स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम पर अपडेट
ग्रामीण और अल्प सेवा प्राप्त क्षेत्रों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गार्डसिल-4 वैक्सीन की एकल खुराक निःशुल्क दी जाती है
भारत सरकार ने देश की महिलाओं में इस रोग का प्रकोप कम करने के उद्देश्य से स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान और समय पर उपचार सहित बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 1:15PM by PIB Delhi
देशव्यापी निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान 28 फरवरी 2026 को आरम्भ किया गया था, जिसका लक्ष्य सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 14 वर्ष की आयु की लगभग 1.2 करोड़ पात्र लाभार्थी लड़कियों को टीका लगाना था। गार्डसिल-4 का एकल खुराक टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप-जिला अस्पताल (एसडीएच)/जिला अस्पताल (डीएच) और सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) शामिल हैं, में ग्रामीण और अल्प सुविधा प्राप्त क्षेत्रों सहित सभी क्षेत्रों में निःशुल्क दिया जा रहा है। तीन महीने के अभियान की अवधि के बाद, टीका नियमित टीकाकरण दिवसों पर उपलब्ध रहेगा।
टीकाकरण चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में किया जा रहा है और टीकाकरण केंद्रों को टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल स्थितियों (एईएफआई) के त्वरित प्रबंधन के लिए 24x7 प्रबंधन केंद्रों से जोड़ा गया है। एचपीवी टीकाकरण स्वैच्छिक है और टीका लगाने से पहले माता-पिता की सहमति अनिवार्य है। एचपीवी टीकाकरण अभियान के संचालन संबंधी दिशानिर्देश सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भेज दिए गए हैं।
भारत सरकार ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के विरुद्ध व्यापक रोकथाम कार्यनीतियां कार्यान्वित की हैं, जिनमें स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान और समय पर उपचार जैसे बहुआयामी दृष्टिकोण शामिल हैं। इनका उद्देश्य देश में महिलाओं में इस रोग के प्रकोप को कम करना है। वैश्विक साक्ष्यों के आधार पर, एचपीवी टीकाकरण को इन पहलों के पूरक के रूप में भारत में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की व्याप्ति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए परिकल्पित किया गया है।
अनुमोदित एचपीवी टीकों की प्रभावशीलता का विवरण उत्पाद विशेषताओं के सारांश (एसएमपीसी) में प्रकाशित किया जाता है, जो सीडीएससीओ की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेजे/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2241143)
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