श्रम और रोजगार मंत्रालय
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मियों और श्रमिकों की लू से सुरक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी परामर्श जारी किया है
प्रविष्टि तिथि:
28 APR 2026 1:54PM by PIB Delhi
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उनसे संबद्ध संगठनों को परामर्श जारी किया है। मंत्रालय ने देश भर में बढ़ते तापमान और लू की स्थिति के प्रतिकूल प्रभावों से कर्मियों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल निवारक और राहत संबंधी कदम उठाने का आग्रह किया है।
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों/प्रशासकों को भेजे गए पत्र में सभी कर्मियों, विशेष रूप से घरों से बाहर और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सभी क्षेत्रों में समन्वित और बहु-आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियोक्ताओं, ठेकेदारों-पट्टेदारों, उद्योगों और निर्माण कंपनियों के लिए श्रमिकों की सुरक्षा के उपायों के तत्काल कार्यान्वयन के उद्देश्य से आवश्यक निर्देश जारी करने की सलाह दी गई है जिनमें शामिल हैं:
- विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों/श्रमिकों के लिए काम के घंटों के पुनर्निर्धारण की अनुमति देना
- पर्याप्त पेयजल सुविधाएं सुनिश्चित करना और विश्राम के क्षेत्रों तथा कार्यस्थलों को ठंडा रखने की व्यवस्था करना
- निर्माण कार्यस्थलों सहित ऐसी सभी जगहों पर कार्य परिस्थितियों की आवश्यकता के अनुसार आपातकालीन आइस पैक और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव की सामग्री उपलब्ध कराना
- कर्मियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय
कारखानों और खदानों के प्रबंधन को श्रमिकों के लिए अधिक लचीलापन प्रदान करने का परामर्श दिया गया है जिनमें अत्यधिक गर्मी के दौरान काम की गति धीमी करना, जहां निरंतर काम अपरिहार्य हो वहां दो व्यक्तियों के दल को नियुक्त करना, विश्राम के लिए जगह प्रदान करना तथा पर्याप्त हवा आने और स्थान को ठंडा रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों, ईंट भट्ठों में काम करने वाले श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और अस्थायी श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने की संस्तुति की गई है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को श्रमिकों के एकत्र होने के स्थानों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है तथा इसके साथ ही लू से सुरक्षा संबंधी संदेशों और आपातकालीन संपर्क संबंधी विवरणों वाले पोस्टर और बैनर लगाने के लिए भी कहा गया है।
राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षण बोर्ड के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीटीएनबीडब्ल्यूई) को लू से बचाव और प्रबंधन पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का परामर्श दिया गया है जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
- लू लगने के कारण और प्रभाव
- कामकाज के सुरक्षित तौर-तरीके जैसे, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और आराम के लिए छुट्टी
- गर्मी के कारण तनाव के लक्षणों की शीघ्र पहचान
- कार्यस्थल और सामुदायिक स्तर पर निवारक रणनीतियां
- आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के उपाय।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और श्रम कल्याण महानिदेशालय ( डीजीएलडब्ल्यू) के अधीन अस्पतालों और औषधालयों को लू लगने के मामलों के लिए समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित करने और ओआरएस, आइस पैक तथा लू से होने वाली अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए सामग्री का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
इसके अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त (सीएलसी) और खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) जैसी प्रवर्तन एजेंसियों से कामकाज के लिए सुरक्षित परिस्थितियों, पेयजल, कार्यस्थल को हवादार बनाने, उन्हें ठंडा रखने की सुविधाओं और समय-समय पर श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच से संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की निगरानी करने का अनुरोध किया गया है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) को भी परामर्श दिया गया है कि वे अपनी ओर से आयोजित शिविरों और जागरूकता गतिविधियों के दौरान कार्यस्थलों को ठंडा और हवादार बनाए रखने तथा पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
सभी संगठनों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे इस संबंध में की गई कार्रवाई और गतिविधियों के संबंध में पाक्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि आगे समीक्षा और निगरानी की जा सके।
मंत्रालय ने पुनः यह भी कहा है कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान श्रमिकों के स्वास्थ्य, उनकी सुरक्षा और उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए समय पर निवारक कार्रवाई और कड़ी निगरानी आवश्यक है।
*****
पीके/केसी/केके/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2256205)
आगंतुक पटल : 166