उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
भारत उपभोक्ता संरक्षण पर अंकटाड के अंतरसरकारी विशेषज्ञ समूह के नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा
भारत उपभोक्ता संरक्षण पर वैश्विक विचार-विमर्श का नेतृत्व करेगा; संयुक्त राष्ट्र के उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों के शुभारंभ में भाग लेगा
प्रविष्टि तिथि:
05 JUL 2026 1:30PM by PIB Delhi
भारत, संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास (अंकटाड) द्वारा 6 से 8 जुलाई 2026 तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित पैलेस डेस नेशन्स में आयोजित उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह (आईजीई) के नौवें सत्र की अध्यक्षता करेगा। इस सत्र में सदस्य देशों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरणों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों को उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति में उभरते मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे।
संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देशों के तहत गठित अंतर-सरकारी विशेषज्ञ समूह (आईजीई) उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति पर सहयोग और संवाद के लिए प्रमुख अंतर-सरकारी मंच है।
भारत उपभोक्ता संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। जुलाई 2025 में जिनेवा में आयोजित नौवें संयुक्त राष्ट्र प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण सम्मेलन के दौरान, उपभोक्ता मामले विभाग ने सीमा पार उपभोक्ता विवाद समाधान में भारत के अनुभव को साझा किया। इसमें विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) और इसके मुकदमे से पहले के अभिसरण मॉडल के बारे में बताया।
भारत सरकार की ओर से उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे प्रतिनिधित्व करेंगी। उनको अंकटाड द्वारा नौवें सत्र की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया गया है। अध्यक्ष के रूप में, वे तीन दिवसीय विचार-विमर्श की अध्यक्षता करेंगी और सदस्य देशों के बीच प्रमुख वैश्विक उपभोक्ता संरक्षण प्राथमिकताओं पर चर्चा का मार्गदर्शन करेंगी।
सत्र की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2025 में अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा सिद्धांतों का शुभारंभ।
- ‘‘सिद्धांत क्यों मायने रखते हैं’’ पर उच्च स्तरीय अनौपचारिक चर्चा होगी जिसमें भारत भी भाग लेगा।
- सदस्य देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देशों (यूएनजीसीपी) के कार्यान्वयन पर चर्चा।
- उपभोक्ता सूचना एवं शिक्षा, सतत उपभोग, वैश्विक बाजारों में उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू करना और सीमा पार उपभोक्ता संरक्षण पर विचार-विमर्श।
- अर्जेंटीना के उपभोक्ता संरक्षण कानून और नीति की स्वैच्छिक सहकर्मी समीक्षा।
- हाल के कानूनी और संस्थागत घटनाक्रमों की समीक्षा, क्षमता विकास संबंधी पहल और अगली बैठक के लिए रिपोर्ट और अनंतिम एजेंडा।
पिछले चौदह महीनों में, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 36 क्षेत्रों में 91.77 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की वापसी की सुविधा प्रदान की है। इसमें 1.47 लाख से अधिक धन की वापसी संबंधी शिकायतों को मुकदमेबाजी तक पहुंचने से पहले ही हल किया गया है।
विभाग ने एआई-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-जागृति के माध्यम से उपभोक्ता विवाद समाधान को भी मजबूत किया है। यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, वर्चुअल सुनवाई, इलेक्ट्रॉनिक केस प्रबंधन और कार्यवाही तक डिजिटल पहुंच की सुविधा प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और विदेश में रहने वाले उपभोक्ताओं को भी डिजिटल रूप से उपभोक्ता शिकायतें दर्ज करने में सक्षम बनाता है, जिससे सीमा पार उपभोक्ता विवाद के समाधान में सहयोग मिलता है। नौवें सत्र की भारत की अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और प्रभावी उपभोक्ता संरक्षण ढांचे को आगे बढ़ाने में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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पीके/केसी/पीपी/वीके
(रिलीज़ आईडी: 2281275)
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