पंचायती राज मंत्रालय
केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्थानीय शासन को बढ़ावा देने के लिए 8 राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत 1536 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि वितरित की
अरुणाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया गया
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 4:26PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अरुणाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तराखंड में पंचायती राज संस्थाओं ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के बद्ध और अबद्ध अनुदान जारी किए हैं। इस राशि में नियमित किश्तें और विभिन्न वित्तीय वर्षों से रोकी गई राशियां शामिल हैं। इन राज्यों में ग्रामीण स्थानीय शासन को और मजबूत बनाने के लिए कुल 1,536.14 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जारी किए गए (बद्ध और अबद्ध) अनुदानों का राज्यवार विवरण:
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क्रम संख्या
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राज्य का नाम
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अनुदान घटक
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राशि (करोड़ रुपये में)
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किस्त / वर्ष
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राज्य की पात्र पंचायतें
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1.
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अरुणाचल प्रदेश
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बद्ध
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53.10
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वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए पहली किस्त
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सभी 25 पात्र डीपी और सभी 2108 पात्र जीपी
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2.
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गोवा
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बद्ध
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18.27
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वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहली किस्त
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सभी 2 पात्र डीपी और 187 पात्र जीपी
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3.
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गुजरात
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अबद्ध
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2.98
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली और दूसरी किस्तों का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त 1 पात्र बीपी, 21 पात्र जीपी और सभी 23 नवगठित जीपी (दोनों किस्तों के लिए)
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बद्ध
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4.47
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली और दूसरी किस्तों का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त 1 पात्र बीपी, 21 पात्र जीपी और सभी 23 नवगठित जीपी (दोनों किस्तों के लिए)
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4.
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झारखंड
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बद्ध
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405.23
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली किस्त
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सभी 24 पात्र डीपी, सभी 264 पात्र बीपी और 4344 पात्र जीपी
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बद्ध
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2.67
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वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहली किस्त का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त 11 पात्र बीपी और 1 पात्र जीपी भी शामिल हैं।
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बद्ध
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2.67
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वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए दूसरी किस्त का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त 11 पात्र बीपी और 1 पात्र जीपी भी शामिल हैं।
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5.
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ओडिशा
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बद्ध
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53.13
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली और दूसरी किस्तों का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त, 10 पात्र डीपी, 17 पात्र बीपी और 40 पात्र जीपी (दोनों किस्तों के लिए) और 15 पात्र जीपी (केवल दूसरी किस्त के लिए) भी पात्र हैं।
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6.
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राजस्थान
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बद्ध
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466.79
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दूसरी किस्त
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32 योग्य डीपी, 347 योग्य बीपी और 3857 योग्य जीपी
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बद्ध
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15.44
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली किस्त का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त 8 पात्र जेडपी और 8 पात्र बीपी
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7.
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तेलंगाना
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बद्ध
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371.91
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली किस्त
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12600 पात्र जीपी
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8.
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उत्तराखंड
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बद्ध
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136.58
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दूसरी किस्त
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सभी 13 पात्र डीपी, 94 पात्र बीपी और 7766 पात्र जीपी
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बद्ध
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2.90
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली किस्त का रोका गया हिस्सा
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इसके अतिरिक्त 2 योग्य बीपी और 198 योग्य जीपी भी शामिल हैं।
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कुल योग
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1,536.14 करोड़ रुपये
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*जीपी/बीपी/जेडपी : ग्राम पंचायतें / ब्लॉक पंचायतें / जिला पंचायतें
पृष्ठभूमि
सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने पंद्रहवें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को अनुदान प्रदान करने संबंधी परिचालन दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान जारी करने की सिफारिश की गई है, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान की सिफारिश की जाती है और एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है। पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशें 31 मार्च 2026 तक छह साल की अवधि के लिए हैं।
अबद्ध अनुदानों का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस विषयों के अंतर्गत वेतन और अन्य लागतों के अलावा स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जाता है।
बद्ध अनुदानों का उपयोग स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त स्थिति के रखरखाव, घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार तथा मानव मल का प्रबंधन, पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन एवं जल पुनर्चक्रण आदि बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।
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पीके/केसी/जेके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2247902)
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