प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने सोमनाथ, गुजरात की झलकियां साझा कीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शाश्वत मंदिर सभ्यतागत साहस और अटूट भक्ति का प्रतीक
प्रविष्टि तिथि:
11 MAY 2026 5:04PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमनाथ अमृत महोत्सव की झलकियां साझा कीं।
प्रधानमंत्री ने पवित्र सोमनाथ मंदिर के शिखर पर गर्व से लहराते पवित्र ध्वज को देखकर कहा कि यह भारत की आस्था की विजय का प्रतीक और लाखों भारतीयों की सामूहिक चेतना की दिव्य घोषणा है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि सोमनाथ के शिखर पर लहराता भगवा ध्वज अटूट श्रद्धा की जीवंत विजय गाथा है जो अनंत काल तक भारत का गौरव गान और हर भारतीय को प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।
मंदिर के इतिहास का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक हजार साल पहले सोमनाथ पर पहला हमला उन लोगों ने किया था जो समझते थे कि वे भूमि की आत्मा को चकनाचूर कर सकते हैं, पर भारत माता के उन वीर सपूतों को नमन जिनसे सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण होता रहा। श्री मोदी ने कहा कि आज से पचहत्तर वर्ष पहले इसी दिन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर के कपाट खुले थे, और विश्व को यह संदेश दिया गया था कि हमलावर तो इतिहास की मिट्टी में मिल गए लेकिन भारत की आत्मा सदा अमर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ शाश्वत और अडिग है। यह हमारे सभ्यतागत साहस और अटूट श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने सब पर सदा महादेव की कृपा बनी रहने की प्रार्थना की।
एक्स पर कई पोस्टों की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने लिखा:
"हजार साल पहले, सोमनाथ पर कई हमलों में से पहला हमला हुआ था। ऐसे हमलावर सोचते थे कि वे हमारी भूमि की संस्कृति नष्ट कर देंगे। लेकिन वे गलत थे। भारत माता के वीर सपूतों की बदौलत सोमनाथ का पुनर्निर्माण होता रहा।"
आज से पचहत्तर साल पहले इसी दिन, तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर के कपाट खोले गए और दुनिया को संदेश दिया गया कि हमलावर तो इतिहास की धूल में मिल गए लेकिन भारत की आत्मा अमर है।
सोमनाथ अडिग और शाश्वत है। यह हमारी सभ्यतागत साहस और अटूट श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। हम सब पर महादेव की कृपा सदा बनी रहे।
"आज सोमनाथ से कुछ और झलकियाँ..."
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पीके/केसी/एकेवी/एमयू
(रिलीज़ आईडी: 2259964)
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