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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए जोर देकर कहा कि भारत का बढ़ता सामर्थ्य उसके लोगों के संकल्प और समर्पण से प्रेरित


प्रविष्टि तिथि: 15 MAY 2026 2:25PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जीवन के गहरे अनुभवों, नैतिक शिक्षाओं, नीति और सदाचार व्यक्त करने वाले संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक मंच पर भारत का निरंतर उत्थान उसके लोगों के दृढ़ संकल्प, कड़े परिश्रम और सामूहिक भावना से प्रेरित है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“यथाशक्ति चिकीर्षन्ति यथाशक्ति च कुर्वते।
किञ्चिदवमन्यन्ते नराः पण्डितबुद्धयः॥”

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने संदेश में लिखा;

“देशवासियों के इन्हीं गुणों से भारत आज अपने सामर्थ्य को निरंतर बढ़ा रहा है…

“यथाशक्ति चिकीर्षन्ति यथाशक्ति च कुर्वते।

न किञ्चिदवमन्यन्ते नराः पण्डितबुद्धयः॥”

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पीके/केसी/एकेवी/एसके


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