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रेल मंत्रालय
भारतीय रेलवे ने में देश भर में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 1,900 किलोमीटर से अधिक लंबी महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं पूरी कीं
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला, बैराबी-सैरांग, पुणे-मिराज-लोंडा और कटनी-बीना लाइन सहित प्रमुख रेलवे परियोजनाएं पूरी हुईं प्रमुख रेल परियोजनाओं के प्रभावी और त्वरित कार्यान्वयन से यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी मजबूत हुई, माल ढुलाई दक्षता में बढ़ोतरी हुई और ये भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान कर रहे हैं भारतीय रेलवे ने बीते 5 वर्ष में नेटवर्क क्षमता विस्तार के लिए ₹2,93,000 करोड़ की लागत से 308 नई लाइन, गेज रूपांतरण और दोहरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी
प्रविष्टि तिथि:
13 MAR 2026 5:27PM by PIB Delhi
भारतीय रेलवे ने बीते 11 वर्ष में रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है। भारतीय रेलवे में नई पटरियों के निर्माण/ बिछाने का विवरण नीचे दिया गया है:-
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अवधि
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शुरू किए गए नए ट्रैक
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नए ट्रैक शुरू करने का औसत
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2009-14
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7,599 किलोमीटर
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4.2 किलोमीटर/ दिन
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2014-25
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34,428 किलोमीटर
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8.6 किलोमीटर/ दिन (2 बार से अधिक)
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हाल ही में पूरी की गई कुछ परियोजनाएं निम्नलिखित हैं:
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क्रम संख्या
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परियोजना का नाम
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लंबाई
(किलोमीटर में)
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1
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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला नई लाइन
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272
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2
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भैरबी-सैरांग नई लाइन
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51
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3
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देवबंद-रुड़की नई लाइन
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27
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4
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चूरू-रतनगढ़ का का दोहरीकरण
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43
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5
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टोरी-शिवपुर तीसरी लाइन
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44
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6
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अररिया-गलगलिया नई लाइन
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110
|
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7
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हिम्मतनगर - खेडब्रह्मा गेज रूपांतरण
|
55
|
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8
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बहराईच-नानपारा-नेपालगंज गेज परिवर्तन
|
56
|
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9
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डोमिनगढ़-गोरखपुर-कुसुमी तीसरी लाइन और गोरखपुर-नकहा का का दोहरीकरण
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21
|
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10
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विजापुर - अंबालियासन गेज रूपांतरण
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43
|
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11
|
पुणे-मिराज-लोंडा का का दोहरीकरण
|
467
|
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12
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मनमाड-जलगांव तीसरी लाइन
|
160
|
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13
