युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 का उद्घाटन किया
"इस चैंपियनशिप के माध्यम से योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी": प्रधानमंत्री मोदी
"जैसे-जैसे योगासन खेल का विस्तार होगा, नई संभावनाएं और करियर के अवसर भी बढ़ेंगे": प्रधानमंत्री मोदी
"अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले, विश्व योगासन चैंपियनशिप स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की दोगुनी सौगात लेकर आई है": प्रधानमंत्री मोदी
"जब भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेल और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करेगा, हमारा लक्ष्य है कि योगासन इन वैश्विक खेल आयोजनों का हिस्सा बने," डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा
विश्व योगासन चैंपियनशिप ने 60 से अधिक देशों के शीर्ष योगासन एथलीटों और प्रतिनिधिमंडलों को एक साझा मंच दिया है
प्रविष्टि तिथि:
04 JUN 2026 9:21PM by PIB Delhi
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अहमदाबाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पहली 'विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026' का उद्घाटन किया।
चैंपियनशिप की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले, विश्व योगासन चैंपियनशिप स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की दोगुनी सौगात लेकर आई है।”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हर जीवित परंपरा समय के साथ एक नए चरण में प्रवेश करती है। उन्होंने इस चैंपियनशिप को योग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।
“हर जीवित परंपरा समय के साथ नए चरणों में प्रवेश करती है। ये योगासन खेलों की विश्व चैंपियनशिप ऐसे नए चरण की शुरुआत को दर्शाती है।”
खेलों के व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हर प्रमुख खेल अपने चारों ओर एक पूरा इकोसिस्टम तैयार करता है।

पीएम मोदी ने कहा, “जैसे-जैसे योगासन खेल का विस्तार होगा, इससे जुड़ी नई संभावनाएँ भी बढ़ेंगी। यह एथलीटों के लिए करियर के नए अवसर लाएगा और प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और आयोजन प्रबंधकों के लिए अवसर पैदा करेगा।”
प्रतिभागियों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व योगासन चैंपियनशिप का महत्व केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आगे तक है।
उन्होंने कहा, “इस प्रतियोगिता को चाहे कोई भी जीते, इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय का हिस्सा बनकर आप सभी पहले ही चैंपियन बन चुके हैं।”
प्रधानमंत्री ने चैंपियनशिप में भाग ले रहे एथलीटों से आयुष मंत्रालय के ‘योग 365’ अभियान के एम्बेसडर बनने की अपील की और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे योग का संदेश अपने देशों में वापस लेकर जाएं और इस प्राचीन अभ्यास में पूरे साल की भागीदारी को प्रेरित करें।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि योगासन अंततः अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में अपनी जगह बनाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि योगासन चैम्पियनशिप भारत और वैश्विक योग समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

उन्होंने कहा, "विश्व योगासन चैम्पियनशिप भारत में शुरू हो रही है; इसके पहले आयोजन में, 78 देशों और 500 से अधिक एथलीट एक साथ आए हैं। यह देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।”
खेल मंत्री ने आगे इस बात पर ज़ोर दिया कि योगासन अब एक प्रतियोगी खेल के रूप में उभर रहा है और इस परिवर्तन में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा, "जब भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेल और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करेगा, तो हमारी महत्वाकांक्षा यह है कि योगासन इन वैश्विक खेल आयोजनों का हिस्सा बने।”
उद्घाटन समारोह में गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल; गुजरात सरकार में गृह, खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधि के माननीय राज्य मंत्री श्री हर्ष संघवी और विश्व योगासन के माननीय अध्यक्ष स्वामी रामदेव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
विश्व योगासन चैंपियनशिप ने युगांडा, ज़ाम्बिया, श्रीलंका, नेपाल, केन्या, जापान, ओमान, मॉरीशस और नीदरलैंड्स सहित 60 से अधिक देशों के बेहतरीन योगासन एथलीटों और प्रतिनिधिमंडलों को एक साझा मंच प्रदान किया है और इसका उद्देश्य योगासन को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल विधा के रूप में स्थापित करना है।

पीके/केसी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2269170)
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