सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
'नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए)' की छठी वर्षगांठ पर 18 अगस्त, 2026 को नशीली दवाओं के दुरूपयोग के खिलाफ देशव्यापी संकल्प दिलाया जाएगा, 12 करोड़ से अधिक नागरिकों के संकल्प लेने की संभावना
प्रविष्टि तिथि:
10 JUL 2026 5:56PM by PIB Delhi
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 'नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए)' की छठी वर्षगांठ पर 18 अगस्त, 2026 को नशीली दवाओं के दुरूपयोग के खिलाफ देशव्यापी सामूहिक संकल्प दिलाने करने की घोषणा की है। मंत्रालय का लक्ष्य स्वयं उपस्थित होकर तथा ऑनलाइन माध्यमों से 12 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प का नेतृत्व करने की संभावना है।
इस संबंध में कार्यान्वयन रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए संयुक्त सचिव (मादक पदार्थ निवारण) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के उद्देश्यों के अनुरूप देशभर में स्वयं उपस्थित होकर एवं ऑनलाइन माध्यमों से निर्धारित संख्या में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना एवं समग्र रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में देशव्यापी नशा मुक्ति संकल्प के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों तथा अन्य हितधारकों को व्यापक रूप से जोड़ने में विभिन्न संबद्ध मंत्रालयों एवं विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में रेल, रक्षा, पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), आयुष मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, राजस्व विभाग के साथ-साथ सामाजिक, स्वयंसेवी एवं आध्यात्मिक संगठनों तथा सोशल इन्फ्लुएंसर्स सहित सभी सम्बद्ध कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) तथा क्षेत्रीय इकाइयों में संकल्प समारोह आयोजित करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के साथ तालमेल के लिए नोडल अधिकारियों को नियुक्त करने तथा प्रतिभागियों की संख्या एवं जन-जागरूकता संबंधी गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करने हेतु एक समान (यूनिफॉर्म) रिपोर्टिंग तंत्र विकसित करने पर भी चर्चा की गई। कार्ययोजना एवं समन्वित रणनीति पर आधारित एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी गई, जिस पर विभिन्न मंत्रालयों एवं संबद्ध विभागों के प्रतिनिधियों ने गहन विचार-विमर्श किया।
'नशा मुक्त भारत अभियान' (एनएमबीए) संकल्प मादक पदार्थों की लत से प्रभावित लोगों तक सहायता एवं सहयोग पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी भावना को प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस संकल्प का उद्देश्य लोगों में नशीले पदार्थों से दूर रहने के प्रति जिम्मेदार व्यवहार और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना, साझा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी हितधारकों के बीच एकता, सहभागिता और प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना तथा युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित और सशक्त बनाना है।
बैठक में नशा मुक्ति हेल्पलाइन–14446 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नशा मुक्ति के लिए सहायता प्राप्त करने तथा दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इसके साथ ही नागरिकों में स्वयंसेवी भावना को बढ़ावा देने और उन्हें विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 'नशा मुक्ति मित्र' के रूप में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करने पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने देश में मादक पदार्थों की मांग से निपटने के लिए 15 अगस्त, 2020 को 'नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए)' का शुभारंभ किया था। सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय नशे की रोकथाम, आकलन, उपचार, पुनर्वास, बाद में देखभाल, जनसूचना का प्रसार तथा सामुदायिक जागरूकता सहित विभिन्न पहलों का समन्वित रूप से संचालन कर रहा है।
भारत में मादक पदार्थों की लत लंबे समय से एक मौन संकट रहा है, जिसने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यक्तियों, परिवारों तथा समुदायों को प्रभावित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए 'नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए)' की शुरुआत देश के 272 संवेदनशील जिलों में की गई। वर्तमान में यह अभियान पूरे देश में फैल चुका है और अब तक 29.26 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुका है। इनमें 11.17 करोड़ से अधिक युवा, 7.90 करोड़ महिलाएं तथा 28.30 लाख से अधिक व्यक्तियों का उपचार एवं पुनर्वास शामिल है। इसके अतिरिक्त, देशभर के 21.34 लाख शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक जन-जागरूकता एवं संपर्क गतिविधियां चल रही हैं और इनकी संख्या निरंतर बढ़ रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि 'नशा मुक्त भारत अभियान' राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवा शक्ति का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि एनएमबीए नियामक एजेंसियों जैसे नारकोटिक्स ब्यूरो, राज्य एवं जिला प्रशासन, पुलिस, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), अस्पतालों आदि को एक साझा मंच पर लाया है ताकि वे भारत को नशामुक्त बनाकर समन्वित तरीके से कार्य कर सकें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान मादक पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या से निपटने के लिए साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि यह अभियान वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा भारत को नशामुक्त बनाने के साझा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी हितधारकों द्वारा संचालित गतिविधियों का समन्वय करने की व्यापक एवं समग्र कार्यप्रणाली पर आधारित है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य नशामुक्त भारत का निर्माण करना है। इस अभियान में युवाओं, महिलाओं तथा समुदाय के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, जिसमें विशेष रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों, युवा क्लबों और महिला समूहों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्परिणामों के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना है। श्री वर्मा ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर रोकथाम और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान एक स्वस्थ एवं खुशहाल समाज के निर्माण का प्रयास करता है तथा नशे की समस्या के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करता है।
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पीके/केसी/केपी /डीए
(रिलीज़ आईडी: 2283448)
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