मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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राष्ट्रीय गोकुल मिशन की उपलब्धियां

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 11:38AM by PIB Delhi

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों और उपलब्धियों का विवरण अनुलग्‍नक-I में दिया गया है। आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति द्वारा अनुमोदित राष्ट्रीय गोकुल मिशन के 14 घटकों में से 11 घटकों के लक्ष्य प्राप्त कर लिए गए हैं। तीन घटकों अर्थात् भ्रूण द्वारा सांडों का प्रजनन, सांडों का आयात और आईवीएफ तकनीक का कार्यान्वयन में उपलब्धि कम रही है क्योंकि नई तकनीक की उच्च लागत के कारण किसानों में इसकी स्वीकार्यता कम रही। भारत सरकार ने हाल ही में आईवीएफ तकनीक की लागत कम करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित आईवीएफ मीडिया शुभारंभ किया है। इन सभी चुनौतियों के बावजूद पिछले 11 वर्षों में दूध उत्पादन में 69.41 प्रतिशत  की वृद्धि हुई है, जो 2014-15 में 146.3 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 247.87 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में 52.03 प्रतिशत  की वृद्धि हुई है, जो 2014-15 में 319 ग्राम प्रति दिन से बढ़कर 2024-25 में 485 ग्राम प्रति दिन हो गई है। वर्ष 2014-15 और 2024-25 के बीच गायों और भैंसों की समग्र उत्पादकता में 36.63 प्रतिशत  से अधिक की वृद्धि हुई है, जो विश्व में उच्चतम उत्पादकता वृद्धि दर है।

योजना के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं देखी गई है। दिसंबर 2014 में इसकी शुरुआत से ही सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस योजना के कार्यान्वयन में भाग ले रहे हैं। योजना से लाभान्वित किसानों का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

(घ) पिछले तीन वर्षों के दौरान देश में मवेशियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत की गई पहलों का विवरण निम्नलिखित है:

(i) कृत्रिम गर्भाधान कवरेज बढ़ाने और स्वदेशी नस्लों सहित मवेशियों के दूध उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के लिए राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कवरेज का कार्यान्वयन: पिछले तीन वर्षों के दौरान 5.44 करोड़ पशुओं को कवर किया गया, 9.72 करोड़ कृत्रिम गर्भाधान किए गए और देश भर में 2.97 करोड़ किसानों को लाभ हुआ।

(ii) किसानों के घर पर कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान करने के लिए ग्रामीण भारत में बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (मैत्री) की नियुक्ति: पिछले तीन वर्षों के दौरान 42096 मैत्री को नियुक्त किया गया है।

(iii) उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडों के प्रजनन के लिए संतान परीक्षण और वंशावली चयन का कार्यान्वयन, जिसमें स्वदेशी नस्लों के सांड भी शामिल हैं। अब तक 4620 उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडों का प्रजनन किया गया है। वीर्य उत्पादन के लिए वीर्य स्टेशनों को उपलब्ध कराया गया है।

(iv) स्वदेशी नस्लों सहित उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले सांडों के लिंग-विभाजित वीर्य का उपयोग करके त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम।

(v) स्वदेशी नस्लों के श्रेष्ठ पशुओं के प्रजनन के लिए इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तकनीक का उपयोग करके त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम: अब तक इस कार्यक्रम के तहत कुल 7957 भ्रूण स्थानांतरित किए गए हैं और 1149 बछड़े पैदा हुए हैं।

(vi) देश भर में स्वदेशी नस्लों के नस्ल गुणन फार्मों की स्थापना: इस घटक के अंतर्गत 132 नस्ल गुणन फार्म स्वीकृत किए गए हैं।

(vii) वीर्य उत्पादन में गुणात्मक और मात्रात्मक सुधार प्राप्त करने के लिए वीर्य स्टेशनों को सुदृढ़ करना, जिसमें स्वदेशी नस्लों के वीर्य भी शामिल हैं, और अब तक 48 वीर्य स्टेशनों को सुदृढ़ करने की मंजूरी दी जा चुकी है।

(viii) इस योजना के अंतर्गत किसानों को स्वदेशी मवेशी नस्लों के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए प्रजनन शिविर, दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता, बछड़ा रैलियां, किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार और कार्यशालाएं, सम्मेलन आदि आयोजित किए गए हैं।

अनुलग्नक- I

राष्‍ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत प्राप्त लक्ष्य और उपलब्धियां

राष्‍ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत घटक

लक्ष्य

उपलब्धियां

मौजूदा वीर्य परीक्षण केंद्रों को सुदृढ़ बनाना

(संख्या में)

44

48

वंश परीक्षण (बैल संख्या में)

3,700

4,620

भ्रूणों के माध्यम से सांडों का प्रजनन (संख्या में)

7,900

वंशावली चयन (बैल संख्या में)

1,000

जीनोमिक चयन (संख्या में)

50,000

82,058

सांडों का आयात (सांडों की संख्या)

1,000

250

आईवीएफ तकनीक का कार्यान्वयन

1,15,000

36,536 भ्रूण स्थानांतरित किए गए और 3,761 बछड़ों का जन्म हुआ।

24,167 भ्रूण उत्पन्न हुए।

ईटीटी/आईवीएफ प्रयोगशालाओं की स्थापना (संख्या में)

10

24

नस्ल गुणन फार्म (संख्या में)

125

132

कई स्थानों पर मैत्रियों की नियुक्ति

40,000

42096

विभिन्न स्थानों पर मैत्रियों का प्रशिक्षण

40,000

एआई प्रोग्राम (लाखों जानवरों की संख्या)

165

152.90

लिंग के आधार पर वर्गीकृत वीर्य का प्रचार-प्रसार (लाखों खुराकों में)

12.20

13.5

कौशल विकास

74,333

74,630

अनुलग्नक- II

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से लाभान्वित किसानों की राज्यवार संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

किसानों को लाभ

(संख्याओं में)

 

 

आंध्र प्रदेश

3463229

 

अरुणाचल प्रदेश

1836

 

असम

1484692

 

बिहार

2737811

 

छत्तीसगढ

1173820

 

गोवा

9303

 

गुजरात

3462220

 

हरियाणा

457706

 

हिमाचल प्रदेश

1386269

 

जम्मू और कश्मीर

1653206

 

झारखंड

1897927

 

कर्नाटक

5368976

 

लद्दाख

6242

 

मध्य प्रदेश

5188597

 

महाराष्ट्र

3862268

 

मणिपुर

16629

 

मेघालय

16275

 

मिजोरम

3905

 

नगालैंड

17026

 

ओडिशा

3138487

 

पंजाब

636970

 

राजस्थान

4356180

 

सिक्किम

35812

 

तमिलनाडु

2344774

 

तेलंगाना

1775785

 

त्रिपुरा

220728

 

उत्‍तर प्रदेश

8087203

 

उत्तराखंड

1077423

 

पश्चिम बंगाल

3539101

 

कुल

57420400

 

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एचएन/वाईबी


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