक फील्ड नेटवर्क विश्वसनीय और व्यवस्थित ढंग से नेटवर्क प्रदर्शन संबंधी आंकड़े एकत्र करने में सहायक होगा। इससे तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित नियामकीय निर्णय लेने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में भी मदद मिलेगी।“
इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत डाक विभाग अपने देशव्यापी डाक नेटवर्क के माध्यम से फील्ड सर्वेक्षण का कार्य करेगा, जबकि ट्राई सर्वेक्षण के लिए मोबाइल ऐप, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण तथा केंद्रीकृत निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराएगा। एक वर्ष की इस साझेदारी से दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल संपर्क से जुड़ी कमियों की पहचान और उनके समाधान के साथ-साथ डिजिटल रूप से सशक्त एवं समावेशी भारत के निर्माण के लक्ष्य को गति मिलने की उम्मीद है।
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पीके/केसी/एनके /डीए
(रिलीज़ आईडी: 2283466)
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