ग्रामीण विकास मंत्रालय
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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों की सशक्त पहचान बनेगा 'सारस आजीविका'


राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 का आयोजन 28-29 जून को आईसीएआर-एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा में किया जाएगा; श्री शिवराज सिंह चौहान इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

प्रविष्टि तिथि: 26 JUN 2026 7:47PM by PIB Delhi

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की ब्रांडिंग को सुदृढ करने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं। एसएचजी उत्पादों को एक विशिष्ट राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए, मंत्रालय ने सारस, सारस आजीविका और आजीविका जैसे ट्रेडमार्क हासिल किए हैं, जिनका उपयोग राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राज्य और जिला स्तर पर एसएचजी उत्पादों के प्रचार और विपणन के लिए किया जा रहा है। देश भर में आयोजित सारस मेलों के माध्यम से इन ब्रांडों की पहुंच और दृश्यता को और मजबूत किया जा रहा है।

गुणवत्तापूर्ण स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) उत्पादों के लिए एक स्थायी खुदरा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से, मंत्रालय ने बाबा खड़क सिंह मार्ग, नई दिल्ली में सारस आजीविका गैलरी की स्थापना की है, जिसमें पूरे भारत के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित चुनिंदा उत्पादों का प्रदर्शन किया जाता है। इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, मंत्रालय ने ईसारस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमियों को डिजिटल बाजारों तक पहुंच प्राप्त करने और देशभर के उपभोक्ताओं से जुड़ने में मदद मिलती है।

सारस आजीविका ब्रांड ने स्थानीय शिल्पकला की कहानी को महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) उद्यमियों द्वारा बनाए गए प्रामाणिक ग्रामीण उत्पादों के एक संगठित, पहचान योग्य पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने में मदद की है।

इन पहलों को आगे बढ़ाते हुए, मंत्रालय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (आरजीवीएस) 2026 में सारस आजीविका गैलरी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता संबंधी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा। सम्मेलन में माननीय केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, राज्य ग्रामीण विकास मंत्री, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के प्रतिनिधि और अन्य प्रमुख हितधारक एक साथ आकर विकसित ग्रामीण भारत के लिए रोडमैप पर विचार-विमर्श करेंगे। सारस आजीविका गैलरी यह प्रदर्शित करके इन विचार-विमर्शों को पूरक बनाएगी कि कैसे महिला स्वयं सहायता समूह पारंपरिक कौशल को स्थायी आजीविका और सफल उद्यमों में परिवर्तित कर रहे हैं।

आरजीवीएस 2026 में, सारस आजीविका गैलरी देश भर के महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की एक चुनिंदा प्रदर्शनी प्रस्तुत करेगी, जो ग्रामीण भारत की समृद्धि और विविधता को दर्शाती है। इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ियां, पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, गुजरात के पटोला और अजराख वस्त्र, आंध्र प्रदेश की कलमकारी, तेलंगाना के इकत और तेलिया वस्त्र, मिजोरम की पौंचेई, केरल के हथकरघा उत्पाद, राजस्थान के संगमरमर के हस्तशिल्प और भारत भर के ग्रामीण उद्यमों के कई अन्य हस्तनिर्मित और मूल्यवर्धित उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

इस गैलरी में लखपति दीदियों की कृतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी, जो दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सफल महिला नेतृत्व वाले उद्यमों का प्रतिनिधित्व करती हैं और स्वयं सहायता समूह आंदोलन के परिवर्तनकारी प्रभाव को प्रदर्शित करती हैं।

जैसे-जैसे नीति निर्माता विकसित ग्रामीण भारत की दिशा में मार्ग तलाशने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं, सारस पवेलियन दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सफल कार्यान्वयन के एक जीवंत उदाहरण के रूप में काम करेगा, यह प्रदर्शित करते हुए कि कैसे बाजार तक पहुंच, ब्रांडिंग और उद्यम प्रोत्साहन ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी और रोजगार सृजनकर्ता बनने में सक्षम बना रहे हैं।

इस वर्ष के शोकेस का एक प्रमुख आकर्षण सारस शक्ति कलेक्‍शन का शुभारंभ होगा—यह एक सोच-समझकर तैयार किया गया प्रीमियम उपहार संग्रह है जिसमें देश भर की ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल हैं। एक विशिष्ट उपहार समाधान के रूप में डिज़ाइन किया गया यह संग्रह भारत की समृद्ध शिल्प कला विरासत का जश्न मनाता है, साथ ही नए बाजार अवसर पैदा करता है और संस्थागत और व्यापक उपभोक्ता बाजारों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देता है।

सारस शक्ति कलेक्‍शन के लॉन्च से प्रीमियम ग्रामीण उद्यमों को कॉर्पोरेट, सरकारी और संस्थागत बाजारों तक सीधे पहुंचने के लिए एक संरचित मार्ग मिलेगा।

भारत 6 करोड़ लखपति दीदियों के सृजन के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, और इसी क्रम में सारस आजीविका बाजार संबंधों को सुदृढ़ करने, ब्रांडिंग और बाजार पहुंच संबंधी पहलों का विस्तार करने तथा महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए स्थायी अवसर सृजित करने में लगी हुई है। भौतिक खुदरा प्लेटफार्मों, डिजिटल वाणिज्य, राष्ट्रीय प्रदर्शनियों और सारस शक्ति संग्रह जैसे चुनिंदा उत्पाद संग्रहों के साथ-साथ सारस गैलरी के पुनर्निर्माण के माध्यम से, यह पहल ग्रामीण उद्यमियों को व्यापक बाजारों तक पहुंचने में सक्षम बना रही है, साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान दे रही है।

3 करोड़ से अधिक महिला उद्यमियों की सफलता के आधार पर, 2029 तक के रोडमैप में लखपति दीदियों को भारत की ग्रामीण विकास गाथा के केंद्रीय चालक के रूप में स्थापित किया गया है।

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में सारस आजीविका की भागीदारी, महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को मजबूत करने और एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाएगी, जहां ग्रामीण उत्पादक स्थायी आजीविका का निर्माण कर सकें, भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं को संरक्षित कर सकें और समावेशी ग्रामीण विकास में सार्थक योगदान दे सकें।

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पीके/केसी/केएल/एमबी


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