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टीबीएम ‘दुर्गा’ ने कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन पर सफल ब्रेकथ्रू हासिल किया, जोका–एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर भूमिगत संपर्क को मिली नई गति


यह कॉरिडोर कोलकाता में पूर्व-पश्चिम संपर्क को सुदृढ़ करेगा और यात्रा में लगने वाले समय तथा सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करेगा

सुरंग निर्माण शुरू होने के एक वर्ष बाद खिदिरपुर–विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का निर्माण पूर्ण हुआ, कोलकाता मेट्रो ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हासिल की एक और महत्त्वपूर्ण उपलब्धि

यह नवीनतम उपलब्धि चिंगड़ीघाटा वायाडक्ट के निर्माण पूर्ण होने के बाद हासिल हुई है और कोलकाता मेट्रो विस्तार परियोजनाओं की सतत् प्रगति को दर्शाती है

प्रविष्टि तिथि: 10 JUL 2026 5:53PM by PIB Delhi

कोलकाता मेट्रो ने आज पर्पल लाइन पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘दुर्गा’ के सफल ब्रेकथ्रू के साथ एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही जोका–एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर पर खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच भूमिगत सुरंग के एक हिस्से का निर्माण पूरा हो गया। आज प्राप्त यह उपलब्धि कोलकाता के शहरी जन परिवहन नेटवर्क को सुदृढ़ करने तथा शहर की सबसे महत्त्वपूर्ण मेट्रो विस्तार परियोजनाओं में से एक को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।

प्रमुख अंश:

  • टीबीएम ‘दुर्गा’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू हासिल किया।
  • 10 जुलाई 2025 को शुरू हुए सुरंग निर्माण कार्य के साथ खिदिरपुर–विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का निर्माण पूरा हुआ
  • यह उपलब्धि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, सटीक योजना और सभी हितधारकों के बीच उत्कृष्ट समन्वय की परिचायक है।
  •  सुरंग निर्माण कार्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए तथा सतही यातायात में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करते हुए संपन्न किया गया।
  • जोका–एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर शहर के दक्षिणी क्षेत्रों को केंद्रीय वाणिज्यिक क्षेत्र से जोड़ते हुए कोलकाता में पूर्व–पश्चिम संपर्क में उल्लेखनीय रूप से सुधार करेगा।
  • इस कॉरिडोर से तेज़, सुरक्षित एवं अधिक स्‍थायी सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और सड़कों पर यातायात का दबाव घटेगा।

टीबीएम ‘दुर्गा’ का सफल ब्रेकथ्रू कोलकाता मेट्रो द्वारा पिछले 50 दिनों के दौरान हासिल की गई अनेक महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों की श्रृंखला को आगे बढ़ाता है।

 

इससे पहले कोलकाता मेट्रो ने कवि सुभाष–एयरपोर्ट (ऑरेंज लाइन) कॉरिडोर पर चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर लंबे महत्त्वपूर्ण वायाडक्ट गैप को सफलतापूर्वक पाट कर निर्माण कार्य की एक बड़ी बाधा को दूर किया था, जिससे इस लाइन को शीघ्र पूरा करने की दिशा में प्रगति का मार्ग प्रशस्त हुआ।

 

इसके बाद, कोलकाता दौरे के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मेट्रो विस्तार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जय हिंद विमानबंदर स्टेशन से नोआपाड़ा स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा की, सहयात्रियों से संवाद कर उनकी यात्रा के अनुभव और मेट्रो सेवाओं के संबंध में उनकी प्रतिक्रिया जानी तथा मेट्रो कर्मियों से भी मुलाकात की।

 

मंत्री महोदय ने चिंगड़ीघाटा परियोजना स्थल का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने हाल ही में पूर्ण हुए वायाडक्ट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और परियोजना के तेज़ी से हुए निष्पादन की सराहना की। इस दौरान उन्होंने अगले 4–5 वर्षों में लगभग 60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनों को शामिल किए जाने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2014 के बाद से कोलकाता और उसके आसपास 45 किलोमीटर नए मेट्रो नेटवर्क का संचालन शुरू किया गया है, जबकि वर्ष 2014 से पहले यह आँकड़ा 28 किलोमीटर था।

 

 

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पीके/केसी/पीके


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