|
फेफना-इंदारा-मऊ-शाहगंज का का दोहरीकरण
|
150
|
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14
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अदराज-मोती-विजापुर गेज परिवर्तन
|
40
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15
|
कटनी-बीना तीसरी लाइन
|
279
|
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16
|
गांधीधाम-आदिपुर चतुर्भुज
|
21
|
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17
|
खाटूवास-नारनौल का का दोहरीकरण
|
24
|
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18
|
पेनुकोंडा- धर्मावरम का का दोहरीकरण
|
42
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रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देती हैं, जिनमें शामिल हैं:
- देश के दूसरे भागों से क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी
- वस्तुओं और सेवाओं की सुगम आवाजाही
- रसद दक्षता में सुधार और परिवहन लागत में कमी
- लाइन क्षमता में बढ़ोतरी
- क्षेत्र के लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी
- परिचालन संबंधी बाधाओं में कमी
- पर्यटन उद्योग का विकास और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी
किसी भी रेलवे परियोजना की मंजूरी कई मापदंडों/ कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- प्रस्तावित मार्ग का अनुमानित यातायात और लाभकारिता
- परियोजना से मिलने वाली पहली और अंतिम बिंदु तक कनेक्टिविटी
- छूटे हुए लिंक को जोड़ना और अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध कराना
- भीड़भाड़ वाली/ संतृप्त लाइनों का विस्तार
- राज्य सरकारों/ केंद्रीय मंत्रालयों/ जन प्रतिनिधियों की ओर से उठ रही मांगें
- रेलवे की अपनी परिचालन जरूरतें
- सामाजिक-आर्थिक विचार
- कुल मिलाकर उपलब्ध धनराशि
रेलवे परियोजना/ परियोजनाओं का पूरा होना कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- भूमि अधिग्रहण
- वनों की मंजूरी
- अतिक्रमणकारी संरचनाओं का स्थानांतरण
- विभिन्न प्राधिकरणों से वैधानिक स्वीकृतियां
- क्षेत्र की भौगोलिक और स्थलाकृतिक स्थितियां
- परियोजना स्थल के क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति
- किसी विशेष परियोजना स्थल के लिए एक वर्ष में काम के महीनों की संख्या आदि
रेल परियोजनाओं के प्रभावी और त्वरित कार्यान्वयन के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों में शामिल हैं:
- निधि आवंटन में पर्याप्त बढ़ोतरी
- जमीनी स्तर पर शक्तियों को सौंपना
- विभिन्न स्तरों पर परियोजना की प्रगति की गहन निगरानी
- भूमि अधिग्रहण, वन और वन्यजीव संबंधी स्वीकृतियों में तेजी लाने और परियोजनाओं से संबंधित अन्य मुद्दों के समाधान के लिए राज्य सरकारों और संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित तौर पर संपर्क
बीते 5 वर्ष में भारतीय रेलवे पर लगभग ₹2,93,000 करोड़ की लागत से 308 परियोजनाएं (नई लाइन, गेज रूपांतरण और दोहरीकरण) मंजूर की गई हैं। इससे रेलवे नेटवर्क की ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी
स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं में से कुछ इस प्रकार हैं:
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क्रम संख्या
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परियोजना का नाम
|
लागत
(करोड़ ₹ में)
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1
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चोपन-चुनार का दोहरीकरण (102 किलोमीटर)
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1,553
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|
2
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गुंटूर-बीबीनगर का दोहरीकरण (239 किलोमीटर)
|
3,238
|
|
3
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मुदखेड - मेडचल और महबूबनगर - धोण का दोहरीकरण (418 किलोमीटर)
|
5,655
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4
|
सामाखियाली - गांधीधाम चौगुना करना (53 किलोमीटर)
|
1,571
|
|
5
|
मेड़ता सिटी - मेड़ता रोड पर रास एवं बाईपास नई लाइन (56 किलोमीटर)
|
1,038
|
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6
|
लुमडिंग - फुर्केटिंग का दोहरीकरण (140 किलोमीटर)
|
2,334
|
|
7
|
अजमेर-चंदेरिया का दोहरीकरण (178 किलोमीटर)
|
1,813
|
|
8
|
मोटुमारी - विष्णुपुरम आरओआर के दोहरीकरण के साथ (100 किलोमीटर)
|
1,746
|
|
9
|
गंगा नदी पर नए पुल के साथ बिक्रमशिला-कटरेहा नई लाइन (26 किलोमीटर)
|
2,549
|
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10
|
गुनुपुर-थेरुबली नई लाइन (74 किलोमीटर)
|
1,326
|
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11
|
मल्कानगिरि-पांडुरंगपुरम नई लाइन (174 किलोमीटर)
|
4,109
|
|
12
|
बादामपहाड़-केंदुझारगढ़ नई लाइन (82 किलोमीटर)
|
2,106
|
|
13
|
जूनागढ़ - नबरंगपुर नई लाइन (116 किलोमीटर)
|
3,274
|
|
14
|
बुरमारा – चाकुलिया नई लाइन (60 किलोमीटर)
|
1,639
|
|
15
|
अजंता गुफाओं के लिए रेल कनेक्टिविटी (174 किलोमीटर)
|
7,105
|
|
16
|
बंग्रिपोसी - गोरुमहिसानी नई लाइन (86 किलोमीटर)
|
2,549
|
|
17
|
चांडिल - अनारा - दामोदर तीसरी लाइन (121 किलोमीटर)
|
2,170
|
|
18
|
बरगढ़ रोड - नवापारा रोड नई लाइन (138 किलोमीटर)
|
2,926
|
|
19
|
सरडेगा-भालूमुड़ा नई दोहरी लाइन (37 किलोमीटर)
|
1,360
|
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20
|
वाराणसी-पं. गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल के साथ दीन दयाल उपाध्याय मल्टीट्रैकिंग (15 किलोमीटर)
|
2,642
|
|
21
|
जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किलोमीटर)
|
2,773
|
|
22
|
भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किलोमीटर)
|
3,514
|
|
23
|
संबलपुर - जरापाड़ा तीसरी और चौथी लाइन (127 किलोमीटर)
|
3,916
|
|
24
|
झारसुगुड़ा - सासोन तीसरी और चौथी लाइन (35 किलोमीटर)
|
1,181
|
|
25
|
गोंदिया-बल्लारशाह का का दोहरीकरण (240 किलोमीटर)
|
4,819
|
|
26
|
खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा 5वीं और 6वीं लाइन (278 किलोमीटर)
|
8,741
|
|
27
|
वर्धा - बल्हारशाह चौगुनी करना (135 किलोमीटर)
|
2,381
|
|
28
|
बल्लारी - चिकजाजुर का दोहरीकरण (185 किलोमीटर)
|
3,342
|
|
29
|
कोडरमा-बरकाकाना का दोहरीकरण (133 किलोमीटर)
|
3,063
|
|
30
|
इटारसी-नागपुर चौथी लाइन (297 किलोमीटर)
|
5,451
|
|
31
|
डांगोआपोसी - जारोली तीसरी और चौथी लाइन (43 किलोमीटर)
|
1,752
|
|
32
|
सिकंदराबाद - वाडी तीसरी और चौथी लाइन (173 किलोमीटर)
|
5,012
|
|
33
|
फुर्केटिंग - न्यू तिनसुकिया का दोहरीकरण (194 किलोमीटर)
|
3,634
|
|
34
|
बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया का दोहरीकरण (104 किलोमीटर)
|
2,192
|
|
35
|
गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन (84 किलोमीटर)
|
2,223
|
|
36
|
वर्धा-भुसावल तीसरी और चौथी लाइन (314 किलोमीटर)
|
9,197
|
|
37
|
होसपेटे - बेल्लारी चौगुनी (65 किलोमीटर)
|
2,372
|
|
38
|
कसारा - मनमाड तीसरी और चौथी लाइन (131 किलोमीटर)
|
10,154
|
|
39
|
पुनारख - किऊल तीसरी और चौथी लाइन (50 किलोमीटर)
|
2,668
|
|
40
|
गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन (55 किलोमीटर)
|
1,168
|
|
41
|
सैंथिया-पाखुर चौथी लाइन (81 किलोमीटर)
|
1,569
|
|
42
|
संतरागाछी-खड़गपुर चौथी लाइन (111 किलोमीटर)
|
2,905
|
|
43
|
नेरगुंडी - बारंग और खुर्दा रोड - विजयनगरम तीसरी लाइन (385 किलोमीटर)
|
5,618
|
|
44
|
सोन नगर - अंडाल मल्टी ट्रैकिंग (375 किलोमीटर)
|
13,606
|
|
45
|
गोरखपुर कैंट-वाल्मीकि नगर का दोहरीकरण (96 किलोमीटर)
|
1,270
|
|
46
|
जयपुर-सवाई माधोपुर का दोहरीकरण (131 किलोमीटर)
|
1,269
|
|
47
|
लूनी-समदड़ी-भीलड़ी का दोहरीकरण (272 किलोमीटर)
|
3,531
|
|
48
|
नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढी-मुजफ्फरपुर का दोहरीकरण (256 किलोमीटर)"
|
4,553
|
|
49
|
प्रयागराज (इरादतगंज) - मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किलोमीटर)
|
1,640
|
|
50
|
तिरूपति - पकाला - काटपाडी का दोहरीकरण (104 किलोमीटर)
|
1,332
|
|
51
|
रतलाम-नागदा तीसरी और चौथी लाइन (41 किलोमीटर)
|
1,018
|
|
52
|
अलुआबारी रोड - न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी और चौथी लाइन (57 किलोमीटर)
|
1,786
|
|
53
|
औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) - परभणी (177 किलोमीटर)
|
2,179
|
|
54
|
भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट का दोहरीकरण (177 किलोमीटर)
|
3,169
|
|
55
|
इटारसी-बीना चौथी लाइन (237 किलोमीटर)
|
4,329
|
|
56
|
वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन (259 किलोमीटर)
|
8,885
|
|
57
|
देवभूमि द्वारका (ओखा) - कनालस का दोहरीकरण (141 किलोमीटर)
|
1,457
|
|
58
|
बदलापुर-कर्जत तीसरी और चौथी लाइन (32 किलोमीटर)
|
1,324
|
|
59
|
दिल्ली-अंबाला कैंट तीसरी और चौथी लाइन (194 किलोमीटर)
|
5,983
|
|
60
|
गोंदिया-जबलपुर का दोहरीकरण (231 किलोमीटर)
|
5,236
|
|
61
|
मनमाड-इंदौर नई लाइन (360 किलोमीटर)
|
18,529
|
|
62
|
एर्रुपेलम - अमरावती - नंबूर नई लाइन (57 किलोमीटर)
|
2,245
|
|
63
|
वधावन बंदरगाह और न्यू पालघर स्टेशन नई दोहरी लाइन (22 किलोमीटर)
|
1,507
|
|
64
|
देशलपर-हाजीपीर-लूना और वायोर-लखपत नई लाइन (145 किलोमीटर)
|
2,526
|
यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में प्रश्नों के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2240048)
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